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सहकारी समिति से उधार न मिलने पर गेंहू बुआई का संकट
Updated Tue, 28 Nov 2017 01:22 AM IST
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गंगोह।
सहकारी समितियों द्वारा उर्वरक एवं दवाईयां उधार नहीं देने से किसानों के आगे गेहूं बुवाई का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने खाद और बीज खातों पर ही देने की मांग की है।
किसान किसान लखपतराय सैनी, गजेसिंह सैनी, लीलू, तनवीर अहमद आदि का कहना है कि किसानों को खाद बीज हमेशा से समितियों द्वारा उधार दिया जाता रहा है। जिससे किसान फसल बोकर बाद में आसानी से फसल पर समितियों द्वारा दिया गया बीज खाद का पैसा चुकाते आ रहे हैं। लेकिन इस बार किसानों को खाद बीज उधार न देकर नकद पैसा जमा कराकर दिया जा रहा है। जिससे किसान परेशान है और वह साहूकारों के चंगुल में फंसने को मजबूर है। किसानों ने डीएम से मांग की कि उक्त व्यवस्था को पूर्ववत रखवाया जाए। उधर, महंगी की सहकारी समिति के एमडी श्याम कुमार का कहना है कि किसानों द्वारा लिया ऋण चुकता न कर पाने के कारण ही खाद, बीज नकद देने की व्यवस्था की गई है।
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सहकारी समितियों द्वारा उर्वरक एवं दवाईयां उधार नहीं देने से किसानों के आगे गेहूं बुवाई का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने खाद और बीज खातों पर ही देने की मांग की है।
किसान किसान लखपतराय सैनी, गजेसिंह सैनी, लीलू, तनवीर अहमद आदि का कहना है कि किसानों को खाद बीज हमेशा से समितियों द्वारा उधार दिया जाता रहा है। जिससे किसान फसल बोकर बाद में आसानी से फसल पर समितियों द्वारा दिया गया बीज खाद का पैसा चुकाते आ रहे हैं। लेकिन इस बार किसानों को खाद बीज उधार न देकर नकद पैसा जमा कराकर दिया जा रहा है। जिससे किसान परेशान है और वह साहूकारों के चंगुल में फंसने को मजबूर है। किसानों ने डीएम से मांग की कि उक्त व्यवस्था को पूर्ववत रखवाया जाए। उधर, महंगी की सहकारी समिति के एमडी श्याम कुमार का कहना है कि किसानों द्वारा लिया ऋण चुकता न कर पाने के कारण ही खाद, बीज नकद देने की व्यवस्था की गई है।
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