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बिजली तार टूट कर गिरने से 35 बीघा गेहूं की फसल जली
Updated Thu, 19 Apr 2018 12:05 AM IST
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चिलकाना (सहारनपुर)। खेत के बीच से जा रही एचटी बिजली की लाइन का तार टूटकर गिरने से करीब 35 बीघा गेहूं की फसल जल गई। ग्रामीणों तथा फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग को बुझाया, लेकिन तब तक गेहूं की फसल नष्ट हो चुकी थी। आग से करीब दो लाख रुपये का गेहूं जलकर राख हो गया।
गांव बकारका निवासी कामिल पुत्र उमर हसन ने बरवाला जिला पंचकुला निवासी ओमप्रकाश एवं ब्रजमोहन पुत्र राधाकृष्ण की जमीन ठेके पर ले रखी थी। जमीन में गेहूं की फसल बो रखी थी। गेहूं की फसल को आज काटना था। इस खेत से होकर एचटी की लाइन गुजरती है, जो बहुत नीचे से होकर जाती है। कामिल ने बुधवार की सुबह बिजली घर में सूचना भी दे दी थी कि फसल की कटाई करनी है इसलिए लाइन का फ्यूज हटा दें। लेकिन उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। बुधवार दोपहर में करीब 11 बजे खेत के बीच से होकर जा रही विद्युत लाइन का तार टूटकर फसल पर गिर गया। तारों में से चिंगारी निकलने से फसल ने आग पकड ली। फसल में आग लगने की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा आग बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई तथा आग बुझाने के काम में लग गई लेकिन तब तक गेहूं की फसल जल कर राख हो चुकी थी। जिस समय बिजली का तार टूटकर फसल पर गिरा उस समय मजदूर फसल काट रहे थे। मजदूर आग से बाल बाल बच गये।
आग से कामिल के अलावा आस पड़ोस के किसान असजद, अहसान , आरिफ, अरशद, कैशर, प्रमोद, राशिद, हसीन, फारूख, हसीब, राजुल, अयूब आदि की गेहूं की फसल भी जल गई। कामिल ने थाने में तहरीर देकर फसल में आग लगने की जिम्मेदारी विद्युत निगम पर डालते हुए कहा है कि गत दो वर्ष से विद्युत निगम से खेत से होकर गुजर रहे बिजली के तारों को ठीक कराने की मांग की जाती रही है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने जेई और लाइनमैन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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गांव बकारका निवासी कामिल पुत्र उमर हसन ने बरवाला जिला पंचकुला निवासी ओमप्रकाश एवं ब्रजमोहन पुत्र राधाकृष्ण की जमीन ठेके पर ले रखी थी। जमीन में गेहूं की फसल बो रखी थी। गेहूं की फसल को आज काटना था। इस खेत से होकर एचटी की लाइन गुजरती है, जो बहुत नीचे से होकर जाती है। कामिल ने बुधवार की सुबह बिजली घर में सूचना भी दे दी थी कि फसल की कटाई करनी है इसलिए लाइन का फ्यूज हटा दें। लेकिन उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। बुधवार दोपहर में करीब 11 बजे खेत के बीच से होकर जा रही विद्युत लाइन का तार टूटकर फसल पर गिर गया। तारों में से चिंगारी निकलने से फसल ने आग पकड ली। फसल में आग लगने की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा आग बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई तथा आग बुझाने के काम में लग गई लेकिन तब तक गेहूं की फसल जल कर राख हो चुकी थी। जिस समय बिजली का तार टूटकर फसल पर गिरा उस समय मजदूर फसल काट रहे थे। मजदूर आग से बाल बाल बच गये।
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आग से कामिल के अलावा आस पड़ोस के किसान असजद, अहसान , आरिफ, अरशद, कैशर, प्रमोद, राशिद, हसीन, फारूख, हसीब, राजुल, अयूब आदि की गेहूं की फसल भी जल गई। कामिल ने थाने में तहरीर देकर फसल में आग लगने की जिम्मेदारी विद्युत निगम पर डालते हुए कहा है कि गत दो वर्ष से विद्युत निगम से खेत से होकर गुजर रहे बिजली के तारों को ठीक कराने की मांग की जाती रही है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने जेई और लाइनमैन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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