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Saharanpur News: मंडल के 216 गांव अति संवेदनशील, हो सकता है खून खराबा
Thu, 25 Jan 2024 03:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 25 Jan 2024 03:05 AM IST
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सहारनपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के 216 गांवों में खून खराबे के आसार हैं। ऐसे में पुलिस ने इन गांवों को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में उन गांवों को शामिल किया गया है, जिनमें पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनाव के दौरान विवाद हुए थे। इसके अलावा कुछ गांव ऐसे भी है जहां पर गैंगस्टर या फिर हिस्ट्रीशीटरों की संख्या ज्यादा है। इन गांवों के असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए डीआइजी की तरफ से सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं।
दरअसल, मंडल में सहारनपुर, कैराना और मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट है, जबकि विधानसभा की 16 सीटें हैं। लोकसभा की तीनों सीटों पर 2630 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। पुलिस की तरफ से अति संवेदनशील गांवों का रिकॉर्ड खंगाला गया, जिसमें 216 गांवों को इस सूची में शामिल किया गया है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान तीनों जिलों में 17 मुकदमे और विधानसभा चुनाव में 46 मुकदमे दर्ज किए गए थे। डीआइजी की तरफ से निर्देश जारी किए गए है कि इन मुकदमों के जांच अधिकारी त्वरित पैरवी कर दोषियों को लोकसभा चुनाव से पहले सजा दिलाए। वहीं अवैध शराब की बिक्री पर भी शिकंजा कसा जाए, जो लोग अवैध शराब की बिक्री में शामिल है उनके खिलाफ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए। हर थाने में चुनाव से संबंधित रजिस्टर भी बनाया जाएगा।
इन पर लगेगा गुंडाएक्ट, खुलेगी हिस्ट्रीशीट
तीनों जिलों में अवैध शस्त्र बनाने के मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। ऐसे आरोपियों पर गुंडाएक्ट लगाया जाएगा या फिर उनकी हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। जिससे अगर दोबारा से ऐसा मामला पकड़ा जाता है तो सबसे पहले इन्हीं आरोपियों पर शिकंजा कसा जाएगा। वहीं तीनों जिलों में 38173 लाइसेंसी हथियार है। जिन लाइसेंसी हथियारों को किसी अपराध में इस्तेमाल हुआ है वह भी 15 दिन के अंदर संबंधित थानों में जमा किए जाएंगे।
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लोकसभा चुनाव को लेकर तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं। जिन गांवों को अति संवेदनशील की श्रेणी में शामिल किया गया है उन पर नजर रखी जा रही है। चुनाव के दौरान सभी अपराधी जेल के अंदर होंगे।
- अजय साहनी, डीआइजी
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दरअसल, मंडल में सहारनपुर, कैराना और मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट है, जबकि विधानसभा की 16 सीटें हैं। लोकसभा की तीनों सीटों पर 2630 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। पुलिस की तरफ से अति संवेदनशील गांवों का रिकॉर्ड खंगाला गया, जिसमें 216 गांवों को इस सूची में शामिल किया गया है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान तीनों जिलों में 17 मुकदमे और विधानसभा चुनाव में 46 मुकदमे दर्ज किए गए थे। डीआइजी की तरफ से निर्देश जारी किए गए है कि इन मुकदमों के जांच अधिकारी त्वरित पैरवी कर दोषियों को लोकसभा चुनाव से पहले सजा दिलाए। वहीं अवैध शराब की बिक्री पर भी शिकंजा कसा जाए, जो लोग अवैध शराब की बिक्री में शामिल है उनके खिलाफ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए। हर थाने में चुनाव से संबंधित रजिस्टर भी बनाया जाएगा।
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इन पर लगेगा गुंडाएक्ट, खुलेगी हिस्ट्रीशीट
तीनों जिलों में अवैध शस्त्र बनाने के मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। ऐसे आरोपियों पर गुंडाएक्ट लगाया जाएगा या फिर उनकी हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। जिससे अगर दोबारा से ऐसा मामला पकड़ा जाता है तो सबसे पहले इन्हीं आरोपियों पर शिकंजा कसा जाएगा। वहीं तीनों जिलों में 38173 लाइसेंसी हथियार है। जिन लाइसेंसी हथियारों को किसी अपराध में इस्तेमाल हुआ है वह भी 15 दिन के अंदर संबंधित थानों में जमा किए जाएंगे।
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लोकसभा चुनाव को लेकर तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं। जिन गांवों को अति संवेदनशील की श्रेणी में शामिल किया गया है उन पर नजर रखी जा रही है। चुनाव के दौरान सभी अपराधी जेल के अंदर होंगे।
- अजय साहनी, डीआइजी