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ब्रह्माकुमारी ओमशांति धाम के प्रतिनिधिमंडल ने दारुल उलूम का दौरा किया
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:28 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। ब्रह्मकुमारी ओम शांति धाम के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दारुल उलूम में दी जानी वाली शिक्षा और छात्रों के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
बुधवार की शाम करीब तीन बजे माऊंट आबू मुख्यालय से आईं बिजनेस हेडक्वार्टर की कोआर्डिनेटर बीके गीता बहन, राज सिंह, संगीता बहन, दमनदीप की कांता बहन और अरविंद कुमार दारुल उलूम के मेहमानखाने पहुंचे। जहां उनका स्वागत तंजीम-ओ-तरक्की विभाग के कार्यवाहक प्रभारी अशरफ उस्मानी ने किया। इस अवसर पर गीता बहन ने कहा कि दारुल उलूम के बारे में बहुत सुना था। दीनी व दुनियावी तालीम के लिए बहुत से इदारे हैं, लेकिन इंसान की तामीर के लिए दारुल उलूम शिक्षा देता है इसलिए इसे देखने की बहुत पहले से इच्छा थी। जो आज पूरी हुई है। इस पर अशरफ उस्मानी ने मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी की ओर से संदेश दिया कि उन्होंने कहा है कि दारुल उलूम के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हुए हैं और हम यहां आने वाले हर शख्स का स्वागत करते हैं। ताकि दूसरे मजहब के लोगों से रिश्ते गहरे हों। इसके उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने दारुल उलूम की लाइब्रेरी और मस्जिद रशीदिया को भी देखा।
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बुधवार की शाम करीब तीन बजे माऊंट आबू मुख्यालय से आईं बिजनेस हेडक्वार्टर की कोआर्डिनेटर बीके गीता बहन, राज सिंह, संगीता बहन, दमनदीप की कांता बहन और अरविंद कुमार दारुल उलूम के मेहमानखाने पहुंचे। जहां उनका स्वागत तंजीम-ओ-तरक्की विभाग के कार्यवाहक प्रभारी अशरफ उस्मानी ने किया। इस अवसर पर गीता बहन ने कहा कि दारुल उलूम के बारे में बहुत सुना था। दीनी व दुनियावी तालीम के लिए बहुत से इदारे हैं, लेकिन इंसान की तामीर के लिए दारुल उलूम शिक्षा देता है इसलिए इसे देखने की बहुत पहले से इच्छा थी। जो आज पूरी हुई है। इस पर अशरफ उस्मानी ने मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी की ओर से संदेश दिया कि उन्होंने कहा है कि दारुल उलूम के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हुए हैं और हम यहां आने वाले हर शख्स का स्वागत करते हैं। ताकि दूसरे मजहब के लोगों से रिश्ते गहरे हों। इसके उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने दारुल उलूम की लाइब्रेरी और मस्जिद रशीदिया को भी देखा।
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