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मिलावटी खाद, बीज बेचने वालों पर करें कार्रवाई : डीएम
Updated Fri, 08 Dec 2017 12:38 AM IST
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मिलावटी खाद, बीज बेचने वालों पर करें कार्रवाई : डीएम
सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने कृषि, उद्यान एवं कृषि रक्षा विभाग से जुड़े अफसरों को निर्देश दिए कि वे जिले में मिलावटी खाद और बीज बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए लगातार अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने बदहाल सड़कों को दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि किसानों के हितों की किसी भी स्तर पर अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। खाद और बीज की दुकानों की अब हर 15 दिन में चेकिंग होगी। अगर किसी भी दुकान पर खाद एवं बीज की गुणवत्ता में गड़बड़ी मिलती है या बिना बिल खाद और बीज बेचकर किसानों का शोषण किया जाता है तो ऐसे विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इस दौरान डीएम ने कहा कि जिन रास्तों से किसान गन्ना लेकर जाते हैं, ऐसी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढा मुक्त कराया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन चीनी मिलों ने बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है, उनके खिलाफ भी कड़ा कदम उठाया जाएगा। उन्होंने जिले की दो चीनी मिलों द्वारा चालू पेराई सत्र में बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने में कोताही बरतने पर उनके जीएम को नोटिस जारी करने को कहा। डीएम ने जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के निर्माणाधीन इंटर कॉलेज के निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी के विरुद्ध शासन को पत्र लिखा जाए। इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि जिले में कुल 17 कॉलेजों का निर्माण कार्य चल रहा है।
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डीएम ने निर्देश दिए कि 14वें वित्त आयोग की धनराशि को व्यय करने के लिए हर ब्लॉक में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। साथ ही कार्यों को पूरा करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने खंड विकास अधिकारी प्रत्येक माह अपनी रिपोर्ट सीधे जिलाधिकारी कार्यालय को भेजें। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज विभाग यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक माह 100 गांवों को ओडीएफ घोषित करें। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता एवं लक्ष्य पूर्ति में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीएस सोढ़ी, परियोजना निदेशक चंद्रशेखर सहित सभी विभागीय अधिकारी रहे।
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सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने कृषि, उद्यान एवं कृषि रक्षा विभाग से जुड़े अफसरों को निर्देश दिए कि वे जिले में मिलावटी खाद और बीज बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए लगातार अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने बदहाल सड़कों को दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि किसानों के हितों की किसी भी स्तर पर अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। खाद और बीज की दुकानों की अब हर 15 दिन में चेकिंग होगी। अगर किसी भी दुकान पर खाद एवं बीज की गुणवत्ता में गड़बड़ी मिलती है या बिना बिल खाद और बीज बेचकर किसानों का शोषण किया जाता है तो ऐसे विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इस दौरान डीएम ने कहा कि जिन रास्तों से किसान गन्ना लेकर जाते हैं, ऐसी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढा मुक्त कराया जाए।
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उन्होंने कहा कि जिन चीनी मिलों ने बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है, उनके खिलाफ भी कड़ा कदम उठाया जाएगा। उन्होंने जिले की दो चीनी मिलों द्वारा चालू पेराई सत्र में बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने में कोताही बरतने पर उनके जीएम को नोटिस जारी करने को कहा। डीएम ने जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के निर्माणाधीन इंटर कॉलेज के निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी के विरुद्ध शासन को पत्र लिखा जाए। इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि जिले में कुल 17 कॉलेजों का निर्माण कार्य चल रहा है।
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डीएम ने निर्देश दिए कि 14वें वित्त आयोग की धनराशि को व्यय करने के लिए हर ब्लॉक में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। साथ ही कार्यों को पूरा करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने खंड विकास अधिकारी प्रत्येक माह अपनी रिपोर्ट सीधे जिलाधिकारी कार्यालय को भेजें। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज विभाग यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक माह 100 गांवों को ओडीएफ घोषित करें। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता एवं लक्ष्य पूर्ति में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीएस सोढ़ी, परियोजना निदेशक चंद्रशेखर सहित सभी विभागीय अधिकारी रहे।