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Saharanpur News: चार साल से अधर में 2.17 करोड़ की पेयजल योजना, ग्रामीण प्यासे
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गंगोह। गांव बोड़पुर में हर घर जल योजना के तहत 2.17 करोड़ रुपये की लागत से करीब चार साल पहले शुरू हुआ काम आज भी अधूरा पड़ा है। योजना के नाम पर गांव की सड़कों को खोदकर पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन घरों तक पानी पहुंचाने के लिए बनने वाली टंकी का निर्माण नींव से आगे नहीं बढ़ सका। इस समस्या को गांव निवासी नौशाद चौधरी ने अमर उजाला के मेरी आवाज सुनो कॉलम के लिए भेजा था। टीम भेजकर इसकी पड़ताल कराई गई।
पड़ताल में यह आया सामने
पड़ताल के दौरान पाया कि गांव के बाहर बने टंकी परिसर में लगे बोर्ड पर योजना के शुरू होने की तारीख सितंबर 2022 अंकित है। चार साल की अवधि में पाइपलाइन बिछाने का ही काम पूरा हुआ। इसके लिए सड़कें तोड़ दी गईं, लेकिन पानी की टंकी का निर्माण पूरा नहीं कराया गया। टंकी परिसर और पंप हाउस की स्थिति भी चिंताजनक मिली। परिसर में बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण यह स्थान नशा करने वालों का अड्डा बन गया है। पंप हाउस और टंकी परिसर की देखरेख के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं है। यहां रखे नए जनरेटर सेट से चोर सामान तक निकाल ले गए हैं। न तो नियमित सफाई होती है और न ही कोई अधिकारी मौके पर पहुंचकर योजना की स्थिति देखता है।
यह हैं जिम्मेदार
ग्रामीणों ने बताया कि इस योजना का कार्य नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण के जेई सौरभ गुप्ता और सहायक अभियंता शैंकी देव की देखरेख में एनकेजी कंपनी इसका कार्य कर रही है। सहायक अभियंता शैंकी देव ने बताया कि बजट की कमी के कारण निर्माण पूरा नहीं हो सका है। निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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यह बोले ग्रामीण
- नौशाद चौधरी ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले योजना शुरू हुई थी, लेकिन आज तक टंकी का निर्माण पूरा नहीं हुआ। पाइपलाइन बिछने के बावजूद घरों में पानी नहीं पहुंचा और ग्रामीणों को बाहर से पानी लाना पड़ रहा है।
- अमजद ने कहा कि टंकी परिसर में लगा जनरेटर देखरेख के अभाव में चोरों का निशाना बन गया। पंप हाउस में घास उगी है और सांप व जंगली जानवरों का खतरा बना है।
- इरशाद ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए गांव की सड़कें खोदी गई थीं, उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। पानी की आपूर्ति शुरू कराने के लिए अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
- नासिर ने कहा कि योजना के नाम पर अब तक धन की बर्बादी की गई है। इसका कोई लाभ नहीं मिला। शुद्ध पेयजल के लिए ग्रामीणों को आज भी दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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पड़ताल में यह आया सामने
पड़ताल के दौरान पाया कि गांव के बाहर बने टंकी परिसर में लगे बोर्ड पर योजना के शुरू होने की तारीख सितंबर 2022 अंकित है। चार साल की अवधि में पाइपलाइन बिछाने का ही काम पूरा हुआ। इसके लिए सड़कें तोड़ दी गईं, लेकिन पानी की टंकी का निर्माण पूरा नहीं कराया गया। टंकी परिसर और पंप हाउस की स्थिति भी चिंताजनक मिली। परिसर में बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण यह स्थान नशा करने वालों का अड्डा बन गया है। पंप हाउस और टंकी परिसर की देखरेख के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं है। यहां रखे नए जनरेटर सेट से चोर सामान तक निकाल ले गए हैं। न तो नियमित सफाई होती है और न ही कोई अधिकारी मौके पर पहुंचकर योजना की स्थिति देखता है।
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यह हैं जिम्मेदार
ग्रामीणों ने बताया कि इस योजना का कार्य नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण के जेई सौरभ गुप्ता और सहायक अभियंता शैंकी देव की देखरेख में एनकेजी कंपनी इसका कार्य कर रही है। सहायक अभियंता शैंकी देव ने बताया कि बजट की कमी के कारण निर्माण पूरा नहीं हो सका है। निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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यह बोले ग्रामीण
- नौशाद चौधरी ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले योजना शुरू हुई थी, लेकिन आज तक टंकी का निर्माण पूरा नहीं हुआ। पाइपलाइन बिछने के बावजूद घरों में पानी नहीं पहुंचा और ग्रामीणों को बाहर से पानी लाना पड़ रहा है।
- अमजद ने कहा कि टंकी परिसर में लगा जनरेटर देखरेख के अभाव में चोरों का निशाना बन गया। पंप हाउस में घास उगी है और सांप व जंगली जानवरों का खतरा बना है।
- इरशाद ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए गांव की सड़कें खोदी गई थीं, उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। पानी की आपूर्ति शुरू कराने के लिए अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
- नासिर ने कहा कि योजना के नाम पर अब तक धन की बर्बादी की गई है। इसका कोई लाभ नहीं मिला। शुद्ध पेयजल के लिए ग्रामीणों को आज भी दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।