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प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न करें : रशीदी
Updated Tue, 21 Aug 2018 12:25 AM IST
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प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न करें : रशीदी
अंबेहटा (सहारनपुर)। जमीयत उलमा हिंद के नकुड़ तहसील सदर और मदरसा जियाउल कुरान घाटमपुर के नाजिम मौलाना अलताफ रशीदी ने कहा कि ईद-उल-अजहा कुर्बानी का प्रतीक है। इसलिए हमें इस पर्व पर सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए सलहखे से त्यौहार को मनाना चाहिए। सोमवार को मौलाना अलताफ रशीदी ने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी कतई ना करें तथा साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि कुर्बानी नुमाइश के लिए नहीं होती। इसलिए कुर्बानी को सार्वजनिक स्थान पर न करके निर्धारित स्थानों पर ही करें। साथ ही मौलाना ने हिदायत दी कि कुर्बानी के लिए बीमार पशु कतई न खरीदें और कुर्बानी का हिस्सा गरीबों तक जरूर पहुंचाएं।
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अंबेहटा (सहारनपुर)। जमीयत उलमा हिंद के नकुड़ तहसील सदर और मदरसा जियाउल कुरान घाटमपुर के नाजिम मौलाना अलताफ रशीदी ने कहा कि ईद-उल-अजहा कुर्बानी का प्रतीक है। इसलिए हमें इस पर्व पर सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए सलहखे से त्यौहार को मनाना चाहिए। सोमवार को मौलाना अलताफ रशीदी ने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी कतई ना करें तथा साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि कुर्बानी नुमाइश के लिए नहीं होती। इसलिए कुर्बानी को सार्वजनिक स्थान पर न करके निर्धारित स्थानों पर ही करें। साथ ही मौलाना ने हिदायत दी कि कुर्बानी के लिए बीमार पशु कतई न खरीदें और कुर्बानी का हिस्सा गरीबों तक जरूर पहुंचाएं।