{"_id":"5b5e0af04f1c1b1e308b7ab0","slug":"121532889840-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लामबंद हुए अभिभावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ लामबंद हुए अभिभावक
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। निजी शिक्षण संस्थाओं खासकर पब्लिक स्कूलों पर शासन और प्रशासन द्वारा लगाम न लगाने से नाराज अभिभावक लामबंद हो रहे हैं। नगर के अभिभावकों ने दि ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पैरेंटस नाम से संगठन बनाया है, जिसकी बैठक रविवार को पंत विहार स्थित कार्यालय पर हुई। संगठन ने समस्याओं के निराकरण के लिए प्रशासन को ज्ञापन देने का निर्णय लिया। समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने का एलान किया।
बैठक में संगठन की अध्यक्ष ममता चौधरी ने कहा कि निजी स्कूल वर्षों से अभिभावकों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न करते आ रहे हैं। बच्चों के भविष्य को देखते हुए अभिभावक आवाज नहीं उठा पाते हैं। यदि कोई बोलता है तो उसके बच्चे को स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती है। प्रत्येक वर्ष एडमिशन फीस लेने के साथ ही हर बार ट्यूशन फीस में दस से 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी जाती है और अभिभावकों को बताया तक नहीं जाता है। यूनिफॉर्म और किताबों में मोटा कमीशन लेने का शगल बन गया है, जिसकी वजह से अभिभावक पिस रहे हैं। इसके अलावा प्रत्येक वर्ष तरह-तरह के शुल्क लेकर अभिभावकों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रदेश में शिक्षा का अधिकार कानून लागू है, मगर जनपद के पब्लिक स्कूल इस महत्वपूर्ण कानून को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन कई बार स्कूल संचालकों के साथ बैठक कर चुका है, मगर स्कूल संचालक फिर भी मनमानी ही कर रहे हैं। मगर अब अभिभावक चुप नहीं बैठेंगे। संगठन उनकी आवाज को उठाकर स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने का काम करेगा। संगठन पहले प्रशासन को ज्ञापन देकर स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग करेगा। यदि प्रशासन कोई कदम नहीं उठाता है तो संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा। बैठक में इंतखाब आजाद, अशोक कुमार, परवेज, अनिल कुमार, दीप नारायण ओझा, जसपाल सिंह, कांशीराम राठौर, ममता शिवा, नसीम अहमद, डॉ. अनीस अहमद, अरशद कुरैशी, डॉ. लियाकत अली, नवीन चौहान, एकलव्य चौधरी, साजिद अंसारी, अताउर्रहमान गौरी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैठक में संगठन की अध्यक्ष ममता चौधरी ने कहा कि निजी स्कूल वर्षों से अभिभावकों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न करते आ रहे हैं। बच्चों के भविष्य को देखते हुए अभिभावक आवाज नहीं उठा पाते हैं। यदि कोई बोलता है तो उसके बच्चे को स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती है। प्रत्येक वर्ष एडमिशन फीस लेने के साथ ही हर बार ट्यूशन फीस में दस से 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी जाती है और अभिभावकों को बताया तक नहीं जाता है। यूनिफॉर्म और किताबों में मोटा कमीशन लेने का शगल बन गया है, जिसकी वजह से अभिभावक पिस रहे हैं। इसके अलावा प्रत्येक वर्ष तरह-तरह के शुल्क लेकर अभिभावकों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रदेश में शिक्षा का अधिकार कानून लागू है, मगर जनपद के पब्लिक स्कूल इस महत्वपूर्ण कानून को भी ठेंगा दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन कई बार स्कूल संचालकों के साथ बैठक कर चुका है, मगर स्कूल संचालक फिर भी मनमानी ही कर रहे हैं। मगर अब अभिभावक चुप नहीं बैठेंगे। संगठन उनकी आवाज को उठाकर स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने का काम करेगा। संगठन पहले प्रशासन को ज्ञापन देकर स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग करेगा। यदि प्रशासन कोई कदम नहीं उठाता है तो संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा। बैठक में इंतखाब आजाद, अशोक कुमार, परवेज, अनिल कुमार, दीप नारायण ओझा, जसपाल सिंह, कांशीराम राठौर, ममता शिवा, नसीम अहमद, डॉ. अनीस अहमद, अरशद कुरैशी, डॉ. लियाकत अली, नवीन चौहान, एकलव्य चौधरी, साजिद अंसारी, अताउर्रहमान गौरी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन