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यातायात नियमों के साथ सिखाया जिंदगी का फलसफा

Thu, 27 Sep 2018 12:28 AM IST
Updated Thu, 27 Sep 2018 12:28 AM IST
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यातायात नियमों के साथ सिखाया जिंदगी का फलसफा
सहारनपुर। पुलिस अधीक्षक नगर प्रबल प्रताप सिंह ने कहा है कि जो भी यातायात नियम एवं कानून बनाए गए हैं, वह लोगों की सुरक्षा से जुड़े हैं। इन नियमों का पालन न करने वाला खुद को तो परेशानी में डालता ही है, समाज और देश का भी गुनहगार बनता है। पुलिस और प्रशासन सिर्फ नियमों का पालन कराते हैं। जिसके लिए कई बार सख्ती भी करनी पड़ती है। यातायात के नियमों का पालन नहीं करेंगे तो खुद के साथ दूसरों के लिए भी असुरक्षा पैदा होगी।
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एसपी सिटी ने बुधवार को मिशन कंपाउंड स्थित ब्रिज ब्राह्मण इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्र-छात्राओं को उदाहरण समेत यातायात नियमों की सीख दी। उन्होंने कहा कि कानून का सहयोग करने वालों को कानून और नियम आसान लगते हैं, लेकिन नियम कानून के विपरीत चलने वालों को कानून से परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि यातायात के नियम लोगों की सुरक्षा के लिए ही बनाए गए हैं, पुलिस की सुरक्षा के लिए नहीं। इनका पालन न करना जीवन पर भारी पड़ता है। उन्होंने कहा युवा ही नियम, कानून का पालन कराने में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। कहा कि नियम कानून का पालन न करने का नुकसान उससे पूछो जिसने दुर्घटना में कोई अपना खोया हो।
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- सोशल क्राइम से सावधान रहने की हिदायत दी
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने कहा कि युवाओं को सोशल क्राइम के प्रति जागरूक होना जरूरी है। इंटरनेट बहुत अच्छी चीज है। लेकिन उसका सदुपयोग होना चाहिए। अनुशासन के साथ इंटरनेट का प्रयोग करें। असावधानी से युवा गलत दिशा में जा सकते हैं और फिर सोशल क्राइम की चपेट में आ जाते हैं।
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- दृढ़ इच्छाशक्ति, अटूट मेहनत है सफलता का राज
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने कहा कि अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति, अटूट मेहनत ही सफलता का एकमात्र रास्ता है। सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता। दृढ़ निश्चय कर एकलव्य की तरह अपने लक्ष्य को साधकर प्रयास करो। भटकाने वालों पर ध्यान न दो। आसपास के लोग ही हतोत्साहित करने का प्रयास करेंगे, लेकिन लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। एक, दो बार में नहीं तो बार-बार प्रयास से सफलता जरूर मिलेगी।
- जानकारी नहीं जागरूकता की कमी
पुलिस अधीक्षक यातायात विनीत भटनागर ने छात्र-छात्राओं को यातायात के नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं है कि लोगों को नियमों की जानकारी न हो, लेकिन जागरूकता नहीं है। सभी को यातायात के अधिकांश नियमों की जानकारी है। लेकिन पालन कोई भी नहीं करता। दुपहिया वाहन पर हेलमेट लगाना चाहिए, लाइसेंस एवं कागज होने चाहिए, निर्धारित गति होनी चाहिए, प्रदूषण प्रमाण-पत्र होना चाहिए, दो से अधिक लोग बाइक पर नहीं होने चाहिए। छात्र-छात्राएं स्वयं भी नियमों का पालन करें और अपने परिजनों, मित्रों एवं जानकारों को भी नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक करें। प्रधानाचार्य डा अरविंद कुमार शर्मा, प्रबंधक प्रतिनिधि अमित शर्मा, जसवंती देवी, विनोद बाबू, मनोज शर्मा, अनीता शर्मा, देशराज सिंह, बिजेंद्र सिंह, अमरीक सिंह, ब्रजपाल सिंह, संजीव झिंगरान, संजय कुमार, पंकज शर्मा, ब्रजवीर सिंह, गौरव शर्मा, अनुज शर्मा, रवि शंकर कपिल, दीपक शर्मा, सतीश शर्मा, मनीष कुमार आदि मौजूद रहे।
- भगत सिंह के जीवन से लें सीख
एसपी यातायात विनीत भटनागर ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी देश के आदर्श हैं। लेकिन शहीद भगत सिंह के जीवन से भी सीख लेनी चाहिए। उन्होंने स्वतंत्र एवं स्वच्छ वातावरण के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया था। देश के प्रति निरंकुश शासन के विरुद्ध लोगों को जागरूक कर बहरों के कान खोलने का काम किया। इसलिए जागरूकता चाहिए।
- अपराधों से अधिक दुर्घटनाओं में मौत
यातायात उप निरीक्षक तेज प्रताप सिंह ने कहा कि यातायात के नियमों का पालन न करना जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। जिले भर में होने वाली मौतों में 70 प्रतिशत मौतें सड़क दुर्घटनाओं के चलते हो रही हैं। 30 प्रतिशत से भी कम मौतें बीमारी और आपराधिक मामलों में हो रही हैं। यह आंकड़ा ही लोगों की वाहन चलाने में लापरवाही को दर्शा रहा है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को यातायात संकेतों की जानकारी दी और छात्रों से जागरूकता लाने की अपील की।
छात्रों के सवाल और एसपी सिटी के जवाब
सवाल - पुलिस से न दोस्ती अच्छी न दुश्मनी ?
जवाब - कानून का दिन भर पालन कराना पुलिस का प्रयास रहता है। लोग इसे नकारात्मक रूप में देखते हैं। नियम कानून का पालन करने की बजाय बचकर भागते हैं। इससे लोगों को पुलिस दुश्मन लगती है। लेकिन उसके लिए पुलिस की अहमियत होती है जिसके पुलिस ने आंसू पोंछे, जिसको न्याय दिलाया, जिसकी सुरक्षा की, जिसके अपराधी पुलिस ने पकड़े। लेकिन ऐसे लोग कम होते हैं।
सवाल - गलत काम करने पर पुलिस पकड़ती है और पैसे लेकर तुरंत छोड़ देती है ?
जवाब - अधिकांश लोग शार्टकट अपनाने एवं कार्रवाई से बचने के लिए किसी पुलिसकर्मी को पैसे देकर छूटने का प्रयास करते हैं। यह गलती लोगों की है। जब कोई पैसे देगा ही नहीं, तो पुलिसकर्मी पैसे कैसे ले लेगा। सही तरीका है कि चालान कटवा लो और फिर जमा कर दो। किसी और को देने की बजाय सरकार के खाते में जाएंगे।

सवाल - कान में लीड लगाकर, तीन सवारी बाइकर्स पर कार्रवाई नहीं ?
जवाब - लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। पकड़ा भी जा रहा है और चालान भी किया जा रहा है। लेकिन जरूरत है मानसिकता बदलने की। किसी दूसरे देश में कानून इसलिए नहीं तोड़ता क्योंकि उसे पता है कि कानून तोड़ने से दूसरों को परेशानी होगी। लोगों को यहां भी इस प्रकार की मानसिकता लानी होगी।
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