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गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट में किसान
Updated Sun, 04 Mar 2018 11:36 PM IST
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सहारनपुर। पश्चिमी प्रदेश मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि जिले की शुगर मिलें किसानों का करीब 400 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं। गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसान आर्थिक संकट में है। इसके चलते किसान के पास बच्चों की फीस देने तक के लिए पैसे नहीं हैं।
रविवार को पेपर मिल रोड स्थित एक सभागार में आयोजित बैठक में पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में चल रही 119 शुगर मिलों के ऊपर दस हजार करोड़ रुपये बकाया हैं। उन्होंने कहा कि किसान के लिए गन्ना एक नगदी फसल मानी जाती है। उन्होंने कहा कि इस बार सभी चीनी मिलों में शुगर रिकवरी भी पहले से काफी अधिक आ रही है, जिसके चलते चीनी का बंपर उत्पादन हो रहा है। लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार के ढीले रवैये के चलते मिलों का प्रबंध तंत्र गन्ना मूल्य का भुगतान करने में कोताही बरत रहा है। उन्होंने ब्याज सहित गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की। अध्यक्षता हाफिज मुर्तजा त्यागी और संचालन विनोद सैनी ने किया। आसिम मलिक, सरदार गुलविंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह बिल्लू, अजीत प्रधान, जनेश्वर त्यागी, महबूब हसन, बिलाल, अफसर अली, रविंद्र गिल, सचिन प्रधान, रामशरण सैनी, विमल सैनी, कृष्णपाल गुर्जर आदि रहे।
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रविवार को पेपर मिल रोड स्थित एक सभागार में आयोजित बैठक में पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में चल रही 119 शुगर मिलों के ऊपर दस हजार करोड़ रुपये बकाया हैं। उन्होंने कहा कि किसान के लिए गन्ना एक नगदी फसल मानी जाती है। उन्होंने कहा कि इस बार सभी चीनी मिलों में शुगर रिकवरी भी पहले से काफी अधिक आ रही है, जिसके चलते चीनी का बंपर उत्पादन हो रहा है। लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार के ढीले रवैये के चलते मिलों का प्रबंध तंत्र गन्ना मूल्य का भुगतान करने में कोताही बरत रहा है। उन्होंने ब्याज सहित गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की। अध्यक्षता हाफिज मुर्तजा त्यागी और संचालन विनोद सैनी ने किया। आसिम मलिक, सरदार गुलविंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह बिल्लू, अजीत प्रधान, जनेश्वर त्यागी, महबूब हसन, बिलाल, अफसर अली, रविंद्र गिल, सचिन प्रधान, रामशरण सैनी, विमल सैनी, कृष्णपाल गुर्जर आदि रहे।
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