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फोकस में रहेंगे, किसान, नौजवान और सेना के जवान
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सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नानौता में जनसभा करेंगे। विपक्षी दलों पर हमलावर होने के साथ ही वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति की रीढ़ कहे जाने वाले किसानों को साधेंगे, तो उनके फोकस में नौजवान भी होंगे। सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक के साथ ही मैं भी चौकीदार को लेकर निशाना साधेंगे। अब देखना यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली सहारनपुर, कैराना और मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट के सियासी समीकरणों को कितना प्रभावित करेगी। क्योंकि दूसरे राजनीतिक दलों की निगाहें भी पीएम की रैली पर हैं।
यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी तक देशभर में अपनी चुनावी रैलियों में कांग्रेस पर करारा हमला करते रहे हैं। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक को लेकर विपक्षी दलों द्वारा सबूत मांगना हो या फिर चौकीदार का मुद्दा रहा हो। हर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी दलों पर हमलावर दिखाई दिए हैं। अब नानौता की जनसभा में भी प्रधानमंत्री के फोकस में किसान, नौजवान और सेना के जवान होंगे। क्योंकि सहारनपुर के साथ ही कैराना और मुजफ्फरनगर में किसान ही राजनीति की रीढ़ कहे जाते हैं। प्रधानमंत्री की चुनावी रैली नानौता में रखने के पीछे भी यही कारण माना जा रहा है, क्योंकि यहां होने वाले जनसभा से जो बातें निकलेंगी, वह तीनों ही लोकसभा सीटों के सियासी समीकरणों को प्रभावित करेंगी। इन तीनों ही सीटों पर भाजपा का मुकाबला गठबंधन से है, लिहाजा गठबंधन को लेकर तीखा हमला किए जाने की संभावना है।
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यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी तक देशभर में अपनी चुनावी रैलियों में कांग्रेस पर करारा हमला करते रहे हैं। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक को लेकर विपक्षी दलों द्वारा सबूत मांगना हो या फिर चौकीदार का मुद्दा रहा हो। हर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी दलों पर हमलावर दिखाई दिए हैं। अब नानौता की जनसभा में भी प्रधानमंत्री के फोकस में किसान, नौजवान और सेना के जवान होंगे। क्योंकि सहारनपुर के साथ ही कैराना और मुजफ्फरनगर में किसान ही राजनीति की रीढ़ कहे जाते हैं। प्रधानमंत्री की चुनावी रैली नानौता में रखने के पीछे भी यही कारण माना जा रहा है, क्योंकि यहां होने वाले जनसभा से जो बातें निकलेंगी, वह तीनों ही लोकसभा सीटों के सियासी समीकरणों को प्रभावित करेंगी। इन तीनों ही सीटों पर भाजपा का मुकाबला गठबंधन से है, लिहाजा गठबंधन को लेकर तीखा हमला किए जाने की संभावना है।
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