{"_id":"5a2ade684f1c1b74698c0aa3","slug":"171512758888-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्तमान सभा के आरोप मिथ्या, आडिट करा लो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्तमान सभा के आरोप मिथ्या, आडिट करा लो
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:18 AM IST
विज्ञापन
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। अखिल भारतीय गुर्जर विद्या प्रचारिणी सभा की वर्तमान कार्यकारिणी द्वारा पूर्व कार्यकारिणी और पूर्व प्राचार्य पर लगाए गए गबन के आरोप पर पूर्व कार्यकारिणी में सभा के अध्यक्ष रहे चौधरी महिपाल माजरा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। माजरा ने कहा कि वर्तमान सभा में यदि दम है तो वह वर्ष 2001 से लेकर 2016 तक के सभी हिसाब किताब का समाज के समक्ष आडिट करा ले, सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता में महिपाल माजरा ने कहा कि सभा के अध्यक्ष चौधरी देवराज के नेतृत्व में सभा के पूर्व पदाधिकारियों व गोचर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. चंद्रशेखर पर जो भी आरोप लगाए हैं उनमें तनिक भी सच्चाई नहीं है। प्राचार्य डा. चंद्रशेखर ईमानदार, कर्तव्य निष्ठ एवं महाविद्यालय को समर्पित व्यक्ति रहे हैं। उन्हें राजनीतिक द्वेष भावना से पदमुक्त किया जाना महाविद्यालय एवं समाज के लिए दुर्भाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि पूर्व समिति ने उनकी समिति को सभी खातों में शून्य धनराशि दी थी, जबकि उनकी प्रबंध समिति ने लगातार विकास कार्य करते हुए चौधरी देवराज की प्रबंध समिति को चार्ज देते समय करीब सात करोड़ रुपये की धनराशि विभिन्न खातों में उपलब्ध कराई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रबंध समिति को चाहिए कि वह वर्ष 2001 से वर्ष 2016 तक का लेखाजोखा समाज के समक्ष आडिट करा ले। इससे सच्चाई का पता चल जाएगा। इस मौके पर रविंद्र चौधरी, चौधरी कंवर सिंह, सेठपाल, चौधरी कीरत, सत्यपाल कल्याण सिंह आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता में महिपाल माजरा ने कहा कि सभा के अध्यक्ष चौधरी देवराज के नेतृत्व में सभा के पूर्व पदाधिकारियों व गोचर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. चंद्रशेखर पर जो भी आरोप लगाए हैं उनमें तनिक भी सच्चाई नहीं है। प्राचार्य डा. चंद्रशेखर ईमानदार, कर्तव्य निष्ठ एवं महाविद्यालय को समर्पित व्यक्ति रहे हैं। उन्हें राजनीतिक द्वेष भावना से पदमुक्त किया जाना महाविद्यालय एवं समाज के लिए दुर्भाग्य की बात है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पूर्व समिति ने उनकी समिति को सभी खातों में शून्य धनराशि दी थी, जबकि उनकी प्रबंध समिति ने लगातार विकास कार्य करते हुए चौधरी देवराज की प्रबंध समिति को चार्ज देते समय करीब सात करोड़ रुपये की धनराशि विभिन्न खातों में उपलब्ध कराई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रबंध समिति को चाहिए कि वह वर्ष 2001 से वर्ष 2016 तक का लेखाजोखा समाज के समक्ष आडिट करा ले। इससे सच्चाई का पता चल जाएगा। इस मौके पर रविंद्र चौधरी, चौधरी कंवर सिंह, सेठपाल, चौधरी कीरत, सत्यपाल कल्याण सिंह आदि रहे।
विज्ञापन