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पंचायत या निकाय चुुनाव में वोट नहीं डाल पाते हैं 2500 लोग

Sat, 10 Apr 2021 11:49 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Apr 2021 11:49 PM IST
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2500 people are not able to vote in panchayat or civic elections
बेहट। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मतदान करते हैं, लेकिन नगर निकाय अथवा पंचायत चुनाव में मताधिकार नहीं है। यह पीड़ा है 11 हजार की आबादी और 2500 मतदाता वाली इंदिरा कॉलोनी के लोगों की। बेहट नगर पंचायत से सटी यह कॉलोनी को ना तो ग्राम पंचायत का दर्जा मिल पा रहा है और ना इसे बेहट नगर पंचायत में शामिल किया गया है। इस कारण बिजली, पानी और सड़कों जैसी तमाम जनसुविधाओं के लिए कॉलोनी के लोग तरस रहे हैं।
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कॉलोनी से सटी नगर पंचायत बेहट दिन ढलते ही रोशनी से जगमगाती है। चमचमाती सड़कें, पेयजल के लिए आठ से 10 परियोजनाएं, जगह-जगह फ्रीजर, शिक्षा के लिए स्कूल कॉलेज, अस्पताल जैसी तमाम सुविधाएं है, लेकिन इंदिरा कॉलोनी के लोग तमाम जन सुविधाओं से वंचित है। जिला प्रशासन ने उन्हें आज तक न तो नगर पंचायत में शामिल किया और न ही अलग से ग्राम पंचायत का दर्जा मिला है। यहां 90 फीसदी यहां गरीब मजदूर वर्ग रहता है। कुछ जिम्मेदार लोगों ने बीड़ा उठाया, धरना-प्रदर्शन किए तो यहां के लोगों को राशन कार्ड बने और उन्हें पास के गांव मुर्तजापुर की राशन डीलर से संबद्ध कर दिया। लोगों का कहना है कि यहां 2-3 सरकारी हैंडपंप लगाए थे, जो रिबोर न होने के कारण ठप्प हैं। जल निगम, नगर पंचायत या फिर किसी ग्राम पंचायत ने कॉलोनी में पेयजल की व्यवस्था नहीं की। रास्ते कच्चे हैं। विधायक निधि से कुछ मीटर सड़क जरूर बनी है, लेकिन उसका लाभ पूरी कॉलोनी को नहीं मिल सका। पिछले कई साल से खड़े विद्युत पोल लाइन खींचने की बाट जोह रहे हैं। लोगों को आधार कार्ड, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटकना पड़ता है। नगर पंचायत में जाते है तो वे ब्लॉक में भेज देते हैं और ब्लॉक में जाते हैं, तो उन्हें नगर पंचायत भेज दिया जाता है।
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... इसलिए नहीं अपनाए गए इंदिरा कॉलोनी के लोग
जिस जमीन पर इंदिरा कॉलोनी बसी है, उसे सिंचाई विभाग अपनी बता रहा है। सिंचाई विभाग ने भूमि को खाली कराने के लिए कोर्ट में वाद भी दायर किया है, इसलिए इस कॉलोनी को न तो नगर पंचायत की सीमा विस्तार के प्रस्ताव में शामिल किया और न ही अलग से ग्राम पंचायत का दर्जा मिल सका।
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बेहट नगर पंचायत की सीमा विस्तार का प्रस्ताव शासन को भेजना चाहिए, ताकि इंदिरा कॉलोनी नगर पंचायत में शामिल की जा सके। उन्होंने भी विधानसभा में यह मुद्दा उठाया है। शासन को पत्र लिखा है, ताकि यहां के लोग भी विकास की मुख्य धारा जुड़ सकें। -- नरेश सैनी, क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक।
सीमा विस्तार के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में छह से सात नई कॉलोनी को शामिल किया है, लेकिन इंदिरा कॉलोनी का मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण प्रस्ताव में शामिल नहीं किया। नगर पंचायत पहले से इन कॉलोनियों में सफाई व पेयजल की व्यवस्था कर रही है। -- अब्दुल रहमान, चेयरमैन नगर पंचायत बेहट।
इंद्रा कॉलनी निवासी शौकत कामरेड का कहना है कि ग्राम पंचायत एवं नगर पंचायत में शामिल न होने के कारण जन सुविधाओं से वंचित है। पानी की आपूर्ति न होने के कारण सैकड़ों लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
दिलशाद मिर्जा का कहना है कि कॉलोनी में कुछ जगह पर विद्युत आपूर्ति होती है। कुछ जगहों पर विद्युत खंभे लगे हैं, लेकिन उन पर लाइन नहीं खिंच पाई है, इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मोहम्मद इनाम का कहना है उन्हें ग्राम पंचायत अथवा नगर पंचायत चुनाव में वोट डालने का अधिकार नहीं है। विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव के समय उनके पास नेता आते हैं और बड़े वादे कर चले जाते हैं।

मोहम्मद तनवीर का कहना है कि नगर पंचायत ने कुछ जगह पर पीने के पानी के लिए लाइन बिछवाई थीं, लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं की गई है। इस कारण हैंडपंप से निकल रहा दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
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