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शादियों में होने वाली फिजूल खर्ची को रोके मुसलमान: मुफ्ती
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:33 AM IST
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शादियों में होने वाली फिजूल खर्ची को रोके मुसलमान: मुफ्ती
चिलकाना (सहारनपुर)। मुसलमानों को बच्चों की शादी में हो रही फिजूलखर्ची पर रोक लगानी चाहिए। फिजूल खर्ची न करके अपने आसपास गरीबों की मदद करने में सहयोग करना चाहिए। सोमवार की रात अमरोहा से आए मुफ्ती खुर्शीद अनवर ने सुल्तानपुर स्थित छप्पर वाली मस्जिद में इस्लाह ए मुआशरा के दौरान कहा कि आज मुस्लिम समाज के बच्चे बड़े-बड़े मोबाइल लेकर फिजूलखर्ची करने में लगे हैं तथा उन मोबाइलों का गलत इस्तेमाल करके गलत रास्तों पर चल रहे हैं। आज मुस्लिम समाज अपनी फजूलखर्ची के कारण पिछड़ता हुआ जा रहा है। शादियों में फिजूलखर्ची हो रही है। कहा कि हर मुस्लिम को चाहिए कि ऐसी शिक्षा से बचा जाए जो बच्चों का भविष्य खराब कर रही हो।
मुफ्ती अनीस उर्रहमान मजाहिरी ने कहा कि आज मुस्लिम समाज की युवा पीढ़ी नशे की और दौड़ रही है। नशाखोरी की लत को पूरा करने के लिए उन्हें चोरी, मिलावटखोरी आदि गलत काम करने पड़ते हैं, इसके जिम्मेदार वह मां-बाप है जिनके द्वारा बच्चों को मदरसों की तालीम न दिला कर अन्य जगहों पर अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेज दिया है। मुसलमानों को चाहिए कि अपने बच्चों को मदरसों में दीनी व दुनियावी तालीम दिलवाएं ताकि आने वाली पीढ़ी कुरआन के बताये रास्ते पर चलकर जिंदगी बिता सके।
इस दौरान मौलाना गय्यूर हुसैन मजाहिरी, कारी नदीम, कारी सरफराज हाशमी, मौलाना इस्माइल हुसैन, मौलवी अहबाब, कारी सादिक, मुफ्ती हैदर, डा. शहजाद आलम, डा. जिया कुरैशी, लियाकत कुरैशी, शहजाद, मुफ्ती इमरान ,शाहनवाज, फिरोज, सगीर, प्रवेज, तजीर आदि मौजूद थे।
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चिलकाना (सहारनपुर)। मुसलमानों को बच्चों की शादी में हो रही फिजूलखर्ची पर रोक लगानी चाहिए। फिजूल खर्ची न करके अपने आसपास गरीबों की मदद करने में सहयोग करना चाहिए। सोमवार की रात अमरोहा से आए मुफ्ती खुर्शीद अनवर ने सुल्तानपुर स्थित छप्पर वाली मस्जिद में इस्लाह ए मुआशरा के दौरान कहा कि आज मुस्लिम समाज के बच्चे बड़े-बड़े मोबाइल लेकर फिजूलखर्ची करने में लगे हैं तथा उन मोबाइलों का गलत इस्तेमाल करके गलत रास्तों पर चल रहे हैं। आज मुस्लिम समाज अपनी फजूलखर्ची के कारण पिछड़ता हुआ जा रहा है। शादियों में फिजूलखर्ची हो रही है। कहा कि हर मुस्लिम को चाहिए कि ऐसी शिक्षा से बचा जाए जो बच्चों का भविष्य खराब कर रही हो।
मुफ्ती अनीस उर्रहमान मजाहिरी ने कहा कि आज मुस्लिम समाज की युवा पीढ़ी नशे की और दौड़ रही है। नशाखोरी की लत को पूरा करने के लिए उन्हें चोरी, मिलावटखोरी आदि गलत काम करने पड़ते हैं, इसके जिम्मेदार वह मां-बाप है जिनके द्वारा बच्चों को मदरसों की तालीम न दिला कर अन्य जगहों पर अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेज दिया है। मुसलमानों को चाहिए कि अपने बच्चों को मदरसों में दीनी व दुनियावी तालीम दिलवाएं ताकि आने वाली पीढ़ी कुरआन के बताये रास्ते पर चलकर जिंदगी बिता सके।
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इस दौरान मौलाना गय्यूर हुसैन मजाहिरी, कारी नदीम, कारी सरफराज हाशमी, मौलाना इस्माइल हुसैन, मौलवी अहबाब, कारी सादिक, मुफ्ती हैदर, डा. शहजाद आलम, डा. जिया कुरैशी, लियाकत कुरैशी, शहजाद, मुफ्ती इमरान ,शाहनवाज, फिरोज, सगीर, प्रवेज, तजीर आदि मौजूद थे।
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