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म्यांमार की घटना को लेकर लोगों ने प्रदर्शन कर पीएम को ज्ञापन भेजा
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:20 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। मुस्लिम राजपूत वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों का कत्ल-ए-आम रोकने के लिए भारत सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन भी किया।
बुधवार को मुस्लिम राजपूत वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष राव कारी साजिद के नेतृत्व में संगठन से जुड़े लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए एसडीएम की अनुपस्थिति में सीओ सिद्धार्थ सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि म्यांमार में बहुसंख्यक वर्ग द्वारा अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों पर जबरदस्त अत्याचार किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं हैवानियत की हदें पार करते मासूम बच्चों को क्रूर तरीके से मौत के घाट उतारा जा रहा है। वहां के हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि धार्मिक स्थलों व ग्रंथों में भी आगजनी की जा रही है। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों के हौसले देखकर यह प्रतीत होने लगा है कि पूरे घटनाक्रम के पीछे म्यांमार सरकार का खुला समर्थन उपद्रवियों को प्राप्त है। उन्होंने भारत सरकार से इस मामले में प्रभावी रुप से हस्तक्षेप करते हुए म्यांमार के पीड़ित लोगों की मद्द के लिए आगे आने चाहिए। साथ ही मामले को संयुक्त राष्ट्र संघ के समक्ष उठाने की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों में हारिस सैय्यद, राव मशकूर अली, राव अफजाल, मलिक मोअज्जन, फाखिर अंसारी, मुस्तफा सलमानी, रिजवान सलमानी, मजाहिर हसन, राव अब्दुल सत्तार, जावेद खान, उस्मान, राव नजाकत, वासिफ अंसारी आदि शामिल रहे।
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बुधवार को मुस्लिम राजपूत वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष राव कारी साजिद के नेतृत्व में संगठन से जुड़े लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए एसडीएम की अनुपस्थिति में सीओ सिद्धार्थ सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि म्यांमार में बहुसंख्यक वर्ग द्वारा अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों पर जबरदस्त अत्याचार किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं हैवानियत की हदें पार करते मासूम बच्चों को क्रूर तरीके से मौत के घाट उतारा जा रहा है। वहां के हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि धार्मिक स्थलों व ग्रंथों में भी आगजनी की जा रही है। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों के हौसले देखकर यह प्रतीत होने लगा है कि पूरे घटनाक्रम के पीछे म्यांमार सरकार का खुला समर्थन उपद्रवियों को प्राप्त है। उन्होंने भारत सरकार से इस मामले में प्रभावी रुप से हस्तक्षेप करते हुए म्यांमार के पीड़ित लोगों की मद्द के लिए आगे आने चाहिए। साथ ही मामले को संयुक्त राष्ट्र संघ के समक्ष उठाने की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों में हारिस सैय्यद, राव मशकूर अली, राव अफजाल, मलिक मोअज्जन, फाखिर अंसारी, मुस्तफा सलमानी, रिजवान सलमानी, मजाहिर हसन, राव अब्दुल सत्तार, जावेद खान, उस्मान, राव नजाकत, वासिफ अंसारी आदि शामिल रहे।
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