{"_id":"5a9ee2154f1c1b28428b8dd6","slug":"141520362005-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं पर होने वाली हर प्रकार की हिंसा बंद हो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं पर होने वाली हर प्रकार की हिंसा बंद हो
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिलकाना (सहारनपुर)। आठ मार्च को होने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को थाना परिसर में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस विभाग एवं दिशा सामाजिक संगठन के लोगों ने महिला सुरक्षा पर विचार रखे।
गोष्ठी में थानाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि महिलाओं पर होने वाली हर प्रकार की हिंसा बंद होनी चाहिए। महिलाओं को भी पुरुषों के समान अधिकार मिले। उन्होंने पीड़ित महिलाओं को थाने में सुरक्षित माहौल मिलने की बात कही। आश्वासन दिया कि पुलिस पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने तथा सुरक्षा करने के लिए हमेशा तैयार रहेगी। दिशा संस्था के कार्यक्रम समन्वयक पी. राम ने कहा कि संस्था क्षेत्र में 35 वर्षों से गरीबों, शोषितों, पीड़ितों, दलितों, अल्पसंख्यकों एवं विशेष तौर पर महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक विकास के लिए कार्यरत है। तसनीम ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के बारे में कहा कि इस दिवस की शुरूआत वर्ष 1857 में अमेरिका की सूती मिलों में काम करने वाली महिला मजदूरों ने अपने काम के 16 घंटे प्रतिदिन से घटाकर आठ घंटे प्रतिदिन करने की मांग को लेकर की थी।
इस अवसर पर सुरेशो, नीलम, रेखा शाहीन ने भी महिला हिंसा व महिला अधिकारों के मुद्दे पर विचार रखे। गोष्ठी में एसआई गजेंद्र सिंह उज्ज्वल, गजेंद्र सिंह त्यागी, बिजेंद्र सिंह, अनिता सोम, रुची, कृष्णकुमार, मंदीप पंवार, अंकुर, विकास कुमार, विनित राणा, रामरती, राज्जो, सविता, कुंता, शहनाज आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोष्ठी में थानाध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि महिलाओं पर होने वाली हर प्रकार की हिंसा बंद होनी चाहिए। महिलाओं को भी पुरुषों के समान अधिकार मिले। उन्होंने पीड़ित महिलाओं को थाने में सुरक्षित माहौल मिलने की बात कही। आश्वासन दिया कि पुलिस पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने तथा सुरक्षा करने के लिए हमेशा तैयार रहेगी। दिशा संस्था के कार्यक्रम समन्वयक पी. राम ने कहा कि संस्था क्षेत्र में 35 वर्षों से गरीबों, शोषितों, पीड़ितों, दलितों, अल्पसंख्यकों एवं विशेष तौर पर महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक विकास के लिए कार्यरत है। तसनीम ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के बारे में कहा कि इस दिवस की शुरूआत वर्ष 1857 में अमेरिका की सूती मिलों में काम करने वाली महिला मजदूरों ने अपने काम के 16 घंटे प्रतिदिन से घटाकर आठ घंटे प्रतिदिन करने की मांग को लेकर की थी।
विज्ञापन
इस अवसर पर सुरेशो, नीलम, रेखा शाहीन ने भी महिला हिंसा व महिला अधिकारों के मुद्दे पर विचार रखे। गोष्ठी में एसआई गजेंद्र सिंह उज्ज्वल, गजेंद्र सिंह त्यागी, बिजेंद्र सिंह, अनिता सोम, रुची, कृष्णकुमार, मंदीप पंवार, अंकुर, विकास कुमार, विनित राणा, रामरती, राज्जो, सविता, कुंता, शहनाज आदि थे।
विज्ञापन