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चंद्रशेखर ने जेल से लिखा अपने लोगों को पत्र
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:07 AM IST
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चंद्रशेखर ने जेल से लिखा अपने लोगों को पत्र
सहारनपुर। रामनगर और जिले के अन्य स्थानों पर हुए बवाल के मामले में जेल भेजे गए भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण ने जेल से ही अपने हाथ से लिखा पत्र जारी कर दिया है। जिसमें उसने कार्यकारिणी भंग करने की सफाई दी है और समाज के लोगों से एकजुट रहने की भावनात्मक अपील की है।
सोशल मीडिया पर आईटी टीम और सर्विलांस टीम की नजर होने के चलते तथा जेल में मोबाइल के पहुंचने में दिक्कत होने के कारण रावण ने कड़ी सुरक्षा में तन्हा बैरक में से ही अपने हाथ से लिखा हुआ पत्र जारी कर दिया है। 23 जून को जारी किए गए इस पत्र में उसने समाज के लोगों से कहा है कि उन्होंने दुनियां को अपनी ताकत और एकता का अहसास करा दिया है। उसने कहा है कि छोटी मानसिकता वाले लोगों को इससे तकलीफ हुई है। छुआछूत और शोषण करने वालों के खिलाफ उनका संघर्ष है। रावण ने पत्र में कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने मिस्टर गांधी से कहा था कि 20वीं सदी आपकी है तो 21वीं सदी हमारी होगी। उसने लोगों को एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि अब समय आने वाला है जब बाबा साहेब के सपनों के भारत का निर्माण होगा। कुछ लोग आरोप लगाकर एकता को तोड़ना चाहते हैं, लेकिन उनकी बातों से गुमराह मत होना।
रावण ने भीम आर्मी की कमेटी भंग करने की सफाई देते हुए कहा कि कुछ लोगों के स्वार्थ की वजह से कमेटी भंग की है। लोगों के त्याग, समर्पण और भरोसे को ठेस पहुंच रही थी। वह भरोसे को टूटने नहीं देगा। उसने अपील की है कि उसकी गैर मौजूदगी में युवा साथी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए संवैधानिक दायरे में न्याय के लिए संघर्ष करें।
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जेल से वायरल हुए इस पत्र का फोटो खींचकर रावण के साथियों तक पहुंचाया जा रहा है। जिससे लोग भावनात्मक रूप से उससे जुड़े रहें। संगठन टूटने न पाए।
इस संबंध में जेल अधीक्षक का कहना है कि बंदी को जेल से पत्र लिखने की अनुमति दी जाती है। जो बंदी पत्र नहीं लिखता उसे मुलाकात की एक अतिरिक्त छूट दी जाती है।
पिता ने किया मासूम को ओवरब्रिज से फेंकने का प्रयास
सहारनपुर। कोर्ट रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज पर सोमवार की रात पति-पत्नी में हुई मारपीट के दौरान पति ने अपने दुधमुंहे बच्चे को ओवरब्रिज से नीचे फेंकने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची बच्चे की दादी ने उसे बचा लिया। लोगों ने आरोपी की जमकर धुनाई कर डाली।
कोर्ट रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज पर रहने वाले घुमंतू परिवार के पति पत्नी की सोमवार की रात को आपस में मारपीट हो गई। कुछ देर बाद पति ने अपने दुधमुंहे बच्चे को पैर पकड़ कर उठा लिया और उसे ओवरब्रिज से फेंकने का प्रयास किया। इसी दौरान बच्चे की दादी ने उसे झपट लिया और बच्चे को बचा लिया। नजारा देख रहे राहगीरों ने आरोपी व्यक्ति को पकड़ लिया और जमकर धुनाई कर डाली। जिसके बाद व्यक्ति वहां से भाग गया।
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सहारनपुर। रामनगर और जिले के अन्य स्थानों पर हुए बवाल के मामले में जेल भेजे गए भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण ने जेल से ही अपने हाथ से लिखा पत्र जारी कर दिया है। जिसमें उसने कार्यकारिणी भंग करने की सफाई दी है और समाज के लोगों से एकजुट रहने की भावनात्मक अपील की है।
सोशल मीडिया पर आईटी टीम और सर्विलांस टीम की नजर होने के चलते तथा जेल में मोबाइल के पहुंचने में दिक्कत होने के कारण रावण ने कड़ी सुरक्षा में तन्हा बैरक में से ही अपने हाथ से लिखा हुआ पत्र जारी कर दिया है। 23 जून को जारी किए गए इस पत्र में उसने समाज के लोगों से कहा है कि उन्होंने दुनियां को अपनी ताकत और एकता का अहसास करा दिया है। उसने कहा है कि छोटी मानसिकता वाले लोगों को इससे तकलीफ हुई है। छुआछूत और शोषण करने वालों के खिलाफ उनका संघर्ष है। रावण ने पत्र में कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने मिस्टर गांधी से कहा था कि 20वीं सदी आपकी है तो 21वीं सदी हमारी होगी। उसने लोगों को एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि अब समय आने वाला है जब बाबा साहेब के सपनों के भारत का निर्माण होगा। कुछ लोग आरोप लगाकर एकता को तोड़ना चाहते हैं, लेकिन उनकी बातों से गुमराह मत होना।
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रावण ने भीम आर्मी की कमेटी भंग करने की सफाई देते हुए कहा कि कुछ लोगों के स्वार्थ की वजह से कमेटी भंग की है। लोगों के त्याग, समर्पण और भरोसे को ठेस पहुंच रही थी। वह भरोसे को टूटने नहीं देगा। उसने अपील की है कि उसकी गैर मौजूदगी में युवा साथी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए संवैधानिक दायरे में न्याय के लिए संघर्ष करें।
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जेल से वायरल हुए इस पत्र का फोटो खींचकर रावण के साथियों तक पहुंचाया जा रहा है। जिससे लोग भावनात्मक रूप से उससे जुड़े रहें। संगठन टूटने न पाए।
इस संबंध में जेल अधीक्षक का कहना है कि बंदी को जेल से पत्र लिखने की अनुमति दी जाती है। जो बंदी पत्र नहीं लिखता उसे मुलाकात की एक अतिरिक्त छूट दी जाती है।
पिता ने किया मासूम को ओवरब्रिज से फेंकने का प्रयास
सहारनपुर। कोर्ट रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज पर सोमवार की रात पति-पत्नी में हुई मारपीट के दौरान पति ने अपने दुधमुंहे बच्चे को ओवरब्रिज से नीचे फेंकने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची बच्चे की दादी ने उसे बचा लिया। लोगों ने आरोपी की जमकर धुनाई कर डाली।
कोर्ट रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज पर रहने वाले घुमंतू परिवार के पति पत्नी की सोमवार की रात को आपस में मारपीट हो गई। कुछ देर बाद पति ने अपने दुधमुंहे बच्चे को पैर पकड़ कर उठा लिया और उसे ओवरब्रिज से फेंकने का प्रयास किया। इसी दौरान बच्चे की दादी ने उसे झपट लिया और बच्चे को बचा लिया। नजारा देख रहे राहगीरों ने आरोपी व्यक्ति को पकड़ लिया और जमकर धुनाई कर डाली। जिसके बाद व्यक्ति वहां से भाग गया।
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