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Saharanpur News: बढ़े टैक्स पर बांटे जा चुके 42 हजार नोटिस, नौ हजार ने जता दी आपत्ति

Tue, 10 Feb 2026 12:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Feb 2026 12:57 AM IST
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42,000 notices have been distributed regarding the increased tax, and 9,000 have objected.
- आवासीय भवनों को जारी होने हैं 72 हजार नोटिस, अभी तक बांटे गए 42 हजार
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- जीआईएस सर्वे में कई गुणा तक टैक्स बढ़ने से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नवादा रोड निवासी अमन सिंह ने बताया कि पहले उनके मकान का टैक्स 600 रुपये आता था। अब जीआईएस सर्वे के बाद वह बढ़कर 1,669 हो गया है, जो नोटिस दिया गया है। उसमें क्षेत्रफल अधिक लिखा है। इसी प्रकार वार्ड 13 की लीलावती ने बताया कि पहले उनके मकान का टैक्स 700 रुपये आता था, जो अब बढ़ाकर 2,156 कर दिया गया है। इस तरह चार से पांच गुणा बढ़े टैक्स को लेकर भवन स्वामियों में खलबली है। यह महज एक उदाहरण है। नगर निगम में इस तरह के अब तक नौ हजार लोग आपत्ति जता चुके हैं, जबकि अभी तक जीआईएस सर्वे आधारित पूरे नोटिस/बिल भी नहीं बंटे हैं।
दरअसल, महानगर में व्यावसायिक और आवासीय भवनों पर टैक्स निर्धारित करने के लिए शासन ने एक प्राइवेट कंपनी से महानगर का सर्वे कराया है। सर्वे के आधार पर नगर निगम द्वारा पूर्व में करीब 37 हजार व्यावसायिक भवनों को नोटिस/बिल जारी किए गए थे, जिन्हें लेकर जमकर विरोध हुआ था। व्यापारियों और उद्यमियों का आरोप था कि टैक्स सौ गुणा तक बढ़ा दिया गया है। हंगामे और विरोध के बाद नगर निगम ने आपत्तियां मांगी थी। तब करीब छह हजार आपत्तियां आई थी। इतनी आपत्तियों को देखते हुए नगर निगम ने स्वकर निर्धारण प्रणाली लागू कर दी। उसके बाद व्यावसायिक भवन स्वामियों ने स्वकर के प्रपत्र भरकर टैक्स जमा कराया है।
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इसके बाद नगर निगम ने 72 हजार आवासीय भवनों के नोटिस/बिल जारी होने हैं, जो जीआईएस सर्वे आधारित हैं। अभी तक करीब 42 हजार नोटिस/बिल भेजे जा चुके हैं, जिन पर अभी तक करीब नौ हजार आपत्तियां आ चुकी हैं। प्रपत्र के रूप में हैं, जिनमें लोगों द्वारा जीआईएस सर्वे में भरे गए भवनों के क्षेत्रफल को गलत ठहराया गया है।
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- गलत सूचना भरी तो लगेगा जुर्माना
लोग जीआईएस सर्वे आधारित टैक्स पर आपत्ति लगा रहे हैं। इसके लिए स्वकर प्रपत्र भरकर जमा करा रहे हैं। निगम अधिकारियों की अपील है कि कोई भी भवन स्वामी टैक्स कम कराने के लिए वास्तविक क्षेत्रफल से कम न भरें, क्योंकि निगम सभी की जांच कराएगा। जांच में यदि भरे गए क्षेत्रफल से अधिक पाया जाता है तो जुर्माना लगेगा।

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टैक्स के दायरे में आई संपत्तियां
कुल संपत्ति-----2.13 लाख
आवासीय------1.43 लाख
व्यावसायिक----37 हजार
अन्य---------33 हजार
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आवासीय भवनों के जीआईएस सर्वे आधारित नोटिस/बिल बांटे जा रहे हैं। कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है, जिसके लिए स्वकर प्रपत्र भरकर जमा कराए हैं, जो भी स्वकर प्रपत्र भरे गए हैं। उन सभी की जांच होगी। यदि किसी ने कम भरा तो जुर्माना लगेगा। - सुधीर शर्मा, कर अधीक्षक
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