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हीमोडायलिसिस यूनिट में बेड फुल, बिना इलाज के लौट रहे मरीज

Thu, 02 Nov 2017 12:39 AM IST
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:39 AM IST
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हीमोडायलिसिस यूनिट में बेड फुल, बिना इलाज के लौट रहे मरीज
सहारनपुर। जिला अस्पताल में बनी हीमोडायलिसिस यूनिट से किडनी के गंभीर मरीजों को बिना इलाज के बाहर से ही लौटाया जा रहा है। दो महीने दस दिन में एक हजार से अधिक मरीज लौटाए जा चुके हैं, जिसकी प्रमुख वजह यूनिट में पर्याप्त बेड और सुविधाएं न होना है। बाहर से ही लौटाए जा रहे मरीजों के साथ ही उनके तीमारदार भी मायूस हैं।
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अस्पताल में 19 अगस्त 2017 को हीमोडायलिसिस यूनिट का लोकार्पण किया गया था। यूनिट में कुल दस बेड की व्यवस्था की गई है। इनमें हेपेटाइटिस सी निगेटिव के मरीजों के लिए नौ बेड, जबकि पॉजिटिव के मरीजों के लिए मात्र एक बेड रखा गया है। हैरत की बात यह है कि यूनिट में इलाज के लिए पहुंच रहे किडनी के मरीजों में हेपेटाइटिस सी पॉजिटिव के मरीजों की संख्या करीब 80 फीसदी है। सूत्रों ने बताया कि प्रतिदिन 15 से 20 मरीज पहुंचते हैं, जिनमें से ज्यादातर मरीज पॉजिटिव के होते हैं। क्योंकि यूनिट में पहले से ही मरीज उपचाराधीन हैं। ऐसे में प्रतिदिन पहुंचने वाले मरीजों को उनकी एंट्री कर वेट करने के लिए कहा जा रहा है। वर्तमान में कई दर्जन मरीज वेटिंग में हैं। इनमें अनेक मरीज पिछले दो महीने से इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है। नंबर न आने की वजह से कुछ को मजबूरन निजी चिकित्सालयों में जाकर इलाज कराना पड़ रहा है, जो उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है। वेटिंग लिस्ट लंबी होने की वजह से पिछले कुछ दिन से पहुंचने वाले मरीज अब एंट्री भी नहीं करा रहे हैं।
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स्टाफ की व्यवस्था
दस बेड के इस यूनिट में डॉ. सतीश कुमार के रूप में एक चिकित्सक, चार टेक्नीशियन और चार ही नर्सिंग असिस्टेंट तैैनात किए गए हैं। यह स्टाफ दस मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त बताया जा रहा है। इसके लिए दवाएं भी समय से पहुंच रही हैं। यदि यूनिट में और बेड बढ़ाए जाते हैं तो अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत पड़ेगी।
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यूनिट में भर्ती के लिए डॉक्टर करता है रेफर
यूनिट में इलाज पाने के लिए मरीज को सबसे पहले जिला अस्पताल से एक रुपये की पर्ची बनवाकर संबंधित चिकित्सक की ओपीडी में जाना होता है। उसके बाद चिकित्सक मरीज की स्थिति देखता है। यदि उसे डायलिसिस की जरूरत है तो ही चिकित्सक यूनिट के लिए रेफर करता है। डॉ. सतीश ने बताया कि पिछले कुछ समय से किडनी के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। प्रतिदिन 15 से 20 मरीज किडनी की समस्या लेकर पहुंचते हैं।

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हीमोडायलिसिस यूनिट किडनी के उन मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिनके पास इलाज के पैसे नहीं होते हैं। मगर देखने में आया है कि मरीजों की संख्या के सापेक्ष बेड कम पड़ रहे हैं। खासकर पॉजिटिव मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। बेड बढ़ाने के लिए हमने शासन को पत्र लिखा है।
डॉ. सत्य सिंह, सीएमएस।
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