{"_id":"5b182a4a4f1c1b64068b4d4f","slug":"131528310346-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिखावे के लिए नहीं होने चाहिएं नेक काम : मंसूरपुरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिखावे के लिए नहीं होने चाहिएं नेक काम : मंसूरपुरी
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिखावे के लिए नहीं होने चाहिएं नेक काम : मंसूरपुरी
देवबंद (सहारनपुर)। मशहूर आलिम-ए-दीन मौलाना मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में अल्लाह और बंदों के बीच की नजदीकियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सिर्फ अल्लाह ही जानता है कि बेहतर और उसके नजदीक कौन है। उन्होंने सभी से गुनाहों से बचने की नसीहत दी। साथ ही कहा कि नेक काम केवल दिखाने के लिए नहीं होने चाहिएं।
बुधवार को जौहर की नमाज के बाद रोजेदारों की मजलिस में मौलाना मंसूरपूरी ने कहा कि नेकी और सवाब के लिए जो भी काम किया जाए उसमें कतई तौर पर दिखावा न हो क्योंकि नेकी और सवाब का मामला अल्लाह से जुड़ा होता है। जिस काम का दिखावा होता है, उसका सवाब खत्म हो जाता है और जिस काम को चुपचाप अल्लाह की रजा और सवाब कमाने की नीयत से किया जाता तो अल्लाह उसका बड़ा सवाब देंगे। उन्होंने कहा कि सभी को चाहिए कि वे रब से अपने गुनाहों की तौबा करते रहें और किसी बच्चे को देखो तो कहो कि ये हमसे बेहतर है। इसने कोई गुनाह नहीं किया। किसी आलिम को देखो तो कहो वो मुझसे बेहतर है क्योंकि वो ऐसी बातें जानता है जिनका हमें इल्म नहीं है।
मुफ्ती अफ्फान ने कहा कि हमने बेहतर वो शख्स है जो अल्लाह के नजदीक हो और ये अल्लाह ही जानता है कि उसके नजदीक कौन है। कहा कि रहमत और बरकतों का महीना रमजान चल रहा है। बंदों को चाहिए कि वे ज्यादा से ज्यादा वक्त इबादत में गुजारें। रमजान का आखिर अशरा चल रहा है।इसमें अल्लाह पाक अपने बंदों की हर दुआ कबूल करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। मशहूर आलिम-ए-दीन मौलाना मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में अल्लाह और बंदों के बीच की नजदीकियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सिर्फ अल्लाह ही जानता है कि बेहतर और उसके नजदीक कौन है। उन्होंने सभी से गुनाहों से बचने की नसीहत दी। साथ ही कहा कि नेक काम केवल दिखाने के लिए नहीं होने चाहिएं।
बुधवार को जौहर की नमाज के बाद रोजेदारों की मजलिस में मौलाना मंसूरपूरी ने कहा कि नेकी और सवाब के लिए जो भी काम किया जाए उसमें कतई तौर पर दिखावा न हो क्योंकि नेकी और सवाब का मामला अल्लाह से जुड़ा होता है। जिस काम का दिखावा होता है, उसका सवाब खत्म हो जाता है और जिस काम को चुपचाप अल्लाह की रजा और सवाब कमाने की नीयत से किया जाता तो अल्लाह उसका बड़ा सवाब देंगे। उन्होंने कहा कि सभी को चाहिए कि वे रब से अपने गुनाहों की तौबा करते रहें और किसी बच्चे को देखो तो कहो कि ये हमसे बेहतर है। इसने कोई गुनाह नहीं किया। किसी आलिम को देखो तो कहो वो मुझसे बेहतर है क्योंकि वो ऐसी बातें जानता है जिनका हमें इल्म नहीं है।
विज्ञापन
मुफ्ती अफ्फान ने कहा कि हमने बेहतर वो शख्स है जो अल्लाह के नजदीक हो और ये अल्लाह ही जानता है कि उसके नजदीक कौन है। कहा कि रहमत और बरकतों का महीना रमजान चल रहा है। बंदों को चाहिए कि वे ज्यादा से ज्यादा वक्त इबादत में गुजारें। रमजान का आखिर अशरा चल रहा है।इसमें अल्लाह पाक अपने बंदों की हर दुआ कबूल करते हैं।
विज्ञापन