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79 वर्ष बाद भी बूढ़ी नहीं हुई ‘ताड़का’
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:52 AM IST
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79 वर्ष बाद भी बूढ़ी नहीं हुई ‘ताड़का’
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। रामलीला के प्रति लगाव 79 वर्षीय रामकिशन सैनी की उम्र पर भारी पड़ रहा है। उम्र के इस पड़ाव में भी रामकिशन रामलीला में अपने किरदार को बखूबी निभा रहे हैं। उनकी जानदार आवाज और शानदार अभिनय लोगों की आंखों में बसा हुआ है।
रामपुर मनिहारान निवासी रामकिशन सैनी बताते है कि उन्होंने 12 वर्ष की उम्र में रामलीला मंच पर पहला किरदार निभाया था। इसके बाद उन्हें रामलीला के प्रति ऐसा लगाव हुआ कि 79 वर्ष में भी वे अपना किरदार निभा रहे हैं। समय-समय पर रामलीला के मंच पर ताड़का, रावण, मेघनाथ, वाणासुर, शबरी, भरत व कामेडियन आदि के किरदार निभा चुके हैं। उनका सबसे लोकप्रिय पात्र ताड़का है, जिसे वह लगातार 40 वर्षों से करते आ रहे हैं। ताड़का वध वाले दिन रामलीला में दर्शकों की सबसे अधिक भीड़ होती है। हर कोई रामकिशन सैनी को देखने आता है। सैनी ने बताया कि उनके गुरु पंडित जननेश्वर प्रसाद हैं, जिन्होंने उन्हें एक्टिंग सिखाई। उनका कहना है कि उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक उनके शरीर में जान रहेगी वह रामलीला मंच पर अपना किरदार निभाते रहेंगे। उनका पूरा जीवन रामलीला के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं।
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। रामलीला के प्रति लगाव 79 वर्षीय रामकिशन सैनी की उम्र पर भारी पड़ रहा है। उम्र के इस पड़ाव में भी रामकिशन रामलीला में अपने किरदार को बखूबी निभा रहे हैं। उनकी जानदार आवाज और शानदार अभिनय लोगों की आंखों में बसा हुआ है।
रामपुर मनिहारान निवासी रामकिशन सैनी बताते है कि उन्होंने 12 वर्ष की उम्र में रामलीला मंच पर पहला किरदार निभाया था। इसके बाद उन्हें रामलीला के प्रति ऐसा लगाव हुआ कि 79 वर्ष में भी वे अपना किरदार निभा रहे हैं। समय-समय पर रामलीला के मंच पर ताड़का, रावण, मेघनाथ, वाणासुर, शबरी, भरत व कामेडियन आदि के किरदार निभा चुके हैं। उनका सबसे लोकप्रिय पात्र ताड़का है, जिसे वह लगातार 40 वर्षों से करते आ रहे हैं। ताड़का वध वाले दिन रामलीला में दर्शकों की सबसे अधिक भीड़ होती है। हर कोई रामकिशन सैनी को देखने आता है। सैनी ने बताया कि उनके गुरु पंडित जननेश्वर प्रसाद हैं, जिन्होंने उन्हें एक्टिंग सिखाई। उनका कहना है कि उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक उनके शरीर में जान रहेगी वह रामलीला मंच पर अपना किरदार निभाते रहेंगे। उनका पूरा जीवन रामलीला के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं।
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