फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   250 colleges issued 13 notices, seeking details of seven years' examinations

Saharanpur News: 250 कॉलेजों को 13 बार नोटिस, सात वर्षों की परीक्षा का ब्योरा तलब

Mon, 06 Jul 2026 12:25 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2026 12:25 AM IST
विज्ञापन
250 colleges issued 13 notices, seeking details of seven years' examinations
- छात्रवृत्ति में कथित तौर पर गड़बड़ी का मामला, समाज कल्याण विभाग 13 बार जारी कर चुका नोटिस
विज्ञापन

- अभी तक 40 कॉलेजों ने दी जानकारी, ब्योरा न देने वाले कॉलेजों से होगी छात्रवृत्ति के पैसे की रिकवरी

फोटो समाचार-
संवाद न्यूज एजेंसी

सहारनपुर। छात्रवृत्ति की जांच के लिए समाज कल्याण विभाग ने 250 कॉलेजों को फिर से नोटिस जारी कर सात वर्षों की परीक्षा का ब्योरा तलब किया है। ब्योरा न देने वाले कॉलेजों से छात्रवृत्ति की रिकवरी करने की तैयारी है। साथ ही संबंधित कॉलेजाें के प्रधानाचार्यों के खिलाफ अन्य कार्रवाई भी विभाग करेगा।
सरकार द्वारा कई प्रकार की छात्रवृत्ति समाज कल्याण विभाग के माध्यम से विद्यार्थियों को दी जाती हैं। इसके लिए शैक्षिक सत्र शुरू होने के साथ ही ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन और सत्यापन के बाद शासन की ओर से छात्रवृत्ति जारी होती है। जनपद में बड़ा छात्रवृत्ति घोटाला सामने आ चुका है। इसकी जांच मेरठ की आर्थिक अपराध शाखा भी कर रही है। इन्हीं सब को देखते हुए विभाग ने सभी कॉलेजों को नोटिस जारी करते हुए अध्ययनरत छात्रों का परीक्षा परिणाम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
विज्ञापन

विभाग द्वारा जारी नोटिस में शिक्षण संस्थाओं में शैक्षिक सत्र 2018-19 से लेकर 2024-25 तक अनुसूचित जाति, जनजाति, सामान्य वर्ग के छात्रों के परीक्षा परिणाम विभाग को उपलब्ध कराने को कहा था। इस संबंध में विभाग ने अब 13वीं बार नोटिस जारी किए हैं। सूचना मिली है कि पहले 12 नोटिस के बाद केवल 40 कॉलेजों ने ही पूर्ण विवरण उपलब्ध कराया है। बाकी 210 कॉलेज नोटिसों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे विभाग अब सख्ती के मूड में है। ब्योरा न देने वाले कॉलेजों को रिकवरी नोटिस जारी करने के साथ ही कॉलेज संचालकों और प्रधानाचार्यों पर कार्रवाई की तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-वापस करनी होगी छात्रवृत्ति की रकम
विभाग द्वारा संस्थाओं को दिए गए नोटिस में कहा है कि छात्र द्वारा यदि अध्ययन वर्ष के दौरान अध्ययन बीच में ही छोड़ दिया है, तो छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी। यदि छात्रवृत्ति प्राप्त हुई है, तो उसे वापस करना होगा। कई कॉलेजों के पास पुराना रिकॉर्ड नहीं है।

- वर्ष 2011 से 2014-15 तक हुए घोटाले की जांच भी जारी
जिले में वर्ष 2011 से लेकर 2014-15 तक हुए छात्रवृत्ति घोटाले की जांच जारी है। 40 शिक्षण संस्थानों ने तकरीबन 80 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। इस मामले में शिकायत होने के बाद समाज कल्याण के दो और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के पांच कर्मियों पर गाज भी गिरी थी। शिक्षण संस्थानों ने जरूरत से अधिक छात्राओं को दिखाकर छात्रवृत्ति मंगा ली, साथ ही कई संस्थान ऐसे भी रहे जिन्होंने संस्थान में आवंटित सीट से अधिक छात्रों के प्रवेश कर लिए।

वर्जन

- कॉलेज और शिक्षण संस्थानों को छात्रों के परीक्षाफल की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नोटिस दिए गए हैं। एक अंतिम रिमाइंडर भी भेजा रहा है। जानकारी नहीं देने वाले कॉलेजों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी। - अर्चना, जिला समाज कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed