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दलित समाज के लोगों से हटाई जाए रासुका : भीम आर्मी
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:29 AM IST
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सहारनपुर। शब्बीरपुर कांड में राजपूत समाज के तीन युवकों से रासुका हटने के बाद भीम आर्मी भी बुधवार को सक्रिय हो गई। भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजीत सिंह नौटियाल ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर दलित समाज के लोगों से रासुका हटाए जाने की मांग की है। यह भी कहा है कि दलित समाज के लोगों से रासुका नहीं हटाई गई तो भीम आर्मी आंदोलन करेगी।
शब्बीरपुर में राजूपत एवं दलितों के बीच हुए संघर्ष और फिर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की शब्बीरपुर में हुई सभा से लौटते हुए हमले के मामले में पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों के तीन-तीन लोगों के खिलाफ रासुका लगाए जाने की संस्तुति की थी। जिसमें राजूपत पक्ष के ग्राम अंबेहटा चांद निवासी सुधीर, राजू और सोनू तथा शब्बीरपुर कांड में ग्राम प्रधान शिवकुमार, सोनू के अलावा सहारनपुर हिंसा के आरोपी भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण पर रासुका लगाई गई थी। हाईकोर्ट ने मंगलवार को जारी किए गए आदेश में राजपूत समाज के तीन लोगों पर लगाई गई रासुका को खारिज कर दिया। जबकि दलित समाज के तीन लोगों पर अभी सुनवाई चल रही है।
हाईकोर्ट द्वारा राजपूत समाज के तीन लोगों पर रासुका खरिज किए जाने के बाद भीम आर्मी ने दलित समाज के तीन लोगों पर लगी रासुका को भी हटवाए जाने की मांग तेज कर दी है। बुधवार को भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजीत सिंह ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर कहा है कि शब्बीरपुर कांड को लेकर राजपूत और दलितों के तीन-तीन लोगों पर रासुका लगाई गई थी। दो अप्रैल को जिन लोगों पर रासुका लगाई गई थी उनसे भी रासुका नहीं हटाई गई है। राजपूत समाज के युवकों से रासुका हटा ली गई है, लेकिन चंद्रशेखर उर्फ रावण, ग्राम प्रधान शिवकुमार तथा सोनू से रासुका नहीं हटाई गई है। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की है कि चंद्रशेखर समेत तीनों से रासुका हटाई जाए, जिससे माहौल खराब न हो। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो भीम आर्मी बहुजन समाज के लोगों के साथ देश व्यापी आंदोलन करने पर मजबूर होगी।
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शब्बीरपुर में राजूपत एवं दलितों के बीच हुए संघर्ष और फिर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की शब्बीरपुर में हुई सभा से लौटते हुए हमले के मामले में पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों के तीन-तीन लोगों के खिलाफ रासुका लगाए जाने की संस्तुति की थी। जिसमें राजूपत पक्ष के ग्राम अंबेहटा चांद निवासी सुधीर, राजू और सोनू तथा शब्बीरपुर कांड में ग्राम प्रधान शिवकुमार, सोनू के अलावा सहारनपुर हिंसा के आरोपी भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण पर रासुका लगाई गई थी। हाईकोर्ट ने मंगलवार को जारी किए गए आदेश में राजपूत समाज के तीन लोगों पर लगाई गई रासुका को खारिज कर दिया। जबकि दलित समाज के तीन लोगों पर अभी सुनवाई चल रही है।
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हाईकोर्ट द्वारा राजपूत समाज के तीन लोगों पर रासुका खरिज किए जाने के बाद भीम आर्मी ने दलित समाज के तीन लोगों पर लगी रासुका को भी हटवाए जाने की मांग तेज कर दी है। बुधवार को भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनजीत सिंह ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर कहा है कि शब्बीरपुर कांड को लेकर राजपूत और दलितों के तीन-तीन लोगों पर रासुका लगाई गई थी। दो अप्रैल को जिन लोगों पर रासुका लगाई गई थी उनसे भी रासुका नहीं हटाई गई है। राजपूत समाज के युवकों से रासुका हटा ली गई है, लेकिन चंद्रशेखर उर्फ रावण, ग्राम प्रधान शिवकुमार तथा सोनू से रासुका नहीं हटाई गई है। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की है कि चंद्रशेखर समेत तीनों से रासुका हटाई जाए, जिससे माहौल खराब न हो। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो भीम आर्मी बहुजन समाज के लोगों के साथ देश व्यापी आंदोलन करने पर मजबूर होगी।
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