{"_id":"5c08294cbdec22415b09684a","slug":"121544038732-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीड़ हिंसा को रोकने के लिए सख्ती दिखाए शासन प्रशासन: मंसूरपुरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भीड़ हिंसा को रोकने के लिए सख्ती दिखाए शासन प्रशासन: मंसूरपुरी
Updated Thu, 06 Dec 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना महमूद मदनी गुट) के अध्यक्ष मौलाना कारी सैय्यद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी ने बुलंदशहर के स्याना में हुई हिंसा और भीड़ के हमले में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के शहीद होने पर गहरे दुख का इजहार किया है। मंसूरपुरी ने कहा कि भीड़ हिंसा मुल्क के लिए नासूर बनी हुई है। यह गंभीर समस्या है जिस पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
बुधवार को जारी बयान में मौलाना कारी उस्मान मंसूरपुरी ने कहा कि बुलंदशहर में हुई घटना केवल कानून व्यवस्था से जुड़ी हुई समस्या नहीं बल्कि क्षेत्र में दंगा भड़काने के लिए संगठित साजिश रची गई थी। सरकार और प्रशासन को यह समझना होगा कि कुछ सांप्रदायिक शक्तियां देश के युवाओं को विशेष समुदाय के खिलाफ लगातार भड़का रही है। इसलिए इस बात की सख्त जरूरत है कि ऐसे तत्वों को चिह्नित कर कानून की गिरफ्त में लाया जाए और आपसी सद्भाव बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में भीड़ हिंसा को गंभीर समस्या करार देते हुए सरकार और प्रशासन को सख्ती बरतने के आदेश दिए थे, लेकिन सरकार ने इस दिशा में आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से लॉ एंड आर्डर पर ध्यान देने तथा स्याना में हुई घटना के दोषियों को अंजाम तक पहुंचाने की मांग करते हुए कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
विज्ञापन
बुधवार को जारी बयान में मौलाना कारी उस्मान मंसूरपुरी ने कहा कि बुलंदशहर में हुई घटना केवल कानून व्यवस्था से जुड़ी हुई समस्या नहीं बल्कि क्षेत्र में दंगा भड़काने के लिए संगठित साजिश रची गई थी। सरकार और प्रशासन को यह समझना होगा कि कुछ सांप्रदायिक शक्तियां देश के युवाओं को विशेष समुदाय के खिलाफ लगातार भड़का रही है। इसलिए इस बात की सख्त जरूरत है कि ऐसे तत्वों को चिह्नित कर कानून की गिरफ्त में लाया जाए और आपसी सद्भाव बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में भीड़ हिंसा को गंभीर समस्या करार देते हुए सरकार और प्रशासन को सख्ती बरतने के आदेश दिए थे, लेकिन सरकार ने इस दिशा में आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से लॉ एंड आर्डर पर ध्यान देने तथा स्याना में हुई घटना के दोषियों को अंजाम तक पहुंचाने की मांग करते हुए कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
विज्ञापन