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जुलूस निकालकर अकीदतमंदों ने किया मातम
Updated Thu, 28 Sep 2017 12:59 AM IST
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हजरत अली अकबर शबीह-ए- पैगंबर की याद में निकाला मुहर्रम का मातमी जुलूस
सहारनपुर। हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के 18 साल के बेटे हजरत अली अकबर अलैहिस्सलाम शबीह-ए-पैगंबर की याद में मुहर्रम का मातमी जुलूस परंपरागत तरीके से नगर के मुख्य बाजारों से निकाला गया, जिसमें अकीदतमंदों ने मातम किया।
मोहल्ला अंसारियान स्थित हज्जन तुल्ली की इमाम बारगाह से अकीदतमंदों ने जुलजुनाह निकालकर छोटी इमाम बारगाह अंसारियान तक जाने के बाद जुलूस में बड़ा अलम निकाला। अकीदतमंदों ने भारी तादाद में जंजीरों से बंधी छुरियों आदि से मातम किया। इस दौरान वे लहूलुहान हो गए। गमजदा लोगों ने काले कपड़े पहन रखे थे और नंगे पैर, गरेबान चाक तथा मातम करते हुए चल रहे थे। अकीदतमंद या हुसैन, या अली, या अब्बा, हाय सकीना, हाय प्यास की आवाज बुलंद कर रहे थे। जुलूस छोटी इमाम बारगाह से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए मोहल्ला जाफर नवाज स्थित बड़ी इमाम बारगाह पहुंचा। यहां कुछ देर रुकने के बाद जुलूस छोटी इमाम बारगाह अंसारियान में पहुंचकर संपन्न हुआ।
जुलूस में सबसे आगे ऊंट, घोड़े और बैलगाड़ियों पर बैठे छोटे-छोटे बच्चे हाथ में काले निशान लेकर चल रहे थे। उनके पीछे शबीह अलम हजरत अब्बास हजरत अब्बास अलैहिस्सलाम और अंजुमने अकबरिया व अंजुमने इमामियां चल रही थी। अंजुमने इमाममियां में नोहा पढ़ने वालों में मिर्जा अयाज, मिर्जा मेहरबान, ख्वाजा आसिफ रजा, शहबाज काजमी, शुजा काजमी, मिर्जा नईम, मुमताज, अली मेहंदी, सलीम हैदर काजमी, अनवर अब्बास जैदी, रहबर जैदी, सन्नी आब्दी, मानू आब्दी, अदनान, गयाज शामिल रहे। नदीम जैदी, कमर काजमी, इकबाल, नगीन, अथर जैदी, शादाब आब्दी, तुन्नू हसन, अख्तर अली, जैदी जीशान, कैसर अब्बास, मुनीर अब्बास, जिया अब्बास, मिर्जा अहसान, कौसर अब्बास, समीर हैदर, रियाज हैदर आदि मौजूद रहे। जुलूस का संचालन छोटी इमाम बारगाह के वक्फ प्रशासक मौलाना आजिम हुसैन के द्वारा नियुक्त टीम ने किया।
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सहारनपुर। हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के 18 साल के बेटे हजरत अली अकबर अलैहिस्सलाम शबीह-ए-पैगंबर की याद में मुहर्रम का मातमी जुलूस परंपरागत तरीके से नगर के मुख्य बाजारों से निकाला गया, जिसमें अकीदतमंदों ने मातम किया।
मोहल्ला अंसारियान स्थित हज्जन तुल्ली की इमाम बारगाह से अकीदतमंदों ने जुलजुनाह निकालकर छोटी इमाम बारगाह अंसारियान तक जाने के बाद जुलूस में बड़ा अलम निकाला। अकीदतमंदों ने भारी तादाद में जंजीरों से बंधी छुरियों आदि से मातम किया। इस दौरान वे लहूलुहान हो गए। गमजदा लोगों ने काले कपड़े पहन रखे थे और नंगे पैर, गरेबान चाक तथा मातम करते हुए चल रहे थे। अकीदतमंद या हुसैन, या अली, या अब्बा, हाय सकीना, हाय प्यास की आवाज बुलंद कर रहे थे। जुलूस छोटी इमाम बारगाह से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए मोहल्ला जाफर नवाज स्थित बड़ी इमाम बारगाह पहुंचा। यहां कुछ देर रुकने के बाद जुलूस छोटी इमाम बारगाह अंसारियान में पहुंचकर संपन्न हुआ।
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जुलूस में सबसे आगे ऊंट, घोड़े और बैलगाड़ियों पर बैठे छोटे-छोटे बच्चे हाथ में काले निशान लेकर चल रहे थे। उनके पीछे शबीह अलम हजरत अब्बास हजरत अब्बास अलैहिस्सलाम और अंजुमने अकबरिया व अंजुमने इमामियां चल रही थी। अंजुमने इमाममियां में नोहा पढ़ने वालों में मिर्जा अयाज, मिर्जा मेहरबान, ख्वाजा आसिफ रजा, शहबाज काजमी, शुजा काजमी, मिर्जा नईम, मुमताज, अली मेहंदी, सलीम हैदर काजमी, अनवर अब्बास जैदी, रहबर जैदी, सन्नी आब्दी, मानू आब्दी, अदनान, गयाज शामिल रहे। नदीम जैदी, कमर काजमी, इकबाल, नगीन, अथर जैदी, शादाब आब्दी, तुन्नू हसन, अख्तर अली, जैदी जीशान, कैसर अब्बास, मुनीर अब्बास, जिया अब्बास, मिर्जा अहसान, कौसर अब्बास, समीर हैदर, रियाज हैदर आदि मौजूद रहे। जुलूस का संचालन छोटी इमाम बारगाह के वक्फ प्रशासक मौलाना आजिम हुसैन के द्वारा नियुक्त टीम ने किया।
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