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453 गांव,1948 बुखार के मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 17 Jun 2016 12:30 AM IST
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- फोटो : Getty Images
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सहारनपुर जनपद में बुखार तेजी से पैर पसार रहा है। गंगोह, सरसावा, नकुड़, सढ़ौली कदीम आदि क्षेत्रों में यह बीमारी तेजी से बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग की सर्वे रिपोर्ट भी इसका खुलासा कर चुकी है।
रिपोर्ट पर नजर डालें तो 453 गांवों में 1948 मरीज बुखार से पीड़ित है। बरसात से पहले ही मलेरिया के सात मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई है। कारण, बरसात के मौसम में बीमारियों की आशंका बनी रहेगी। ऐसे में अब इन गांवों में मच्छरों को नहीं पनपने देने की कवायद शुरू की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हाल ही में जनपद के यमुना किनारे स्थित सैकड़ों गांवों का सर्वे किया था। सर्वे रिपोर्ट आने से पहले ही विभिन्न गांवों में बुखार, मलेरिया और टायफाइड आदि के प्रकोप फैलने की आशंका जतायी जा रही थी।
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अब शासन से आई सर्वे रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ तो हर कोई हैरान रह गया। रिपोर्ट में 453 गांवों में ही 1948 बुखार के मरीज मिले। विभाग सहारनपुर के सरसावा, गंगोह और साढ़ौली कदीम ब्लॉक को पहले ही हाई रिस्क एरिया घोषित कर चुका है।
पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से जल जनित रोगों का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में विभाग ने चुनौतियों से निपटने के लिए नए सिरे से तैयारियां शुरू कर दी है।
सहारनपुर जनपद में सफाई की व्यवस्था को दूरस्थ करने के साथ ही जलभराव को रोकना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। सफाई कर्मचारियों की लापरवाही के चलते शहर से लेकर देहात तक जगह जगह कूड़े के ढेर लगे रहते है।
बारिश के बाद ऐसी जगहों पर मच्छर बढ़ी संख्या में पैर पसार लेते है। ऐसे में सफाई का अभाव और जलभराव से भी बुखार, मलेरिया आदि के मरीज बढ़ रहे है।
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रिपोर्ट पर नजर डालें तो 453 गांवों में 1948 मरीज बुखार से पीड़ित है। बरसात से पहले ही मलेरिया के सात मरीजों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई है। कारण, बरसात के मौसम में बीमारियों की आशंका बनी रहेगी। ऐसे में अब इन गांवों में मच्छरों को नहीं पनपने देने की कवायद शुरू की जा रही है।
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उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हाल ही में जनपद के यमुना किनारे स्थित सैकड़ों गांवों का सर्वे किया था। सर्वे रिपोर्ट आने से पहले ही विभिन्न गांवों में बुखार, मलेरिया और टायफाइड आदि के प्रकोप फैलने की आशंका जतायी जा रही थी।
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अब शासन से आई सर्वे रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ तो हर कोई हैरान रह गया। रिपोर्ट में 453 गांवों में ही 1948 बुखार के मरीज मिले। विभाग सहारनपुर के सरसावा, गंगोह और साढ़ौली कदीम ब्लॉक को पहले ही हाई रिस्क एरिया घोषित कर चुका है।
पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से जल जनित रोगों का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में विभाग ने चुनौतियों से निपटने के लिए नए सिरे से तैयारियां शुरू कर दी है।
सहारनपुर जनपद में सफाई की व्यवस्था को दूरस्थ करने के साथ ही जलभराव को रोकना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। सफाई कर्मचारियों की लापरवाही के चलते शहर से लेकर देहात तक जगह जगह कूड़े के ढेर लगे रहते है।
बारिश के बाद ऐसी जगहों पर मच्छर बढ़ी संख्या में पैर पसार लेते है। ऐसे में सफाई का अभाव और जलभराव से भी बुखार, मलेरिया आदि के मरीज बढ़ रहे है।