{"_id":"5a808b2c4f1c1b805a8b93d5","slug":"41518373676-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढमोला नदी चिन्हिकरण मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढमोला नदी चिन्हिकरण मामला
Updated Sun, 11 Feb 2018 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। नगर विधायक संजय गर्ग ने ढमोला के किनारे बसी कालोनियों का दौराकर प्रशासन से मांग की है कि वर्ष 2004-05 में हुए चिह्निकरण के आधार पर ही ढमोला नदी से अतिक्रमण हटाया जाए। उन्होंने कहा कि इसके किनारे बसी कालोनी वासियों ने विकास प्राधिकरण से नक्शा पास कराकर मकान बनाए हुए हैं। साथ ही वे लंबे समय से नगर निगम को टैक्स भी अदा कर रहे हैं।
रविवार को नगर विधायक ने डीएम पीके पांडे से मिलकर आग्रह किया कि पुराने सीमांकन के आधार पर अतिक्रमण हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अब जो चिह्निकरण हो रहा है उसकी चपेट में करीब दो दर्जन कालोनियां आ रही हैं। उस पर कार्रवाई हुई तो बड़ी संख्या में लोग बेघर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
उधर, कृष्णा धाम, देवपुरम, राधा विहार, न्यू गोपाल नगर, रणजीत नगर, सेतिया विहार, अमरदीप कालोनी, संत नगर, शांति नगर, जनक नगर, खान आलमपुरा, ब्रजेश नगर, कपिल विहार, ब्रह्मपुरी, पंजाबी बाग कालोनी वासियों ने मुख्यमंत्री को इस बाबत ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि सभी मकान वालों के पास बैनामे हैं और नगर निगम को हाउस व वाटर टैक्स देते हैं। विद्युत निगम ने इन मकानों में बिजली के कनेक्शन भी दे रखे हैं। अब प्रशासन द्वारा जो पैमाइश कराई जा रही है उसकी जद में काफी मकान आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वहां रहने वालों के मकान टूट गए तो वे बर्बाद हो जाएंगे। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि जहां इस समय नदी बह रही है उसके किनारों पर ही पेचिंग कार्य कराया जाए। इससे हजारों लोग उजड़ने से बचेंगे। अनुज माहेश्वरी, प्रदीप कुमार, सविता, मांगेराम, नरेंद्र, राकेश कुमार, संजय गुप्ता, दिनेश गुप्ता, दीपा, अंकित लांबा, सुदेशना, राजेश, बादल, अजय, सुनील, ममता आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को नगर विधायक ने डीएम पीके पांडे से मिलकर आग्रह किया कि पुराने सीमांकन के आधार पर अतिक्रमण हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अब जो चिह्निकरण हो रहा है उसकी चपेट में करीब दो दर्जन कालोनियां आ रही हैं। उस पर कार्रवाई हुई तो बड़ी संख्या में लोग बेघर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
विज्ञापन
उधर, कृष्णा धाम, देवपुरम, राधा विहार, न्यू गोपाल नगर, रणजीत नगर, सेतिया विहार, अमरदीप कालोनी, संत नगर, शांति नगर, जनक नगर, खान आलमपुरा, ब्रजेश नगर, कपिल विहार, ब्रह्मपुरी, पंजाबी बाग कालोनी वासियों ने मुख्यमंत्री को इस बाबत ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि सभी मकान वालों के पास बैनामे हैं और नगर निगम को हाउस व वाटर टैक्स देते हैं। विद्युत निगम ने इन मकानों में बिजली के कनेक्शन भी दे रखे हैं। अब प्रशासन द्वारा जो पैमाइश कराई जा रही है उसकी जद में काफी मकान आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वहां रहने वालों के मकान टूट गए तो वे बर्बाद हो जाएंगे। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि जहां इस समय नदी बह रही है उसके किनारों पर ही पेचिंग कार्य कराया जाए। इससे हजारों लोग उजड़ने से बचेंगे। अनुज माहेश्वरी, प्रदीप कुमार, सविता, मांगेराम, नरेंद्र, राकेश कुमार, संजय गुप्ता, दिनेश गुप्ता, दीपा, अंकित लांबा, सुदेशना, राजेश, बादल, अजय, सुनील, ममता आदि रहे।
विज्ञापन