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प्रोटीनयुक्त आहर लें और साफ सफाई का ध्यान रखें बेटियां
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में अपराजिता अभियान के तहत मंगलवार को भैंसराऊ के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महिला चिकित्सकों ने छात्राओं को नियमित रूप से साफ सफाई और प्रोटीनयुक्त आहार लेने पर बल दिया। छात्राओं ने बारी बारी से अपनी समस्याएं चिकित्सकों को बताई। चिकित्सकों ने जरूरी दवाइयां लिखने के साथ ही जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर में आने की सलाह दी।
फतेहपुर सीएचसी की महिला चिकित्साधिकारी डा. नीतू शर्मा और दंत सहायक पुनीता शर्मा ने विद्यालय की 143 छात्राओं के स्वास्थ्य और दांतों की जांच की। ज्यादातर छात्राओं में स्कैबीज की बीमारी सामने आई। डा. नीतू शर्मा ने छात्राओं को बताया कि वह नियमित रूप से साफ सफाई रखें। कपड़ों को गर्म पानी में धुलने के साथ ही उन्हें उल्टा करके सुखाएं। सप्ताह में एक बार दवाई लें और व्यक्तिगत साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने हरी सब्जियों, प्रोटीनयुक्त आहार लेने की सलाह दी। खाने में सलाद को शामिल करने पर बल दिया। नियमित रूप से योगा और अन्य व्यायाम भी करने की सीख दी गई। उन्होंने बताया कि इससे शादी के बाद कोई दिक्कत नहीं होती और शरीर में अच्छे हारमोन बढ़ते हैं। कठिन दिनों के बारे में उन्होंने बताया कि यह कोई बीमारी नहीं है बल्कि एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि शादी से पहले जीवन साथी का मेडिकल चेकअप जरूर कराएं यह कोई गलत चीज नहीं है बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता है। शिविर में करीब एक दर्जन छात्राओं को सीएचसी पर पहुंच कर जांच करा उपचार कराने की सलाह दी गई।
दंत सहायक पुनीता शर्मा ने छात्राओं से सुबह और रात को सोने से पहले ब्रश करने की सलाह दी। इसके बाद सोने तक कुछ न खाने की हिदायत भी दी गई। इसके साथ ही जंक फूड जैसे चाऊमीन, स्प्रिंग रोल, बर्गर, मंचूरियन आदि का भी कम से कम सेवन करने की सलाह छात्राओं को उन्होंने दी। उन्होंने कहा कि भोजन करने के बाद दांतों की अच्छी तरह से सफाई जरूरी है। उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर केवल प्रशिक्षित चिकित्सक को ही दिखाना चाहिए।
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पवित्र कार्य है अपराजिता अभियान-------------
अमर उजाला की मुहिम अपराजिता एक बहुत की पवित्र कार्य है। समाज का नकारात्मक माहौल महिलाओं के लिए एक चुनौती है। महिलाओं से जुड़े मुद्दों के लिए इस तरह की संवेदनशीलता निश्चित तौर पर अच्छी पहल है। समाज के लोग इससे सीख लेकर इस अभियान को मंजिल तक पहुंचाने का काम करें। - डा. नीतू शर्मा महिला चिकित्साधिकारी सीएचसी फतेहपुर
बेटियों का सम्मान सबसे बड़ी जरूरत------------------
बेटियों का सम्मान सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। बेटियों के सम्मान से ही समाज का मस्तक ऊंचा होता है। अमर उजाला महिला स्वाभिमान को लेकर जो कार्य कर रहा है निश्चित रुप से वह सराहनीय है। - ललिता शर्मा वार्डन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भैंसराव छुटमलपुर
बेटियों का हुनर तराशने में मदद करें अभिभावक------------
अमर उजाला के अपराजिता अभियान से जुड़कर अच्छा लगा। समाज को समझना होगा कि बेटियां किसी भी स्थिति में बेटों से कम नहीं हैं। अभिभावक भी बेटियों का हुनर तराशने में उनकी मदद करें। ताकि वे खुद को दूसरे पायदान पर न समझें। - पुनीता शर्मा दंत सहायक सीएचसी फतेहपुर
अंधेरे से उजाले की तरफ कदम है अपराजिता अभियान
छात्रा गीता ने इस मौके पर अपराजिता को लेकर अपने विचार रखे। उसने कहा कि जीवन के किसी भी संघर्ष से न डर कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन अपराजित हो कर करना एक महिला ही बेहतर जानती है। रुखसार और रुबीना ने कहा कि अमर उजाला का अपराजिता अभियान निसंदेह अंधेरे से उजाले की तरफ एक भगीरथी कदम है। मधु, पायल और काजल ने कहा कि अमर उजाला की पहल निश्चित रुप से बदलाव की बयार लाने का काम करेगी।
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फतेहपुर सीएचसी की महिला चिकित्साधिकारी डा. नीतू शर्मा और दंत सहायक पुनीता शर्मा ने विद्यालय की 143 छात्राओं के स्वास्थ्य और दांतों की जांच की। ज्यादातर छात्राओं में स्कैबीज की बीमारी सामने आई। डा. नीतू शर्मा ने छात्राओं को बताया कि वह नियमित रूप से साफ सफाई रखें। कपड़ों को गर्म पानी में धुलने के साथ ही उन्हें उल्टा करके सुखाएं। सप्ताह में एक बार दवाई लें और व्यक्तिगत साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने हरी सब्जियों, प्रोटीनयुक्त आहार लेने की सलाह दी। खाने में सलाद को शामिल करने पर बल दिया। नियमित रूप से योगा और अन्य व्यायाम भी करने की सीख दी गई। उन्होंने बताया कि इससे शादी के बाद कोई दिक्कत नहीं होती और शरीर में अच्छे हारमोन बढ़ते हैं। कठिन दिनों के बारे में उन्होंने बताया कि यह कोई बीमारी नहीं है बल्कि एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि शादी से पहले जीवन साथी का मेडिकल चेकअप जरूर कराएं यह कोई गलत चीज नहीं है बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता है। शिविर में करीब एक दर्जन छात्राओं को सीएचसी पर पहुंच कर जांच करा उपचार कराने की सलाह दी गई।
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दंत सहायक पुनीता शर्मा ने छात्राओं से सुबह और रात को सोने से पहले ब्रश करने की सलाह दी। इसके बाद सोने तक कुछ न खाने की हिदायत भी दी गई। इसके साथ ही जंक फूड जैसे चाऊमीन, स्प्रिंग रोल, बर्गर, मंचूरियन आदि का भी कम से कम सेवन करने की सलाह छात्राओं को उन्होंने दी। उन्होंने कहा कि भोजन करने के बाद दांतों की अच्छी तरह से सफाई जरूरी है। उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर केवल प्रशिक्षित चिकित्सक को ही दिखाना चाहिए।
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पवित्र कार्य है अपराजिता अभियान-------------
अमर उजाला की मुहिम अपराजिता एक बहुत की पवित्र कार्य है। समाज का नकारात्मक माहौल महिलाओं के लिए एक चुनौती है। महिलाओं से जुड़े मुद्दों के लिए इस तरह की संवेदनशीलता निश्चित तौर पर अच्छी पहल है। समाज के लोग इससे सीख लेकर इस अभियान को मंजिल तक पहुंचाने का काम करें। - डा. नीतू शर्मा महिला चिकित्साधिकारी सीएचसी फतेहपुर
बेटियों का सम्मान सबसे बड़ी जरूरत------------------
बेटियों का सम्मान सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। बेटियों के सम्मान से ही समाज का मस्तक ऊंचा होता है। अमर उजाला महिला स्वाभिमान को लेकर जो कार्य कर रहा है निश्चित रुप से वह सराहनीय है। - ललिता शर्मा वार्डन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भैंसराव छुटमलपुर
बेटियों का हुनर तराशने में मदद करें अभिभावक------------
अमर उजाला के अपराजिता अभियान से जुड़कर अच्छा लगा। समाज को समझना होगा कि बेटियां किसी भी स्थिति में बेटों से कम नहीं हैं। अभिभावक भी बेटियों का हुनर तराशने में उनकी मदद करें। ताकि वे खुद को दूसरे पायदान पर न समझें। - पुनीता शर्मा दंत सहायक सीएचसी फतेहपुर
अंधेरे से उजाले की तरफ कदम है अपराजिता अभियान
छात्रा गीता ने इस मौके पर अपराजिता को लेकर अपने विचार रखे। उसने कहा कि जीवन के किसी भी संघर्ष से न डर कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन अपराजित हो कर करना एक महिला ही बेहतर जानती है। रुखसार और रुबीना ने कहा कि अमर उजाला का अपराजिता अभियान निसंदेह अंधेरे से उजाले की तरफ एक भगीरथी कदम है। मधु, पायल और काजल ने कहा कि अमर उजाला की पहल निश्चित रुप से बदलाव की बयार लाने का काम करेगी।