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जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने को मोदी सरकार को करेंगे विवश
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:59 AM IST
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जनसंख्या नियंत्रण पर बने सख्त कानून : सरस्वती
देवबंद (सहारनपुर)। अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि मोदी सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने पर विवश होना पड़ेगा, क्योंकि अगर यह कानून नहीं बना तो अगले 10 वर्षों में भारत का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
जड़ोदापांडा स्थित जूड़ मंदिर में सोमवार को हिंदू स्वाभिमान संगठन की बैठक में यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि भारत में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कठोर कानून बनाने की मांग को लेकर एक लाख लोगों के रक्त से हस्ताक्षर करवाकर प्रार्थना पत्र आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत को भेजा जाएगा। अगर कानून नहीं बनता तो 22 अक्तूबर को हरिद्वार स्थित हर की पैड़ी पर आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उक्त कानून बनाने का आग्रह किया जा चुका है। इस संबंध में वरिष्ठ संन्यासियों और हिंदू कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को 40 से अधिक पत्र भी लिखे। परंतु मोदी सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसे में अब आंदोलन के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। सरस्वती ने संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष अभिषेक त्यागी को जनसंख्या नियंत्रण कानून का आंदोलन करने वाली समिति का राष्ट्रीय सह संयोजक नियुक्त किया है। त्यागी ने कहा कि सभी छोटे बड़े संगठनों को एकजुट करके मोदी सरकार को उक्त कानून बनाने पर मजबूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि समुदाय विशेष की जनसंख्या 30 प्रतिशत से अधिक हो गई तो यह देश इराक, सीरिया, मिश्र और पाकिस्तान की तरह एक वर्ग विशेष के हाथों में चला जाएगा। जूड़ मंदिर के उपमहंत यति कृष्णानंद सरस्वती ने कहा कि आज धर्म के लिए दिया गया बलिदान हमारी आने वाली पीढ़ियों को जीवनदान देगा। संचालन अनिल त्यागी ने किया। इस मौके पर राजीव धीमान, विश्वास त्यागी, हर्षित वर्मा, दिनेश त्यागी, जोगेंद्र बाबा, विवेक कुमार, आदित्य, प्रमोद, तुषार, बाबा मंगल सिंह आदि रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि मोदी सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने पर विवश होना पड़ेगा, क्योंकि अगर यह कानून नहीं बना तो अगले 10 वर्षों में भारत का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
जड़ोदापांडा स्थित जूड़ मंदिर में सोमवार को हिंदू स्वाभिमान संगठन की बैठक में यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि भारत में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कठोर कानून बनाने की मांग को लेकर एक लाख लोगों के रक्त से हस्ताक्षर करवाकर प्रार्थना पत्र आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत को भेजा जाएगा। अगर कानून नहीं बनता तो 22 अक्तूबर को हरिद्वार स्थित हर की पैड़ी पर आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उक्त कानून बनाने का आग्रह किया जा चुका है। इस संबंध में वरिष्ठ संन्यासियों और हिंदू कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को 40 से अधिक पत्र भी लिखे। परंतु मोदी सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसे में अब आंदोलन के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। सरस्वती ने संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष अभिषेक त्यागी को जनसंख्या नियंत्रण कानून का आंदोलन करने वाली समिति का राष्ट्रीय सह संयोजक नियुक्त किया है। त्यागी ने कहा कि सभी छोटे बड़े संगठनों को एकजुट करके मोदी सरकार को उक्त कानून बनाने पर मजबूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि समुदाय विशेष की जनसंख्या 30 प्रतिशत से अधिक हो गई तो यह देश इराक, सीरिया, मिश्र और पाकिस्तान की तरह एक वर्ग विशेष के हाथों में चला जाएगा। जूड़ मंदिर के उपमहंत यति कृष्णानंद सरस्वती ने कहा कि आज धर्म के लिए दिया गया बलिदान हमारी आने वाली पीढ़ियों को जीवनदान देगा। संचालन अनिल त्यागी ने किया। इस मौके पर राजीव धीमान, विश्वास त्यागी, हर्षित वर्मा, दिनेश त्यागी, जोगेंद्र बाबा, विवेक कुमार, आदित्य, प्रमोद, तुषार, बाबा मंगल सिंह आदि रहे।
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