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जमीयत देवबंद की सरजमीं पर मनाएगी संगठन का सौ साला जश्न
Updated Sun, 14 Jan 2018 12:49 AM IST
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जमीयत देवबंद में मनाएगी सौ साल पूरे होने का जश्न
देवबंद। मुसलमानों की सबसे बड़ी जमात जमीयत उलमा-ए-हिंद संगठन के सौ वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2019 के आरंभ में इसका जश्न देवबंद की सरजमीन पर धूमधाम के साथ मनाएगी। इसमें देश विदेश से लाखों लोगों के शिरकत करने का अनुमान लगाया जा रहा है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना महमूद मदनी गुट) के दिल्ली मीडिया इंचार्ज मौलाना अजीमुल्लाह सिद्दीकी कासमी ने बताया कि जमीयत उलमा-ए-हिंद की स्थापना 19 नवंबर वर्ष 1919 को हुई थी। जिसने शुरुआत से ही मुसलमानों की समस्याओं का समाधान कराने और उनके हकों की लड़ाई को अपना मकसद बनाया था। जो आज भी अपने इस उद्देश्य को पूरी कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में संगठन के सौ वर्ष पूरे होंगे। दो दिन पूर्व दिल्ली में आयोजित हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि इस अवसर पर जमीयत उलमा-ए-हिंद देवबंद की सरजमीं पर आगामी 22 फरवरी को तीन दिवसीय सौ साला जश्न मनाएगी। इसकी तैयारियों के लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया है। जो अभी से इसके आयोजन को लेकर तैयारियों में जुट गई है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में देश विदेश से लाखों लोग शिरकत करेंगे। बता दें कि इस समय जमीयत उलमा-ए-हिंद के देश और विदेशों में करीब एक करोड़ सदस्य हैं। जो बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं।
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देवबंद। मुसलमानों की सबसे बड़ी जमात जमीयत उलमा-ए-हिंद संगठन के सौ वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2019 के आरंभ में इसका जश्न देवबंद की सरजमीन पर धूमधाम के साथ मनाएगी। इसमें देश विदेश से लाखों लोगों के शिरकत करने का अनुमान लगाया जा रहा है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना महमूद मदनी गुट) के दिल्ली मीडिया इंचार्ज मौलाना अजीमुल्लाह सिद्दीकी कासमी ने बताया कि जमीयत उलमा-ए-हिंद की स्थापना 19 नवंबर वर्ष 1919 को हुई थी। जिसने शुरुआत से ही मुसलमानों की समस्याओं का समाधान कराने और उनके हकों की लड़ाई को अपना मकसद बनाया था। जो आज भी अपने इस उद्देश्य को पूरी कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में संगठन के सौ वर्ष पूरे होंगे। दो दिन पूर्व दिल्ली में आयोजित हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि इस अवसर पर जमीयत उलमा-ए-हिंद देवबंद की सरजमीं पर आगामी 22 फरवरी को तीन दिवसीय सौ साला जश्न मनाएगी। इसकी तैयारियों के लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया है। जो अभी से इसके आयोजन को लेकर तैयारियों में जुट गई है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में देश विदेश से लाखों लोग शिरकत करेंगे। बता दें कि इस समय जमीयत उलमा-ए-हिंद के देश और विदेशों में करीब एक करोड़ सदस्य हैं। जो बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं।
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