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सीबीआई जांच के दायरे में आएगी जिले की बिडवी शुगर मिल
Updated Tue, 08 May 2018 12:08 AM IST
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सहारनपुर। बसपा सुप्रीमो मायावती के शासनकाल में बेची गई शुगर मिलों की सीबीआई जांच कराने के निर्णय के दायरे में जिले की बिडवी शुगर मिल भी आ रही है। वर्ष 2011 में इन मिलों को कौड़ियों के दाम बेचने का आरोप लगा था। इसमें बिडवी शुगर मिल को करीब 35 करोड़ रुपये में वेव ग्रुप को बेचा गया था। मिल 2012-13 तक चलने के बाद बंद हो गई थी। इस मिल को अब आगामी सीजन में चलाने की तैयारी चल रही है।
बसपा शासनकाल में प्रदेश में बेची की शुगर मिलों में जनपद की बिडवी चीनी मिल भी शामिल है। इस मिल को 34.58 करोड़ रुपये में वेव ग्रुप को बेचने पर खासा हंगामा हुआ था। उस समय आरोप लगा था कि अरबों की संपत्ति वाली इस शुगर मिलों को कौड़ियों के दाम पर बेच दिया गया है। बताया जाता है कि इस मिल के पास करीब 500 बीघा भूमि बिडवी में बताई जा रही है जिसमें मिल लगी हुई है। इसके साथ ही शहर में भी बेशकीमती जमीन शहर में भी है। शहर में लगभग 250 बीघा भूमि इस मिल की मानी जा रही है। मिल खरीदने के बाद वेव ग्रुप ने इसे वर्ष 2011-12 और 2012-13 में ही चलाया। इसके बाद मिल को बंद कर दिया गया। मिल बंद होने से आक्रोशित क्षेत्रीय किसानों ने लंबे समय तक संघर्ष किया। उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री के दरबार तक इस लड़ाई को लड़ा। जिसके बाद आगामी सीजन में मिल चलने की उम्मीद है। इसको लेकर मिल में मेंटीनेंस आदि का कार्य चल रहा है। अब प्रदेश सरकार द्वारा मायावती सरकार के कार्यकाल में बेची गई 21 शुगर मिलों की सीबीआई जांच के आदेश के दायरे में जनपद यह मिल भी आ रही है। जांच के बाद ही इस मिल को कौड़ियों के दाम बेचने का राज खुल सकेगा।
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हम तो पहले से ही बिडवी शुगर मिल को कौड़ियों के दाम बेचे जाने को लेकर सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे थे। सही जांच होने पर बड़ा घोटाला सामने आएगा। मिल के पास कई सौ करोड़ रुपये की संपत्ति है।
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----- योगेश दहिया, सदस्य राष्ट्रीय परिषद आम आदमी पार्टी एवं अध्यक्ष फारमर्स फोरम।
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--सीबीआई जांच में बिडवी शुगर मिल को कौडियों के दाम बेचे जाने का खुलासा हो जाएगा। क्षेत्रीय किसान इसकी मांग शुरू से ही करती रहे हैं। मिल चलाने को लेकर भी क्षेत्र के किसान लंबे समय से संघर्ष करते रहे हैं। इसके आगामी सीजन में चलने की संभावना है।
--बिट्टू नंबरदार, अध्यक्ष किसान हित एवं गौ सेवा संघर्ष समिति।
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बसपा शासनकाल में प्रदेश में बेची की शुगर मिलों में जनपद की बिडवी चीनी मिल भी शामिल है। इस मिल को 34.58 करोड़ रुपये में वेव ग्रुप को बेचने पर खासा हंगामा हुआ था। उस समय आरोप लगा था कि अरबों की संपत्ति वाली इस शुगर मिलों को कौड़ियों के दाम पर बेच दिया गया है। बताया जाता है कि इस मिल के पास करीब 500 बीघा भूमि बिडवी में बताई जा रही है जिसमें मिल लगी हुई है। इसके साथ ही शहर में भी बेशकीमती जमीन शहर में भी है। शहर में लगभग 250 बीघा भूमि इस मिल की मानी जा रही है। मिल खरीदने के बाद वेव ग्रुप ने इसे वर्ष 2011-12 और 2012-13 में ही चलाया। इसके बाद मिल को बंद कर दिया गया। मिल बंद होने से आक्रोशित क्षेत्रीय किसानों ने लंबे समय तक संघर्ष किया। उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री के दरबार तक इस लड़ाई को लड़ा। जिसके बाद आगामी सीजन में मिल चलने की उम्मीद है। इसको लेकर मिल में मेंटीनेंस आदि का कार्य चल रहा है। अब प्रदेश सरकार द्वारा मायावती सरकार के कार्यकाल में बेची गई 21 शुगर मिलों की सीबीआई जांच के आदेश के दायरे में जनपद यह मिल भी आ रही है। जांच के बाद ही इस मिल को कौड़ियों के दाम बेचने का राज खुल सकेगा।
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हम तो पहले से ही बिडवी शुगर मिल को कौड़ियों के दाम बेचे जाने को लेकर सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे थे। सही जांच होने पर बड़ा घोटाला सामने आएगा। मिल के पास कई सौ करोड़ रुपये की संपत्ति है।
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----- योगेश दहिया, सदस्य राष्ट्रीय परिषद आम आदमी पार्टी एवं अध्यक्ष फारमर्स फोरम।
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--सीबीआई जांच में बिडवी शुगर मिल को कौडियों के दाम बेचे जाने का खुलासा हो जाएगा। क्षेत्रीय किसान इसकी मांग शुरू से ही करती रहे हैं। मिल चलाने को लेकर भी क्षेत्र के किसान लंबे समय से संघर्ष करते रहे हैं। इसके आगामी सीजन में चलने की संभावना है।
--बिट्टू नंबरदार, अध्यक्ष किसान हित एवं गौ सेवा संघर्ष समिति।