{"_id":"5a511eb54f1c1b0b788b6d9c","slug":"181515265717-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध कॉलोनी में हुए निर्माण पर चला प्राधिकरण का बुलडोजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध कॉलोनी में हुए निर्माण पर चला प्राधिकरण का बुलडोजर
Updated Sun, 07 Jan 2018 12:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। मानकमऊ क्षेत्र में बड़ी नहर के किनारे वर्ष 2015 से काटी जा रही अवैध कॉलोनी पर विकास प्राधिकरण की नींद अब टूटी है। प्राधिकरण की टीम ने तीन साल बाद कॉलोनी में हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया। टीम के साथ भारी पुलिस बल रहा, जिसकी वजह से कॉलोनाइजर और निर्माणकर्ता विरोध नहीं कर सके।
करीब 50 बीघा जमीन पर कॉलोनाइजर द्वारा कॉलोनी के लिए डिमार्केशन का कार्य किया गया था। प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1993 की धारा 27, 28(1) व 28(2) के तहत कार्रवाई करते हुए वाद योजित किया था। इतना ही नहीं 22 दिसंबर 2015 को ध्वस्तीकरण के आदेश कॉलोनाइजर को दिए गए थे। साथ ही ध्वस्तीकरण कर 15 दिन में अवगत कराने को कहा गया था। इसके बाद कॉलोनाइजर ने एक लाख रुपये का अग्रिम शमन शुल्क जमा कराते हुए ले आउट का नक्शा जमा कराने के लिए एक महीने का समय मांगा था। मगर इसके बाद भी ले आउट प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। कुछ ही दिन पहले प्राधिकरण ने स्थलीय निरीक्षण किया तो कॉलोनी में अवैध निर्माण होता मिला। प्राधिकरण की टीम ने शनिवार को कॉलोनी में जाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया। भारी पुलिस बल भी साथ रहा। प्राधिकरण सचिव सत्यप्रकाश शर्मा ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की पुष्टि की।
विज्ञापन
करीब 50 बीघा जमीन पर कॉलोनाइजर द्वारा कॉलोनी के लिए डिमार्केशन का कार्य किया गया था। प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1993 की धारा 27, 28(1) व 28(2) के तहत कार्रवाई करते हुए वाद योजित किया था। इतना ही नहीं 22 दिसंबर 2015 को ध्वस्तीकरण के आदेश कॉलोनाइजर को दिए गए थे। साथ ही ध्वस्तीकरण कर 15 दिन में अवगत कराने को कहा गया था। इसके बाद कॉलोनाइजर ने एक लाख रुपये का अग्रिम शमन शुल्क जमा कराते हुए ले आउट का नक्शा जमा कराने के लिए एक महीने का समय मांगा था। मगर इसके बाद भी ले आउट प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। कुछ ही दिन पहले प्राधिकरण ने स्थलीय निरीक्षण किया तो कॉलोनी में अवैध निर्माण होता मिला। प्राधिकरण की टीम ने शनिवार को कॉलोनी में जाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया। भारी पुलिस बल भी साथ रहा। प्राधिकरण सचिव सत्यप्रकाश शर्मा ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की पुष्टि की।
विज्ञापन