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शराब ठेके के विरोध में थाने पहुंची महिलाएं
Updated Mon, 14 Aug 2017 12:36 AM IST
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शराब ठेके के विरोध में थाने पहुंची महिलाएं
बेहट (सहारनपुर)। दलित बस्ती में सड़क किनारे शराब का ठेका खुलने के विरोध में रविवार को करौंदी गांव की महिलाएं ग्राम प्रधान के साथ कोतवाली पहुंची और पुलिस से ठेका बंद कराए जाने की मांग की।
ग्राम प्रधान सुमन देवी की अगुवाई में कोतवाली पहुंची गांव करौंदी की दलित महिलाओं ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक से गांव में उनकी बस्ती में सड़क किनारे खुलने जा रहे शराब के ठेके को बंद कराए जाने की मांग की। ग्राम प्रधान और महिलाओं का कहना था कि बस्ती बस्ती में ठेका खुलने से माहौल खराब होगा। ठेका पर शराबियों का जमावड़ा लगा रहेगा, जिससे बहू-बेटियां सड़क के उस पर कूड़ा डालने भी नहीं जा पाएगी। दूसरे छोटी उम्र के बच्चों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। उनके पति शराब पीकर उनके साथ पहले ही मारपीट करते हैं। बस्ती में ठेका खुलने से वह दिन रात शराब का सेवन करेंगे, जिससे उनके परिवार बर्बाद हो जाएंगे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने ग्राम प्रधान और महिलाओं को बताया कि ठेका कानूनी प्रक्रिया के तहत खुल रहा है। यदि उन्हें इससे दिक्कत है तो वह डीएम साहब को प्रार्थना पत्र दें। अधिकारियों का आदेश प्राप्त होते ही वह ठेके को बस्ती से हटवा देंगे। इस पर महिलाएं वापस लौट गई। कोतवाली पहुंची महिलाओं में संतोष, निर्मला, ममता, मांगी, कृष्णा, चंद्रकला, रविता, रीना, शिल्पा आदि शामिल रही।
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बेहट (सहारनपुर)। दलित बस्ती में सड़क किनारे शराब का ठेका खुलने के विरोध में रविवार को करौंदी गांव की महिलाएं ग्राम प्रधान के साथ कोतवाली पहुंची और पुलिस से ठेका बंद कराए जाने की मांग की।
ग्राम प्रधान सुमन देवी की अगुवाई में कोतवाली पहुंची गांव करौंदी की दलित महिलाओं ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक से गांव में उनकी बस्ती में सड़क किनारे खुलने जा रहे शराब के ठेके को बंद कराए जाने की मांग की। ग्राम प्रधान और महिलाओं का कहना था कि बस्ती बस्ती में ठेका खुलने से माहौल खराब होगा। ठेका पर शराबियों का जमावड़ा लगा रहेगा, जिससे बहू-बेटियां सड़क के उस पर कूड़ा डालने भी नहीं जा पाएगी। दूसरे छोटी उम्र के बच्चों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। उनके पति शराब पीकर उनके साथ पहले ही मारपीट करते हैं। बस्ती में ठेका खुलने से वह दिन रात शराब का सेवन करेंगे, जिससे उनके परिवार बर्बाद हो जाएंगे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने ग्राम प्रधान और महिलाओं को बताया कि ठेका कानूनी प्रक्रिया के तहत खुल रहा है। यदि उन्हें इससे दिक्कत है तो वह डीएम साहब को प्रार्थना पत्र दें। अधिकारियों का आदेश प्राप्त होते ही वह ठेके को बस्ती से हटवा देंगे। इस पर महिलाएं वापस लौट गई। कोतवाली पहुंची महिलाओं में संतोष, निर्मला, ममता, मांगी, कृष्णा, चंद्रकला, रविता, रीना, शिल्पा आदि शामिल रही।
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