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बिड़वी चीनी मिल को चलाने की कवायद
Updated Tue, 20 Mar 2018 12:32 AM IST
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नकुड़ (सहारनपुर)। बंद चीनी मिलों पर योगी सरकार की सख्ती का असर दिखाई देने लगा है। वेव इंडस्ट्रीज की बंद पड़ी बिड़वी इकाई को चलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिससे अगले गन्ना सीजन में इस चीनी मिल के चलने के आसार दिखाई देने लगे हैं।
सोमवार को बिड़वी चीनी मिल के जनरल मैनेजर जेएम गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि मिल में डेवलपमेंट का काम चल रहा है। किसानों को गन्ने की बुआई के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिसके अच्छे परिणाम आने की उम्मीद है। मिल के अधिकारियों व कर्मचारीयों ने अब तक क्षेत्र के ढकेदवी, जलालपुरा, खंडवा, झबीरण आदि गांवों में 51 किसान गोष्ठी करके किसानों को गन्ने की अगैती प्रजाति की बुआई के लिए प्रेरित किया है। गौरतलब है कि प्रदेश की योगी सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को चलाने के लिए सख्ती दिखाई है, जिसका नतीजा है कि जनपद की वर्षों से बंद दया शुगर की गागलहेड़ी इकाई चालू हो गई है। जबकि पांच वर्षों से बंद बिड़वी मिल चलाने के लिये प्रबंधन ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जीएम जेएम गुप्ता ने बताया कि मिल में मेंटिनेंस का कार्य भी अक्तूबर तक पूरा होने की उम्मीद है जिसके बाद इसी वर्ष अक्टूबर के अंतिम या नवंबर के पहले पखवाड़े तक मिल चलने की स्थिति में होगी। बहुत शीघ्र मिल का टेक्निकल स्टाफ काम करना शुरू कर देगा। मिल चलने की चर्चाओं के बीच क्षेत्र के गन्ना किसान खुश हैं। किसानों का कहना है कि बिड़वी मिल चलने से अभी तक शेरमऊ मिल की मनमानी से परेशान गन्ना किसानों को राहत मिलेगी। गन्ना किसान पाल्लेराम, सुखबीर सिंह, राजकुमार, सतीश, राजेश आदि ने कहा कि इस मिल के चलने से क्षेत्र का बड़ा लाभ मिलेगा।
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सोमवार को बिड़वी चीनी मिल के जनरल मैनेजर जेएम गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि मिल में डेवलपमेंट का काम चल रहा है। किसानों को गन्ने की बुआई के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिसके अच्छे परिणाम आने की उम्मीद है। मिल के अधिकारियों व कर्मचारीयों ने अब तक क्षेत्र के ढकेदवी, जलालपुरा, खंडवा, झबीरण आदि गांवों में 51 किसान गोष्ठी करके किसानों को गन्ने की अगैती प्रजाति की बुआई के लिए प्रेरित किया है। गौरतलब है कि प्रदेश की योगी सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को चलाने के लिए सख्ती दिखाई है, जिसका नतीजा है कि जनपद की वर्षों से बंद दया शुगर की गागलहेड़ी इकाई चालू हो गई है। जबकि पांच वर्षों से बंद बिड़वी मिल चलाने के लिये प्रबंधन ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जीएम जेएम गुप्ता ने बताया कि मिल में मेंटिनेंस का कार्य भी अक्तूबर तक पूरा होने की उम्मीद है जिसके बाद इसी वर्ष अक्टूबर के अंतिम या नवंबर के पहले पखवाड़े तक मिल चलने की स्थिति में होगी। बहुत शीघ्र मिल का टेक्निकल स्टाफ काम करना शुरू कर देगा। मिल चलने की चर्चाओं के बीच क्षेत्र के गन्ना किसान खुश हैं। किसानों का कहना है कि बिड़वी मिल चलने से अभी तक शेरमऊ मिल की मनमानी से परेशान गन्ना किसानों को राहत मिलेगी। गन्ना किसान पाल्लेराम, सुखबीर सिंह, राजकुमार, सतीश, राजेश आदि ने कहा कि इस मिल के चलने से क्षेत्र का बड़ा लाभ मिलेगा।
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