{"_id":"5b29570f4f1c1b624d8b70df","slug":"151529435919-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागवानों को दी कीट नियंत्रण की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागवानों को दी कीट नियंत्रण की जानकारी
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। औद्योनिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के सहायक कीट विशेषज्ञ अशोक कुमार ने बागवानों को शूटगॉल शाइला और फ्रूट फ्लाई के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इसके नियंत्रण के बारे में भी बताया।
मंगलवार को कंपनी बाग परिसर में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत आयोजित गोष्ठी में सहायक कीट विशेषज्ञ ने कहा कि जनपद में आम के बागों में इसका काफी प्रकोप है। इसकी रोकथाम के लिए 28 जुलाई से 2 अगस्त तक किसी भी कीटनाशक का प्रयोग कर इसे नियंत्रित किया जा सकता है । फ्रूट फ्लाई के लिए मिथाइल यूजीनाल ट्रैप का प्रयोग किया जा सकता है। जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने विभाग में संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए किसानों को आम, लीची एवं अमरूद की बागवानी करने के लिए प्रोत्साहित किया। बाद में किसानों को विकास खंड सढ़ौली कदीम के ग्राम मरवा में करुण कुमार और सतीश पाल के बाग का भ्रमण कराया। जिसमें कृषकों को आम को कीट व्याधियों से बचाने के लिये फलों के ऊपर बैग लगाने की तकनीकी जानकारी करुण कुमार ने दी। उनके बाग में अधिक ऊंचे पेड़ों के फलों को पैक करने हेतु आधुनिक मशीन का प्रयोग किया जा रहा है। सतीश पाल ने बताया कि पैकिंग करने से फलों को फल मक्खी प्रकोप एवं कालापन की समस्या से बचाने के साथ ही एक्सपोर्ट क्वालिटी के फलों का उत्पादन लिया जा सकता है।
इस दौरान राजकुमार, सतकुमार टोली, अनिल कुमार टोली, सुभाष कुमार, राजकुमार तिलफरा, पुष्पेंद्र कुुमार, ब्रजभूषण, अश्वनी, मनफूल, ब्रिजेश कुमार, सुमित, नाथीराम, चूहड़ सिंह, निखिल कुमार आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को कंपनी बाग परिसर में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत आयोजित गोष्ठी में सहायक कीट विशेषज्ञ ने कहा कि जनपद में आम के बागों में इसका काफी प्रकोप है। इसकी रोकथाम के लिए 28 जुलाई से 2 अगस्त तक किसी भी कीटनाशक का प्रयोग कर इसे नियंत्रित किया जा सकता है । फ्रूट फ्लाई के लिए मिथाइल यूजीनाल ट्रैप का प्रयोग किया जा सकता है। जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने विभाग में संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए किसानों को आम, लीची एवं अमरूद की बागवानी करने के लिए प्रोत्साहित किया। बाद में किसानों को विकास खंड सढ़ौली कदीम के ग्राम मरवा में करुण कुमार और सतीश पाल के बाग का भ्रमण कराया। जिसमें कृषकों को आम को कीट व्याधियों से बचाने के लिये फलों के ऊपर बैग लगाने की तकनीकी जानकारी करुण कुमार ने दी। उनके बाग में अधिक ऊंचे पेड़ों के फलों को पैक करने हेतु आधुनिक मशीन का प्रयोग किया जा रहा है। सतीश पाल ने बताया कि पैकिंग करने से फलों को फल मक्खी प्रकोप एवं कालापन की समस्या से बचाने के साथ ही एक्सपोर्ट क्वालिटी के फलों का उत्पादन लिया जा सकता है।
विज्ञापन
इस दौरान राजकुमार, सतकुमार टोली, अनिल कुमार टोली, सुभाष कुमार, राजकुमार तिलफरा, पुष्पेंद्र कुुमार, ब्रजभूषण, अश्वनी, मनफूल, ब्रिजेश कुमार, सुमित, नाथीराम, चूहड़ सिंह, निखिल कुमार आदि रहे।
विज्ञापन