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खान विभाग और तहसील की लड़ाई में अटकी करोड़ों रुपए की वसूली

Sat, 02 Sep 2017 12:48 AM IST
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:48 AM IST
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खान विभाग और तहसील की लड़ाई में अटकी करोड़ों रुपए की वसूली
सहारनपुर। पांच साल तक हुए अवैध खनन पर न्यायालय और सीबीआई के सख्त तेवर के बाद प्रशासन ने ताबड़तोड़ जुर्माने और रिकवरी नोटिस जारी किया। मगर, कागजी घोड़े दौड़ाने में माहिर सरकारी अधिकारियों ने ऐसा खेल किया कि करोड़ों रुपये की राजस्व वसूली खान विभाग और तहसील के बीच लड़ाई में अटक गई।
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डीएम के आदेश पर जारी किए गए रिकवरी नोटिस पर अवैध खनन करने वालों का नाम और पता नहीं होने के चलते अब तक तीन सौ से ज्यादा नोटिस कार्यालय में ही धूल फांक रहा है, जबकि अवैध खनन करने वालों का पूरा ब्योरा खान कार्यालय में मौजूद होने के बावजूद आधे-अधूरे पते पर जारी नोटिस बड़ी गड़बड़ी का इशारा कर रहे हैं। यही कारण है कि करीब तीन सौ करोड़ से ज्यादा के रिकवरी नोटिस जारी होने के बाद भी अब तक राजस्व वसूली के नाम पर एक फूटी कौड़ी भी नहीं हो पाई है। इससे साफ है कि अवैध खनन पर कार्रवाई के नाम पर प्रशासन केवल कागजी खानापूर्ति ही कर रहा है। दरअसल, यमुना किनारे बड़े पैमाने पर हुए अवैध खनन की शिकायतों पर न्यायालय ने सख्त रुख अख्तियार किया और सहारनपुर के पांच साल तक हुए अवैध खनन की जांच सीबीआई को सौंपी गई। जून महीने में सीबीआई टीम ने यहां डेरा डाला तो आनन-फानन में प्रशासन ने अवैध खनन करने वालों को चिह्नित कर उनके नोटिस जारी कर दिए। प्रशासन की ओर से अवैध खनन के जारी नोटिस ज्यादातर बेहट तहसील के हैं, मगर इसमें बेहद बारीकि कागजी खेल किया गया। अवैध खनन में चिह्नित पट्टाधारकों और स्टोन क्रशर संचालकों की बजाय नोटिस फर्म के नाम पर जारी किए गए हैं। एनजीटी के आदेश पर करीब डेढ़ साल पहले से खनन पर पूरी तरह रोक के आदेश हैं। ऐसे में ज्यादातर स्टोन क्रशर बंद पड़े हैं। ऐसे में निचले स्तर के कर्मचारी नोटिस लेकर इधर-उधर धक्के खा रहे हैं और कागजी खेल करने वाले अफसर कार्यालयों में बैठकर मूकदर्शक बने हैं।
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खान विभाग के पास है पूरा ब्यौरा
अवैध खनन में ज्यादातर पट्टाधारक और स्टोन क्रशर ही चिह्नित किए गए हैं। स्टोन क्रशर संचालकों और पट्टाधारकों का पूरा नाम, पता और मोबाइल नंबर तक मौजूद है। मगर, तहसील पर नोटिस भेजकर अवैध खनन करने वालों की खोज कराई जा रही है। यह भी आशंका जाहिर की जा रही है कि अवैध खनने करने वालों को शह देने लिए यह कागजी खेल किया जा रहा है।
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बेहट तहसील के बड़े अवैध खनन के जुर्मानेदार
- परवेज स्क्रीनिंग, अकबरपुर- एक करोड़ 77 लाख 12 हजार 575
- सहारनुपर स्टोन प्रोडक्ट, फतेहपुर पेलो---18 करोड़, 45 लाख 38 हजार 450
- विशाल यादव, नारायण उद्योग, कालूवाला--दो करोड़, 89 लाख, 18 हजार 37
- लियाकत स्क्रीनिंग प्लांट, अकबरपुर बांस--17 लाख 71 हजार 275
- जयश्री राम खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थान--14 लाख 48 हजार 750
- गोल्डन ग्रामोद्योग, ग्राम कुरड़ीखेड़ा---दो करोड़, 89 लाख 18 हजार
- उत्तम ग्रामोद्योग संस्थान, सुंदरपुर--14 लाख 48 हजार 750
- केडी स्टोन क्रशिंग, कुरड़ी खेड़ा---दो करोड़ 89 लाख 18 हजार 37
- लालकुआं स्टोन क्रशर, ग्राम मुर्तजापुर सऊर---दो करोड़ 25 लाख 76 हजार 750
- इंडिया स्टोन क्रशर, शेरपुर पेलो- एक करोड़ 45 लाख 42 हजार 600
- बालाजी इंटरप्राइजेज, मढ़ती रायपुर-- पांच करोड़ 29 लाख 40 हजार 175
- आस्था स्टोन क्रशर, जैनीपुर---41 लाख 44 हजार 19
- सहारनपुर स्टोन प्रोडक्ट, फतेहपुर पेलो--एक करोड़ 52 लाख आठ हजार 52
- उज्ज्वल स्टोन क्रशर, कोटड़ी बहलोलपुर ---दो करोड़ 89 लाख 18 हजार 37
- शिव स्टोन क्रशर(जय मां शारदा स्टोन प्रोडक्ट), खुशहालीपुर- पांच करोड़, 37 लाख 19 हजार 650
- प्रभु स्टोन क्रशर(चौधरी स्टोन क्रशर), खुशहालीपुर-- पांच करोड़ 37 लाख 19 हजार 492

अवैध खनन करने वालों के खिलाफ नोटिस जारी कर जुर्माना वसूली की प्रक्रिया शुरू कराई गई है। नोटिस पहुंचाने का काम तहसील का है। उनके पास पूरा ब्यौरा है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
पीके पांडेय, जिलाधिकारी
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