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भगवान शिव का स्वरूप सिखाता है जीवन जीने की कला
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:40 AM IST
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सहारनपुर। बृज विहार कॉलोनी भूतेश्वर नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पंडित परीक्षित पोखरियाल ने कहा कि भगवान शिव का स्वरूप एक ऐसा संस्थान है, जो दर्शन मात्र से जीवन जीने की कला सिखाता है। उनके सिर पर सर्प जहां मनुष्य के मस्तिष्क में जमा विष रूपी तनाव का दर्शन कराता है, वहीं गंगा की उपस्थिति शीतल और तनाव मुक्त रहने का संदेश देती है। राजेश्वर प्रसाद शर्मा, नंद किशोर, अनेश शर्मा, चंद्रशेेखर शर्मा, बालेश्वर सैनी, सुखबीर नेगी, गौरव पांचाल, सुमन शर्मा, रमेश सक्सेना, बीना पोखरियाल, नीरज दीक्षित मौजूद रहे।
उधर, न्यू माधोनगर मोतीबाग में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि जीवन में सुख-दुुुख तो आते रहते हैं, लेकिन अध्यात्म ज्ञान ही वह शक्ति है, जिसे प्राप्त कर व्यक्ति अपना ही नहीं बल्कि दूसरों का जीवन भी सुधार सकता है। मोहन शास्त्री, पंडित जयकुमार, सुधीर शर्मा, धर्मपाल, यशपाल शर्मा, अनीता, रमा, कविता, नीलम, अर्चना, संगीता, मधु, हेमा मौजूद रहे।
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उधर, न्यू माधोनगर मोतीबाग में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आत्मानुभवी महाराज ने कहा कि जीवन में सुख-दुुुख तो आते रहते हैं, लेकिन अध्यात्म ज्ञान ही वह शक्ति है, जिसे प्राप्त कर व्यक्ति अपना ही नहीं बल्कि दूसरों का जीवन भी सुधार सकता है। मोहन शास्त्री, पंडित जयकुमार, सुधीर शर्मा, धर्मपाल, यशपाल शर्मा, अनीता, रमा, कविता, नीलम, अर्चना, संगीता, मधु, हेमा मौजूद रहे।
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