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उत्पीड़न का आरोप लगा उद्यमियों ने किया प्रदर्शन
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:53 AM IST
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उत्पीड़न का आरोप लगा उद्यमियों ने किया प्रदर्शन
सहारनपुर। उद्योगों में वाणिज्यकर विभाग की एसआईबी टीम द्वारा किए जा रहे सर्वे के विरोध में आईआईए और एसआईए से जुडे़ उद्यमियों ने प्रदर्शन का एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 अनिल कुुमार पाठक को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छापेमारी बंद नहीं हुई तो उद्यमी 21 और 22 फरवरी को लखनऊ में होने वाले यूपी इंवेस्टर समिट का बहिष्कार करेंगे। जबकि संस्था के 18 उद्यमी अपने नए प्रोजेक्ट के लिए 350 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट करने जा रहे हैं।
सोमवार को इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और सहारनपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से जुडे़ उद्यमियों ने दिल्ली रोड स्थित वाणिज्यकर भवन पर प्रदर्शन कर एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आईआईए ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले जीएसटी कौंसिल ने आश्वासन दिया था कि किसी भी लघु उद्यमी के यहां छापेमारी नहीं की जाएगी। यदि बहुत आवश्यक हुआ तो वाणिज्यकर विभाग के कमिश्नर से अनुुमति लेकर ही सर्वे किया जाएगा। प्रदेश के उद्यमी अभी जीएसटी की शुरूआती प्रक्रियाओं में ही उलझे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ई-वे बिल लागू होने के बाद किसी भी प्रकार के सर्वेक्षण और रेड का कोई औचित्य नहीं है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने यह भी आदेश जारी कर रखा है कि लघु उद्योगों का सर्वे जिलाधिकारी की अनुमति के बिना नहीं हो सकता। ऐसे में एसआईबी की टीम छापेमारी कर उद्यमियों का उत्पीड़न कर रही है। किसी भी इकाई का सर्वे संस्था की टाईगर फोर्स नहीं होने देगी।
उधर, सहारनपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में उद्यमियों ने कहा कि अधिकांश उद्यमी सभी प्रकार के टैक्सों का भुगतान समय पर करते हैं, लेकिन विभाग उनसे चोरों जैसा व्यवहार करता है। उन्होंने कहा कि अति लघु क्षेत्र के उद्यमी उद्योगपति होने की बजाए स्वरोजगार की श्रेणी में आते हैं। उद्यमियों ने कहा कि अधिकारियों द्वारा पिछले कई वर्षों के खाते मांगना भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई है। कहा कि उद्योगों पर जाकर उत्पीड़न करने की बजाए रोड चेकिंग को सुदृढ़ बनाकर कर अपवंचन रोका जाए। एसआईए के अध्यक्ष शिवकुमार गौड़, महामंत्री अशोक छाबड़ा, आईआईए चेयरमैन कृष्ण राजीव सिंघल, उपाध्यक्ष कुलदीप धमीजा, सचिव प्रमोद सड़ाना, प्रियेश गर्ग, रामजी सुनेजा, आरके धवन, सतीश अरोड़ा, रविन्द्र मिगलानी, एस कुमार, सरदार हरजीत सिंह, संदीप गुप्ता, संजय बजाज, सुषमा बजाज, अशोक बजाज, अबूबकर सिद्दीकी, परमजीत सिंह, बृजभूषण, सुनील कपूर, एचएस चड्ढ़ा, संदीप कपूर, राजेश गुप्ता, प्रेम क्वात्रा, पंकज गोयल, अनुज जैन, राकेश गांधी, योगेश कुमार, संजय कुमार, अमित देवरानी, अरविंद खन्ना, एनके तलवार, मनजीत सिंह अरोड़ा, सचिन मैत्रेय, विनोद अरोड़ा, विनय दहूजा, सुनीत माहेश्वरी, नवीन ठक्कर, अक्षय जैन, राकेश सपरा, प्रतीक मिगलानी, सिद्धार्थ धवन, गुलशन क्वात्रा, सुरेंद्र मोहन कालरा, अजय जैन, दीपक शर्मा, मधुर बजाज, सन्नी नागपाल आदि रहे।
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सहारनपुर। उद्योगों में वाणिज्यकर विभाग की एसआईबी टीम द्वारा किए जा रहे सर्वे के विरोध में आईआईए और एसआईए से जुडे़ उद्यमियों ने प्रदर्शन का एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 अनिल कुुमार पाठक को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छापेमारी बंद नहीं हुई तो उद्यमी 21 और 22 फरवरी को लखनऊ में होने वाले यूपी इंवेस्टर समिट का बहिष्कार करेंगे। जबकि संस्था के 18 उद्यमी अपने नए प्रोजेक्ट के लिए 350 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट करने जा रहे हैं।
सोमवार को इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और सहारनपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन से जुडे़ उद्यमियों ने दिल्ली रोड स्थित वाणिज्यकर भवन पर प्रदर्शन कर एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आईआईए ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले जीएसटी कौंसिल ने आश्वासन दिया था कि किसी भी लघु उद्यमी के यहां छापेमारी नहीं की जाएगी। यदि बहुत आवश्यक हुआ तो वाणिज्यकर विभाग के कमिश्नर से अनुुमति लेकर ही सर्वे किया जाएगा। प्रदेश के उद्यमी अभी जीएसटी की शुरूआती प्रक्रियाओं में ही उलझे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ई-वे बिल लागू होने के बाद किसी भी प्रकार के सर्वेक्षण और रेड का कोई औचित्य नहीं है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने यह भी आदेश जारी कर रखा है कि लघु उद्योगों का सर्वे जिलाधिकारी की अनुमति के बिना नहीं हो सकता। ऐसे में एसआईबी की टीम छापेमारी कर उद्यमियों का उत्पीड़न कर रही है। किसी भी इकाई का सर्वे संस्था की टाईगर फोर्स नहीं होने देगी।
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उधर, सहारनपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में उद्यमियों ने कहा कि अधिकांश उद्यमी सभी प्रकार के टैक्सों का भुगतान समय पर करते हैं, लेकिन विभाग उनसे चोरों जैसा व्यवहार करता है। उन्होंने कहा कि अति लघु क्षेत्र के उद्यमी उद्योगपति होने की बजाए स्वरोजगार की श्रेणी में आते हैं। उद्यमियों ने कहा कि अधिकारियों द्वारा पिछले कई वर्षों के खाते मांगना भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई है। कहा कि उद्योगों पर जाकर उत्पीड़न करने की बजाए रोड चेकिंग को सुदृढ़ बनाकर कर अपवंचन रोका जाए। एसआईए के अध्यक्ष शिवकुमार गौड़, महामंत्री अशोक छाबड़ा, आईआईए चेयरमैन कृष्ण राजीव सिंघल, उपाध्यक्ष कुलदीप धमीजा, सचिव प्रमोद सड़ाना, प्रियेश गर्ग, रामजी सुनेजा, आरके धवन, सतीश अरोड़ा, रविन्द्र मिगलानी, एस कुमार, सरदार हरजीत सिंह, संदीप गुप्ता, संजय बजाज, सुषमा बजाज, अशोक बजाज, अबूबकर सिद्दीकी, परमजीत सिंह, बृजभूषण, सुनील कपूर, एचएस चड्ढ़ा, संदीप कपूर, राजेश गुप्ता, प्रेम क्वात्रा, पंकज गोयल, अनुज जैन, राकेश गांधी, योगेश कुमार, संजय कुमार, अमित देवरानी, अरविंद खन्ना, एनके तलवार, मनजीत सिंह अरोड़ा, सचिन मैत्रेय, विनोद अरोड़ा, विनय दहूजा, सुनीत माहेश्वरी, नवीन ठक्कर, अक्षय जैन, राकेश सपरा, प्रतीक मिगलानी, सिद्धार्थ धवन, गुलशन क्वात्रा, सुरेंद्र मोहन कालरा, अजय जैन, दीपक शर्मा, मधुर बजाज, सन्नी नागपाल आदि रहे।
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