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जीत से विपक्ष के नेताओं का बढ़ा कद
Updated Fri, 01 Jun 2018 12:44 AM IST
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जीत से विपक्ष के नेताओं का कद बढ़ा
सहारनपुर। नकुड़ और गंगोह विधानसभा चुनाव में गठबंधन प्रत्याशी तबस्सुम की जीत से सपा, रालोद, कांग्रेस के नेताओं का पार्टी में कद बढ़ गया है। पूर्व विधायक और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने पहले तबस्सुम का विरोध किया था, मगर बाद में वह समर्थन में कूद गए थे। लोकदल प्रत्याशी कंवर हसन को तबस्सुम के समर्थन में लाने में उनका अहम रोल रहा। गंगोह से चुनाव लड़ चुके सपा जिलाध्यक्ष रुद्रसैन भी पूरी तरह सक्रिय रहे। रालोद जिलाध्यक्ष राव केसर सलीम, सपा से जुड़े पूर्व मंत्री सरफराज, पूर्व मंत्री असद उल्ला अजमेरी, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगपाल, सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष फैसल सलमानी, जिला पंचायत सदस्य सलीम अख्तर, वसीम चौधरी, ब्लाक प्रमुख ऋषिपाल, सपा नेता कार्तिकेय राणा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि वालिया और मुकेश चौधरी आदि का जीत से अपनी-अपनी पार्टी में वजूद बढ़ा है, क्योंकि इन पर पार्टी की तरफ से काफी दबाव था।
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सहारनपुर। नकुड़ और गंगोह विधानसभा चुनाव में गठबंधन प्रत्याशी तबस्सुम की जीत से सपा, रालोद, कांग्रेस के नेताओं का पार्टी में कद बढ़ गया है। पूर्व विधायक और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने पहले तबस्सुम का विरोध किया था, मगर बाद में वह समर्थन में कूद गए थे। लोकदल प्रत्याशी कंवर हसन को तबस्सुम के समर्थन में लाने में उनका अहम रोल रहा। गंगोह से चुनाव लड़ चुके सपा जिलाध्यक्ष रुद्रसैन भी पूरी तरह सक्रिय रहे। रालोद जिलाध्यक्ष राव केसर सलीम, सपा से जुड़े पूर्व मंत्री सरफराज, पूर्व मंत्री असद उल्ला अजमेरी, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगपाल, सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष फैसल सलमानी, जिला पंचायत सदस्य सलीम अख्तर, वसीम चौधरी, ब्लाक प्रमुख ऋषिपाल, सपा नेता कार्तिकेय राणा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि वालिया और मुकेश चौधरी आदि का जीत से अपनी-अपनी पार्टी में वजूद बढ़ा है, क्योंकि इन पर पार्टी की तरफ से काफी दबाव था।