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मधुमक्खी पालन के टिप्स दिए
Updated Sun, 20 May 2018 11:40 PM IST
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मधुमक्खी पालन के टिप्स दिए
सहारनपुर। विश्व मधुमक्खी दिवस पर हुई गोष्ठी में लोगों को मधुमक्खी पालन के टिप्स दिए गए। वक्ताओं ने कहा कि मधुमक्खी पालन युवाओं के लिए स्वरोजगार का बड़ा साधन है।
रविवार को औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षण हाल में हुई गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि हमारा जनपद शहद के उत्पादन में शीर्ष स्थान पर है। इससे न सिर्फ शुद्ध शहद प्राप्त हो रहा है बल्कि युवाओं को भी रोजगार मिल रहा है।
उप निदेशक उद्यान सुरेश कुमार ने कहा कि मधुमक्खी फसलों और बागों में परागण का कार्य कर फसलों का उत्पादन बढ़ाती हैं। मधुमक्खी से शहद के साथ ही मोम, रायल जैली, मौन विष भी प्राप्त होता है। जिससे मधुमक्खी पालने वालों की आय में खासी वृद्धि होती है। नाबार्ड के डीडीएम शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मधुमक्खी पालन भूमिहीन एवं बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार का सबसे सस्ता और सरल साधन है। मधुमक्खी पालक एक उत्पादन संघ बनाकर शहद का उत्पादन और मार्केटिंग कर सकते हैं। पंजाब नेशनल बैंक के जिला अग्रणी बैँक प्रबंधक राजेश चौधरी ने कहा कि मधुमक्खी पालन पर बैंकों से ऋण की उपलब्धता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मधुमक्खी पालक राज सिंह और रविंद्र कुमार तोगडिया ने मधुमक्खी के डंक बिमारियों के उपचार पर प्रकाश डाला। संयुक्त निदेशक राजेश प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार, आभा जोशी, मधु चौधरी, डॉ. आईके कुशवाहा, संदीप गोयल, सुबोध कुमार तोमर, आरके तोमर, बृजेश कुमार, प्रवीन कुमार, मुनेश कुमार, डॉ. आके सिंह सहित अन्य रहे।
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सहारनपुर। विश्व मधुमक्खी दिवस पर हुई गोष्ठी में लोगों को मधुमक्खी पालन के टिप्स दिए गए। वक्ताओं ने कहा कि मधुमक्खी पालन युवाओं के लिए स्वरोजगार का बड़ा साधन है।
रविवार को औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षण हाल में हुई गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि हमारा जनपद शहद के उत्पादन में शीर्ष स्थान पर है। इससे न सिर्फ शुद्ध शहद प्राप्त हो रहा है बल्कि युवाओं को भी रोजगार मिल रहा है।
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उप निदेशक उद्यान सुरेश कुमार ने कहा कि मधुमक्खी फसलों और बागों में परागण का कार्य कर फसलों का उत्पादन बढ़ाती हैं। मधुमक्खी से शहद के साथ ही मोम, रायल जैली, मौन विष भी प्राप्त होता है। जिससे मधुमक्खी पालने वालों की आय में खासी वृद्धि होती है। नाबार्ड के डीडीएम शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मधुमक्खी पालन भूमिहीन एवं बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार का सबसे सस्ता और सरल साधन है। मधुमक्खी पालक एक उत्पादन संघ बनाकर शहद का उत्पादन और मार्केटिंग कर सकते हैं। पंजाब नेशनल बैंक के जिला अग्रणी बैँक प्रबंधक राजेश चौधरी ने कहा कि मधुमक्खी पालन पर बैंकों से ऋण की उपलब्धता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मधुमक्खी पालक राज सिंह और रविंद्र कुमार तोगडिया ने मधुमक्खी के डंक बिमारियों के उपचार पर प्रकाश डाला। संयुक्त निदेशक राजेश प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार, आभा जोशी, मधु चौधरी, डॉ. आईके कुशवाहा, संदीप गोयल, सुबोध कुमार तोमर, आरके तोमर, बृजेश कुमार, प्रवीन कुमार, मुनेश कुमार, डॉ. आके सिंह सहित अन्य रहे।
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