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भुुगतान में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों को डीएम ने फटकार लगाई
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:48 AM IST
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सहारनपुर। गन्ना मूल्य भुुगतान करने में कोताही बरतने वाली चीनी मिलों को जिलाधिकारी पीके पांडे ने फटकार लगाई है। उन्होंने शुगर मिल प्रबंधकों को गन्ना मूल्य भुगतान करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। चीनी मिल प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को बताया कि चीनी के रेट में आई गिरावट के चलते गन्ना मूल्य भुगतान का समय से नहीं हो पा रहा है।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। डीएम ने कहा कि चीनी मिलें सरकार मंशा के अनुरूप गन्ना भुगतान में तेजी लाएं, जिससे किसानों को समय से गन्ना मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि मिल प्रबंधक चीनी के गिरते दामों, शीरे की समस्या तथा परिवहन रिबेट के बारे में शासन को अपना प्रत्यावेदन देते हुए हमें सूचित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी चीनी मिल द्वारा गन्ना खरीद में हीलाहवाली या अनियमितता की गई तो उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जाएगी। डीएम ने गांगनौली चीनी मिल के मालिकान को भी गन्ना भुगतान में तेजी के लिए पत्र भेजने का निर्देश दिया। चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रतिदिन चीनी के दामों में गिरावट आ रही है, उससे गन्ना भुगतान का संकट बढ़ता जा रहा है। जो चीनी मिलें चीनी बेचकर गन्ना भुगतान कर रही हैं, उनकी चीनी नहीं बिक पा रही है। चीनी मिल प्रतिनिधियों ने गन्ना भुगतान में पिछड़ने वाली चीनी मिलों के वाह्य गन्ना क्रय केंद्रों से किराया कटौती (परिवहन रिबेट) ना काटने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में केवल हमारे जनपद में ही परिवहन रिबेट का लाभ चीनी मिलों को नहीं मिल रहा है। इसलिए इस पर उचित आदेश पारित कर परिवहन रिबेट का लाभ जनपद की चीनी मिलों को दिलाया जाए। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी, देवबंद चीनी मिल से डॉ. बीएस तोमर, गांगनौली के यूनिट हेड वाई पी सिंह, शेरमऊ से राकेश दीक्षित , गागलहेड़ी से आदित्य काम्बोज, नानौता से प्रधान प्रबंधक एसडी सिंह, सरसावा के प्रधान प्रबंधक चेतन शर्मा आदि रहे।
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मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। डीएम ने कहा कि चीनी मिलें सरकार मंशा के अनुरूप गन्ना भुगतान में तेजी लाएं, जिससे किसानों को समय से गन्ना मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि मिल प्रबंधक चीनी के गिरते दामों, शीरे की समस्या तथा परिवहन रिबेट के बारे में शासन को अपना प्रत्यावेदन देते हुए हमें सूचित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी चीनी मिल द्वारा गन्ना खरीद में हीलाहवाली या अनियमितता की गई तो उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जाएगी। डीएम ने गांगनौली चीनी मिल के मालिकान को भी गन्ना भुगतान में तेजी के लिए पत्र भेजने का निर्देश दिया। चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रतिदिन चीनी के दामों में गिरावट आ रही है, उससे गन्ना भुगतान का संकट बढ़ता जा रहा है। जो चीनी मिलें चीनी बेचकर गन्ना भुगतान कर रही हैं, उनकी चीनी नहीं बिक पा रही है। चीनी मिल प्रतिनिधियों ने गन्ना भुगतान में पिछड़ने वाली चीनी मिलों के वाह्य गन्ना क्रय केंद्रों से किराया कटौती (परिवहन रिबेट) ना काटने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में केवल हमारे जनपद में ही परिवहन रिबेट का लाभ चीनी मिलों को नहीं मिल रहा है। इसलिए इस पर उचित आदेश पारित कर परिवहन रिबेट का लाभ जनपद की चीनी मिलों को दिलाया जाए। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी, देवबंद चीनी मिल से डॉ. बीएस तोमर, गांगनौली के यूनिट हेड वाई पी सिंह, शेरमऊ से राकेश दीक्षित , गागलहेड़ी से आदित्य काम्बोज, नानौता से प्रधान प्रबंधक एसडी सिंह, सरसावा के प्रधान प्रबंधक चेतन शर्मा आदि रहे।
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