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बिना कर्म के नहीं मिलता फल: सागर
Updated Sun, 01 Apr 2018 12:36 AM IST
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बिना कर्म के नहीं मिलता फल: सागर
सहारनपुर। जैन मुनि विरंजन सागर महाराज ने कहा कि हर व्यक्ति परिश्रम करता है। मगर, श्रम नहीं मिलता है। क्योंकि, सम्यक श्रम नहीं है। सम्यक रूप से किया हुआ कार्य सम्यक फल देता है। व्यक्ति पुरुषार्थ करता है। मनुष्य को क्या करना चाहिए, इसका ज्ञान नहीं है। बड़तला यादगर स्थित अतिथि भवन में विरंजन सागर महाराज ने कहा कि कार्यों में कमी नहीं है बल्कि कमी हमारे करने में है। हम कुछ करना नहीं चाहते और काम का फल लेना चाहते हैं। मगर, ऐसा नहीं होता है। हम सिर्फ अपने आप के लिए सोचते हैं। दूसरों का भला नहीं करना चाहते हैं और फल स्वयं लेना चाहते हैं। इसमें राजेश जैन, संजीव जैन, अवनीश जैन, अवनीश जैन, अरुण कुमार, पंडित राजकुमार, चंद्रभान जैन, राजन जैन, सौरभ जैन, कुलदीप जैन, अमन जैन, प्रमोद जैन, अंकुर जैन आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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सहारनपुर। जैन मुनि विरंजन सागर महाराज ने कहा कि हर व्यक्ति परिश्रम करता है। मगर, श्रम नहीं मिलता है। क्योंकि, सम्यक श्रम नहीं है। सम्यक रूप से किया हुआ कार्य सम्यक फल देता है। व्यक्ति पुरुषार्थ करता है। मनुष्य को क्या करना चाहिए, इसका ज्ञान नहीं है। बड़तला यादगर स्थित अतिथि भवन में विरंजन सागर महाराज ने कहा कि कार्यों में कमी नहीं है बल्कि कमी हमारे करने में है। हम कुछ करना नहीं चाहते और काम का फल लेना चाहते हैं। मगर, ऐसा नहीं होता है। हम सिर्फ अपने आप के लिए सोचते हैं। दूसरों का भला नहीं करना चाहते हैं और फल स्वयं लेना चाहते हैं। इसमें राजेश जैन, संजीव जैन, अवनीश जैन, अवनीश जैन, अरुण कुमार, पंडित राजकुमार, चंद्रभान जैन, राजन जैन, सौरभ जैन, कुलदीप जैन, अमन जैन, प्रमोद जैन, अंकुर जैन आदि मौजूद रहे। ब्यूरो