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Saharanpur News: 381 लोग छोड़ चुके तंबाकू
Wed, 31 May 2023 12:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 31 May 2023 12:31 AM IST
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सहारनपुर। 31 मई बुधवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा। जिले में तंबाकू की लत से जूझ रहे लोग आगे आने लगे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते दो साल में 32,543 लोगों ने निकोटिन च्युइंगम का सेवन किया, जबकि 381 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने तंबाकू खाना छोड़ दिया। उन्मूलन केंद्र पर पहुंचने वालों में 40 साल से कम उम्र वालों की संख्या अधिक है।
जिले में वर्ष 2017 से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम चल रहा है। इसके तहत टीबी अस्पताल में तंबाकू उन्मूलन केंद्र बनाया गया है। ये केंद्र ओपीडी में कमरा नंबर 14 में संचालित हैं। जहां पहुंचने वाले लोगों की काउंसिलिंग की जाती है। साथ ही उन्हें तीन महीने की निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (निकोटिन च्युइंगम) दी जाती है। दो साल में यहां 5,321 लोग तंबाकू की लत छुड़ाने पहुंचे। निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी के बाद 318 लोगों ने पूरी तरह से तंबाकू छोड़ दिया है। काफी लोग निकोटिन च्युइंगम चबाकर तंबाकू छोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार दो साल के अंदर 312 स्कूलों में जागरुकता कार्यक्रम किए गए। जहां पर 60,794 छात्र-छात्राओं और स्टाफ को तंबाकू के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही 86 गांवों में शिविर लगाकर 5,124 लोगों को जागरूक किया। उन्मूलन केंद्र में तैनात साइकोलॉजिस्ट बुशरा अंसारी ने बताया कि प्रतिदिन ओपीडी में 30 से 40 लोग ऐसे आते हैं, जिनमें तंबाकू उत्पाद के सेवन से शरीर में कई परेशानी है। यहां काउंसिलिंग के साथ ही जरूरी दवाएं भी दी जाती है।
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एक सिगरेट पीने से जिंदगी की कम हो जाती है छह मिनट
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि एक मीडियम साइज की सिगरेट पीने से छह मिनट जिंदगी के कम हो जाते हैं। हर सिगरेट में चार हजार तत्व होते हैं, जिसमें से 599 तत्व की लत पड़ जाती है और 500 हानिकारक तत्व होते हैं। इसमें मुख्य रूप से हानिकारक तत्व निकोटिन होता है, जिसकी वजह से न्यूरोट्रांसमीटर जैसे डोपामीन, ग्लूटामेट, सीरोटोनीन आदि का रिसाव बढ़ जाता है। धूम्रपान करने वालों में से एक चौथाई लोगों की मौत का कारण तंबाकू बनता है। नियमित रूप से तंबाकू का सेवन करने वाले लोग सामान्य लोगों की तुलना में 20 साल कम जीते हैं।
तंबाकू से होने वाली बीमारियां
-दिल की बीमारी (हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर)
-स्ट्रोक
-फेफडों का कैंसर
-ब्लेडर कैंसर
-गले का कैंसर
-खाने की नली का कैंसर
-एसीडीटी का बढ़ जाना
-गर्भावस्था में महिलाओं में कम वजन के बच्चे पैदा होना
-बच्चे की पेट में मृत्यु हो जाना
तंबाकू छोड़ने के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम तंबाकू और धूम्रपान करने वालों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाती है। साथ ही स्कूलों और गांवों में भी जागरूकता कार्यक्रम होते हैं। टीबी अस्पताल में उन्मूलन केंद्र संचालित है। यहां आने वालों की काउंसिलिंग की जाती है।
- डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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जिले में वर्ष 2017 से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम चल रहा है। इसके तहत टीबी अस्पताल में तंबाकू उन्मूलन केंद्र बनाया गया है। ये केंद्र ओपीडी में कमरा नंबर 14 में संचालित हैं। जहां पहुंचने वाले लोगों की काउंसिलिंग की जाती है। साथ ही उन्हें तीन महीने की निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (निकोटिन च्युइंगम) दी जाती है। दो साल में यहां 5,321 लोग तंबाकू की लत छुड़ाने पहुंचे। निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी के बाद 318 लोगों ने पूरी तरह से तंबाकू छोड़ दिया है। काफी लोग निकोटिन च्युइंगम चबाकर तंबाकू छोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार दो साल के अंदर 312 स्कूलों में जागरुकता कार्यक्रम किए गए। जहां पर 60,794 छात्र-छात्राओं और स्टाफ को तंबाकू के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही 86 गांवों में शिविर लगाकर 5,124 लोगों को जागरूक किया। उन्मूलन केंद्र में तैनात साइकोलॉजिस्ट बुशरा अंसारी ने बताया कि प्रतिदिन ओपीडी में 30 से 40 लोग ऐसे आते हैं, जिनमें तंबाकू उत्पाद के सेवन से शरीर में कई परेशानी है। यहां काउंसिलिंग के साथ ही जरूरी दवाएं भी दी जाती है।
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एक सिगरेट पीने से जिंदगी की कम हो जाती है छह मिनट
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि एक मीडियम साइज की सिगरेट पीने से छह मिनट जिंदगी के कम हो जाते हैं। हर सिगरेट में चार हजार तत्व होते हैं, जिसमें से 599 तत्व की लत पड़ जाती है और 500 हानिकारक तत्व होते हैं। इसमें मुख्य रूप से हानिकारक तत्व निकोटिन होता है, जिसकी वजह से न्यूरोट्रांसमीटर जैसे डोपामीन, ग्लूटामेट, सीरोटोनीन आदि का रिसाव बढ़ जाता है। धूम्रपान करने वालों में से एक चौथाई लोगों की मौत का कारण तंबाकू बनता है। नियमित रूप से तंबाकू का सेवन करने वाले लोग सामान्य लोगों की तुलना में 20 साल कम जीते हैं।
तंबाकू से होने वाली बीमारियां
-दिल की बीमारी (हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर)
-स्ट्रोक
-फेफडों का कैंसर
-ब्लेडर कैंसर
-गले का कैंसर
-खाने की नली का कैंसर
-एसीडीटी का बढ़ जाना
-गर्भावस्था में महिलाओं में कम वजन के बच्चे पैदा होना
-बच्चे की पेट में मृत्यु हो जाना
तंबाकू छोड़ने के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम तंबाकू और धूम्रपान करने वालों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाती है। साथ ही स्कूलों और गांवों में भी जागरूकता कार्यक्रम होते हैं। टीबी अस्पताल में उन्मूलन केंद्र संचालित है। यहां आने वालों की काउंसिलिंग की जाती है।
- डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी