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17 मदरसों की जांच फाइलों दबाए बैठा विभाग
Updated Wed, 30 May 2018 12:44 AM IST
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17 मदरसों की जांच पर सात माह में भी कार्रवाई नहीं
सहारनपुर। आनलाइन लाइन पंजीकरण में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद 17 मदरसों की मान्यता रद्द कर जिला अल्पसंख्यक विभाग जांच फाइलों में दबाकर बैठ गया। सात माह बाद भी ना ही मदरसों को कागजों में संचालित करने वालों का पता लगाया और न ही सरकारी अनुदान की रिकवरी के लिए कोई कदम उठाया गया।
जिले में 754 मदरसे मान्यता प्राप्त थे। बीते वर्ष अक्तूबर माह में पहले चरण की कार्रवाई में आनलाइन पंजीकरण न करने वाले 29 मदरसों को जिला अल्पसंख्यक विभाग ने नोटिस दिया। इनमें से 12 ने ही जवाब दिया था। विभाग की टीम ने मौके पर जाकर देखा तो 17 मदरसे अस्तित्व में नहीं मिले थे। इनकी मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ फर्जीवाड़ा करने वालों की शिनाख्त को जांच बैठाई गई थी। इन मदरसों में कितने छात्र थे और कब-कब सरकार से अनुदान प्राप्त किया गया है। इसकी जांच शुरू की गई थी। लेकिन सात माह बीतने के बाद विभाग की जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है। जांच की फाइलें धूल फांक रही है। बता दें कि मदरसा संचालकों के लिए आनलाइन पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2018 थी। शासन ने आनलाइन पंजीकरण कराने का बार-बार मौका दिया। इसके बाद भी 68 मदरसा संचालकों ने आनलाइन पंजीकरण नहीं कराया है।
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सहारनपुर। आनलाइन लाइन पंजीकरण में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद 17 मदरसों की मान्यता रद्द कर जिला अल्पसंख्यक विभाग जांच फाइलों में दबाकर बैठ गया। सात माह बाद भी ना ही मदरसों को कागजों में संचालित करने वालों का पता लगाया और न ही सरकारी अनुदान की रिकवरी के लिए कोई कदम उठाया गया।
जिले में 754 मदरसे मान्यता प्राप्त थे। बीते वर्ष अक्तूबर माह में पहले चरण की कार्रवाई में आनलाइन पंजीकरण न करने वाले 29 मदरसों को जिला अल्पसंख्यक विभाग ने नोटिस दिया। इनमें से 12 ने ही जवाब दिया था। विभाग की टीम ने मौके पर जाकर देखा तो 17 मदरसे अस्तित्व में नहीं मिले थे। इनकी मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ फर्जीवाड़ा करने वालों की शिनाख्त को जांच बैठाई गई थी। इन मदरसों में कितने छात्र थे और कब-कब सरकार से अनुदान प्राप्त किया गया है। इसकी जांच शुरू की गई थी। लेकिन सात माह बीतने के बाद विभाग की जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है। जांच की फाइलें धूल फांक रही है। बता दें कि मदरसा संचालकों के लिए आनलाइन पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2018 थी। शासन ने आनलाइन पंजीकरण कराने का बार-बार मौका दिया। इसके बाद भी 68 मदरसा संचालकों ने आनलाइन पंजीकरण नहीं कराया है।
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