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आंखों में सुरमा लगाने पर सलामत रहता है रोजा
Updated Wed, 23 May 2018 12:16 AM IST
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सहारनपुर। मंगलवार को भी हेल्पलाइन पर रोजेदारों के सवालों के जवाब
मुफ्ती अरशद गोरा, इमाम कारी इसहाक गोरा, मौलाना जुल्फकार कासमी, मौलाना जुबैर मजाहिरी, मौलाना दाऊद ने शरीयत के हिसाब से दिए। फोन पर रोजेदारों को बताया कि रमजान अलल्लाह की खास इबादत का महीना है, जिसमें मुसलमानों को गुनाहों से तोबा कर खूब इबादत करनी चाहिए।
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सवाल- कम्बोहपुल निवासी शमा परवीन ने पूछा कि उनकी बहन सहरी में उठ नहीं पाई और उन्होंने ने पूरे दिन रोजे की नीयत भी नहीं की। लेकिन पूरे दिन भूखी प्यासी रही। इसके बाद इफ्तारी से दो घंटे पहले रोजे का ख्याल आया। ऐसे में उनका रोजा होगा या नहीं?
जवाब- रोजे के लिए नियत शर्त है। अगर किसी ने रोजे का इरादा नहीं किया और तमाम दिन कुछ खाया पिया नहीं तो रोजा नहीं होगा।
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सवाल- सय्यद माजरा निवासी रेशमा ने पूछा कि मेरी सास कहती है कि रोजे की हालत में खाना बनाते समय जीभ से नमक चेक कर लिया करो। इस तरह करने से रोजा नहीं टूटता है। अब ऐसी सूरत में मैं किया करूं।
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जवाब- रोजे में बिना जरूरत किसी भी चीज को मुंह में रख कर चबाना या चबा कर थूक देना मकरूह है। ऐसा करना इस सूरत में सही है कि अगर पति बदमिजाज हो और नमक, मिर्च की कमी की जिद कर नाराजगी जाहिर करता हो या फिर बच्चा इतना छोटा हो कि रोटी खुद चबा कर ना खा सके। ऐसी हालत में ऐसा किया जा सकता है। मगर, ये ख्याल रहे उसका अंश हलक के अंदर ना उतर जाए।
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सवाल- कमेला कालोनी से अबूजर ने पूछा कि रोजे की हालत में वह आंख में सुरमा लगा सकते हैं। इससे रोजे पर कोई असर तो नहीं आता है। जवाब- रोजे की हालत में सुरमा काजल लगाया जा सकता है। इससे रोजे पर कोई असर नहीं आता। अगर सुरमे का असर हलक में महसूस भी हो रहा हो तब भी रोजा सलामत रहेगा।
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मुफ्ती अरशद गोरा, इमाम कारी इसहाक गोरा, मौलाना जुल्फकार कासमी, मौलाना जुबैर मजाहिरी, मौलाना दाऊद ने शरीयत के हिसाब से दिए। फोन पर रोजेदारों को बताया कि रमजान अलल्लाह की खास इबादत का महीना है, जिसमें मुसलमानों को गुनाहों से तोबा कर खूब इबादत करनी चाहिए।
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सवाल- कम्बोहपुल निवासी शमा परवीन ने पूछा कि उनकी बहन सहरी में उठ नहीं पाई और उन्होंने ने पूरे दिन रोजे की नीयत भी नहीं की। लेकिन पूरे दिन भूखी प्यासी रही। इसके बाद इफ्तारी से दो घंटे पहले रोजे का ख्याल आया। ऐसे में उनका रोजा होगा या नहीं?
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जवाब- रोजे के लिए नियत शर्त है। अगर किसी ने रोजे का इरादा नहीं किया और तमाम दिन कुछ खाया पिया नहीं तो रोजा नहीं होगा।
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सवाल- सय्यद माजरा निवासी रेशमा ने पूछा कि मेरी सास कहती है कि रोजे की हालत में खाना बनाते समय जीभ से नमक चेक कर लिया करो। इस तरह करने से रोजा नहीं टूटता है। अब ऐसी सूरत में मैं किया करूं।
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जवाब- रोजे में बिना जरूरत किसी भी चीज को मुंह में रख कर चबाना या चबा कर थूक देना मकरूह है। ऐसा करना इस सूरत में सही है कि अगर पति बदमिजाज हो और नमक, मिर्च की कमी की जिद कर नाराजगी जाहिर करता हो या फिर बच्चा इतना छोटा हो कि रोटी खुद चबा कर ना खा सके। ऐसी हालत में ऐसा किया जा सकता है। मगर, ये ख्याल रहे उसका अंश हलक के अंदर ना उतर जाए।
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सवाल- कमेला कालोनी से अबूजर ने पूछा कि रोजे की हालत में वह आंख में सुरमा लगा सकते हैं। इससे रोजे पर कोई असर तो नहीं आता है। जवाब- रोजे की हालत में सुरमा काजल लगाया जा सकता है। इससे रोजे पर कोई असर नहीं आता। अगर सुरमे का असर हलक में महसूस भी हो रहा हो तब भी रोजा सलामत रहेगा।