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मृदा जांच रिपोर्ट के आधार पर करें उर्वरकों का प्रयोग: डीसीओ
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मृदा जांच रिपोर्ट के आधार पर करें उर्वरकों का प्रयोग: डीसीओ
सहारनपुर। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने कहा कि किसान मृदा जांच रिपोर्ट के आधार पर ही गन्ने में उर्वरकों को प्रयोग करें। इससे न सिर्फ फसल को जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे वहीं लागत में भी कमी आएगी।
गन्ना सर्वे के दौरान जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को गन्ने की उत्तम खेती के गुर बताए। उन्होंने कहा कि गन्ना विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिपोर्ट के अनुसार ही उर्वरकों का वितरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मृदा की जांच रिपोर्ट में पता चलता है कि मिट्टी में किन किन पोषक तत्वों की कमी है और भूमि में उनकी मात्रा कितनी है। कृषि वैज्ञानिक भी इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उर्वरकों के प्रयोग की सलाह देते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को भूमि जांच रिपोर्ट के आधार पर गन्ने में पोषक तत्वों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनपद में कई स्थानों पर कृषि विभाग की भूमि परीक्षण प्रयोगशाला हैं। इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र पर भी मिट्टी जांच करने की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही जनपद में किसान सहकारी चीनी मिल नानौता एवं उत्तम शुगर मिल शेरमऊ में भी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला हैं। उन्होंने कहा कि इससे फसलों की लागत भी घटेगी और गैर जरूरी उर्वरकों का प्रयोग भी नियंत्रित होगा।
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सहारनपुर। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने कहा कि किसान मृदा जांच रिपोर्ट के आधार पर ही गन्ने में उर्वरकों को प्रयोग करें। इससे न सिर्फ फसल को जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे वहीं लागत में भी कमी आएगी।
गन्ना सर्वे के दौरान जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को गन्ने की उत्तम खेती के गुर बताए। उन्होंने कहा कि गन्ना विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिपोर्ट के अनुसार ही उर्वरकों का वितरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मृदा की जांच रिपोर्ट में पता चलता है कि मिट्टी में किन किन पोषक तत्वों की कमी है और भूमि में उनकी मात्रा कितनी है। कृषि वैज्ञानिक भी इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उर्वरकों के प्रयोग की सलाह देते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को भूमि जांच रिपोर्ट के आधार पर गन्ने में पोषक तत्वों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनपद में कई स्थानों पर कृषि विभाग की भूमि परीक्षण प्रयोगशाला हैं। इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र पर भी मिट्टी जांच करने की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही जनपद में किसान सहकारी चीनी मिल नानौता एवं उत्तम शुगर मिल शेरमऊ में भी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला हैं। उन्होंने कहा कि इससे फसलों की लागत भी घटेगी और गैर जरूरी उर्वरकों का प्रयोग भी नियंत्रित होगा।
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