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करीबियों को ठेके दिलाने की जुगत में कई पार्षद
Updated Thu, 05 Apr 2018 12:25 AM IST
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सहारनपुर। नियमों को ताक पर रखकर नगर निगम के अनेक पार्षद अपने करीबियों को ठेके दिलाने की जुगत में हैं। कुछ दिन पहले एक पार्षद के नाम ठेका छोड़ दिया गया, जिसका पता चलने के बाद नगर निगम को ठेका निरस्त करना पड़ा और एक सर्कुलर जारी करना पड़ा। इतना ही नहीं, मंगलवार को पशु मंडी के ठेके की नीलामी की प्रक्रिया में तो मेयर के भाई के भी शामिल होने की चर्चा नगर निगम में दिन भर रही।
नियमानुसार मेयर, पार्षद या नगर निगम के किसी कर्मवारी के परिवार का सदस्य निगम द्वारा छोड़े जाने वाले विभिन्न प्रकार के ठेकों की नीलामी में बोली नहीं लगा सकता। न ही उसको ठेका दिया जा सकता है। मगर इसके बावजूद पूर्व में अनेक सभासद किसी न किसी को आगे कर ठेके लेते रहे हैं। नगर निगम में चर्चा है कि मौजूदा पार्षदों में भी अनेक पार्षद दूर के करीबियों को आगे कर लाभ पाने की फिराक में हैं। सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पहले एक पार्षद ने गलत तरीके से अपने परिजन के नाम ठेका ले लिया, जिसका पता चलने पर नगर निगम को वह ठेका निरस्त करना पड़ा। इसके बाद नगर निगम ने सर्कुलर जारी किया, जिसमें स्पष्ट लिखा गया कि कोई भी पार्षद या मेयर का करीबी कोई ठेका नहीं ले सकेगा। अब मंगलवार को पशु मंडी के ठेके की नीलामी की प्रक्रिया अपनाई गई। आरोप है कि इसमें मेयर के भाई ने भी हिस्सा लिया। इसे लेकर अन्य ठेकेदारों ने जमकर बवाल काटा। यानी साफ है कि पाबंदी के बावजूद किसी न किसी तरह लोग लाभ लेने की फिराक में हैं।
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मेरे भाई द्वारा नीलामी की प्रक्रिया में शामिल होकर बोली लगाने के आरोप पूरी तरह झूठे हैं। यदि किसी व्यक्ति के नाम के साथ वालिया जुड़ा है तो यह जरूरी नहीं है कि वह मेरा रिश्तेदार हो। मैंने नगर निगम के अधिकारियों से भी कहा है कि यदि कोई व्यक्ति मेरा नाम लेकर किसी गलत काम के लिए दबाव बनाए तो उसकी सूचना तुरंत मुझे दी जाए। नियमानुसार मेयर या पार्षदों का कोई रिश्तेदार भी ठेका नहीं ले सकता। हम इस नियम का कड़ाई से पालन करा रहे हैं।
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संजीव वालिया, मेयर।
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नियमानुसार मेयर, पार्षद या नगर निगम के किसी कर्मवारी के परिवार का सदस्य निगम द्वारा छोड़े जाने वाले विभिन्न प्रकार के ठेकों की नीलामी में बोली नहीं लगा सकता। न ही उसको ठेका दिया जा सकता है। मगर इसके बावजूद पूर्व में अनेक सभासद किसी न किसी को आगे कर ठेके लेते रहे हैं। नगर निगम में चर्चा है कि मौजूदा पार्षदों में भी अनेक पार्षद दूर के करीबियों को आगे कर लाभ पाने की फिराक में हैं। सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पहले एक पार्षद ने गलत तरीके से अपने परिजन के नाम ठेका ले लिया, जिसका पता चलने पर नगर निगम को वह ठेका निरस्त करना पड़ा। इसके बाद नगर निगम ने सर्कुलर जारी किया, जिसमें स्पष्ट लिखा गया कि कोई भी पार्षद या मेयर का करीबी कोई ठेका नहीं ले सकेगा। अब मंगलवार को पशु मंडी के ठेके की नीलामी की प्रक्रिया अपनाई गई। आरोप है कि इसमें मेयर के भाई ने भी हिस्सा लिया। इसे लेकर अन्य ठेकेदारों ने जमकर बवाल काटा। यानी साफ है कि पाबंदी के बावजूद किसी न किसी तरह लोग लाभ लेने की फिराक में हैं।
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मेरे भाई द्वारा नीलामी की प्रक्रिया में शामिल होकर बोली लगाने के आरोप पूरी तरह झूठे हैं। यदि किसी व्यक्ति के नाम के साथ वालिया जुड़ा है तो यह जरूरी नहीं है कि वह मेरा रिश्तेदार हो। मैंने नगर निगम के अधिकारियों से भी कहा है कि यदि कोई व्यक्ति मेरा नाम लेकर किसी गलत काम के लिए दबाव बनाए तो उसकी सूचना तुरंत मुझे दी जाए। नियमानुसार मेयर या पार्षदों का कोई रिश्तेदार भी ठेका नहीं ले सकता। हम इस नियम का कड़ाई से पालन करा रहे हैं।
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संजीव वालिया, मेयर।