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डायरेक्टर ने खाकर परखी मिड-डे मील की गुणवता
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डायरेक्टर ने खाकर परखी मिड-डे मील की गुणवत्ता
सहारनपुर। मिड-डे मील के डायरेक्टर अब्दुल समद शुक्रवार को अचानक सहारनपुर पहुंचे। उन्होंने बिहारीगढ़ एनपीआरसी के तीन विद्यालयों का दौरा कर तमाम व्यवस्थाएं देखी। इतना ही नहीं, उन्होंने तीनों विद्यालयों में मिड-डे मील चख कर उसकी गुणवत्ता देखी। इसके बाद वह मेरठ के लिए रवाना हो गए।
अब्दुल समद शुक्रवार को किसी काम से मेरठ आए थे। ऐसे में उन्होंने सहारनपुर का दौरा किया। वह बिहारीगढ़ एनपीआरसी के तीन विद्यालयों में गए, जहां शौचालय, सफाई व्यवस्था और पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष मौजूद बच्चों की संख्या देखी। तीनों ही विद्यालयों में मिड-डे मील को चखकर उसकी गुणवत्ता परखी। गणेशपुर स्थित विद्यालय में उन्होंने शिक्षकों और बच्चों के साथ मिड-डे मील खाया। बच्चों से भी प्रतिदिन मिलने वाले भोजन के बारे में सवाल जवाब किए। अंत में उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही व्यवस्था को और बेहतर बनाने की बात कही। इतना ही नहीं, रसोइयों से बातचीत कर उनकी पीड़ा भी जानने का प्रयास किया। रसोइयों ने मानदेय की समस्या रखी। उन्होंने विद्यालयों की डायरी में भी मिड-डे मील गुणवत्ता युक्त होने की बात लिखी। इस मौके पर मुजफ्फराबाद के खंड शिक्षा अधिकारी त्रिवेंद्र सिंह रावत, जिला समन्वयक (मिड-डे मील) अतुल कुमार तथा संबंधित विद्यालयों के शिक्षक मौजूद रहे।
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सहारनपुर। मिड-डे मील के डायरेक्टर अब्दुल समद शुक्रवार को अचानक सहारनपुर पहुंचे। उन्होंने बिहारीगढ़ एनपीआरसी के तीन विद्यालयों का दौरा कर तमाम व्यवस्थाएं देखी। इतना ही नहीं, उन्होंने तीनों विद्यालयों में मिड-डे मील चख कर उसकी गुणवत्ता देखी। इसके बाद वह मेरठ के लिए रवाना हो गए।
अब्दुल समद शुक्रवार को किसी काम से मेरठ आए थे। ऐसे में उन्होंने सहारनपुर का दौरा किया। वह बिहारीगढ़ एनपीआरसी के तीन विद्यालयों में गए, जहां शौचालय, सफाई व्यवस्था और पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष मौजूद बच्चों की संख्या देखी। तीनों ही विद्यालयों में मिड-डे मील को चखकर उसकी गुणवत्ता परखी। गणेशपुर स्थित विद्यालय में उन्होंने शिक्षकों और बच्चों के साथ मिड-डे मील खाया। बच्चों से भी प्रतिदिन मिलने वाले भोजन के बारे में सवाल जवाब किए। अंत में उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही व्यवस्था को और बेहतर बनाने की बात कही। इतना ही नहीं, रसोइयों से बातचीत कर उनकी पीड़ा भी जानने का प्रयास किया। रसोइयों ने मानदेय की समस्या रखी। उन्होंने विद्यालयों की डायरी में भी मिड-डे मील गुणवत्ता युक्त होने की बात लिखी। इस मौके पर मुजफ्फराबाद के खंड शिक्षा अधिकारी त्रिवेंद्र सिंह रावत, जिला समन्वयक (मिड-डे मील) अतुल कुमार तथा संबंधित विद्यालयों के शिक्षक मौजूद रहे।
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