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श्री हरि शरण में मुक्त होती है जीवात्मा
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:13 AM IST
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श्री हरि शरण में मुक्त होती है जीवात्मा
सहारनपुर। राधा-विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर पवित्र गुफा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि श्रीहरि शरण में ही जीवात्मा मुक्त होती है। श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वाधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मुख्य यजमान राममूर्ति, चौधरी रविंद्र सिंह, रमेश शर्मा, अनिल ठाकुर ने वेदी पूजन किया। आचार्य त्रिलोक ने विधिवत मंत्रोच्चारण कर भागवत का पूजन कराया। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि मात्र सात वर्ष की उम्र में भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर जनमानस की रक्षा की। श्रीकृष्ण-रूकमणी विवाह ही आत्मा-परमात्मा का मिलन है। इस दौरान अरूण स्वामी, राजेंद्र धीमान, रमेशपाल कांबोज, सुरेंद्र शर्मा, नरेश चंदेल, सुधीर त्यागी, चेतन सैनी, सुनील धीमान, वर्षा, किरण, विभा, ब्रजबाला, ममता, सुखविंद्र, गीता, राधा, रेखा, कविता, सुमन मौजूद रहे।
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सहारनपुर। राधा-विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर पवित्र गुफा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि श्रीहरि शरण में ही जीवात्मा मुक्त होती है। श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वाधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मुख्य यजमान राममूर्ति, चौधरी रविंद्र सिंह, रमेश शर्मा, अनिल ठाकुर ने वेदी पूजन किया। आचार्य त्रिलोक ने विधिवत मंत्रोच्चारण कर भागवत का पूजन कराया। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि मात्र सात वर्ष की उम्र में भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध कर जनमानस की रक्षा की। श्रीकृष्ण-रूकमणी विवाह ही आत्मा-परमात्मा का मिलन है। इस दौरान अरूण स्वामी, राजेंद्र धीमान, रमेशपाल कांबोज, सुरेंद्र शर्मा, नरेश चंदेल, सुधीर त्यागी, चेतन सैनी, सुनील धीमान, वर्षा, किरण, विभा, ब्रजबाला, ममता, सुखविंद्र, गीता, राधा, रेखा, कविता, सुमन मौजूद रहे।