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ग्रामीण विकास की धुरी है प्रधान: डीएम
Updated Tue, 13 Mar 2018 10:48 PM IST
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ग्रामीण विकास की धुरी हैं ग्राम प्रधान : डीएम
सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने कहा कि ग्राम प्रधान ग्रामीण विकास की धुरी हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में विकास कार्य बिना प्रधान के पूरा नहीं हो सकते। उन्होंने संक्रामक रोग फैलने से रोकने के लिए गांवों में सफाई पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
मंगलवार को देहरादून रोड स्थित एक सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन/ सिफ्सा की ओर से जिलास्तरीय ग्राम प्रधान सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के हाथ में ग्राम्य विकास की अपार संभावनाएं हैं। जब कार्य किए जाते हैं तो विरोध भी होता है। लेकिन ऐसे में आपको अपने विकास के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम प्रधान का दायित्व ग्राम के विकास के साथ ही सरकारी संपत्तियों की रक्षा करना भी है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के बारे में यदि प्रधान समय से कार्रवाई करें तो ऐसे कब्जों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव के हित में कार्ययोजना के तहत कार्य कराया जाए और सभी कार्यों का लेखा जोखा रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानों को जांच से डरने की जरूरत नहीं है। ईमानदार ग्राम प्रधानों को हर स्तर पर संरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रसार के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। एसएसपी बबलू कुमार, मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन, मुख्य चिकित्साधिकारी बीएस सोढ़ी, मंडलीय परियोजना प्रबंधक सिफ्सा/ एनएचएम अरविन्द गोस्वामी सहित अन्य मौजूद रहे।
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सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने कहा कि ग्राम प्रधान ग्रामीण विकास की धुरी हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में विकास कार्य बिना प्रधान के पूरा नहीं हो सकते। उन्होंने संक्रामक रोग फैलने से रोकने के लिए गांवों में सफाई पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
मंगलवार को देहरादून रोड स्थित एक सभागार में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन/ सिफ्सा की ओर से जिलास्तरीय ग्राम प्रधान सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के हाथ में ग्राम्य विकास की अपार संभावनाएं हैं। जब कार्य किए जाते हैं तो विरोध भी होता है। लेकिन ऐसे में आपको अपने विकास के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए।
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जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम प्रधान का दायित्व ग्राम के विकास के साथ ही सरकारी संपत्तियों की रक्षा करना भी है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के बारे में यदि प्रधान समय से कार्रवाई करें तो ऐसे कब्जों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांव के हित में कार्ययोजना के तहत कार्य कराया जाए और सभी कार्यों का लेखा जोखा रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानों को जांच से डरने की जरूरत नहीं है। ईमानदार ग्राम प्रधानों को हर स्तर पर संरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रसार के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। एसएसपी बबलू कुमार, मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन, मुख्य चिकित्साधिकारी बीएस सोढ़ी, मंडलीय परियोजना प्रबंधक सिफ्सा/ एनएचएम अरविन्द गोस्वामी सहित अन्य मौजूद रहे।
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